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तमिलनाडु हिरासत में मौतः सीबीआई ने कहा, पिता-बेटे को सात घंटों तक प्रताड़ित किया गया था

इस साल जून में पुलिस हिरासत में हुई जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की मौत के मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि उन्हें इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि उनका ख़ून दीवारों पर फैल गया था. इसके बाद पुलिस ने उन्हें उनके ही कपड़ों से ख़ून पोंछने के लिए मजबूर किया.

बेनिक्स और पी. जयराज. (फोटो: पीटीआई)

बेनिक्स और पी. जयराज. (फोटो: पीटीआई)

चेन्नईः तमिलनाडु में इस साल जून महीने में पुलिस हिरासत में पिता-बेटे की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट में कहा गया है कि पुलिस ने दोनों को सात से अधिक घंटों तक प्रताड़ित किया था.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया है कि फोरेंसिक साक्ष्यों से पता चला है कि जयराज (59) और उनके बेटे बेनिक्स (31) को इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि उनका खून दीवारों पर फैल गया था. इसके बाद पुलिस ने उन्हें उनके ही कपड़ो से खून पोछने के लिए मजबूर किया था.

सीबीआई का कहना है कि पुलिस ने दोनों को शाम 7.45 से लेकर तड़के तीन बजे तक बर्बरता से प्रताड़ित किया था.

जयराज और बेनिक्स को कथित तौर पर कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर 19 जून को गिरफ्तार किया गया था. जयराज को सबसे पहले पुलिस थाने ले जाया गया था, जिसके बाद उनका बेटा बेनिक्स थाने पहुंचा, जहां उसे भी गिरफ्तार कर लिया.

पुलिसकर्मियों ने बेनिक्स को थाने के फर्श पर फैले खून को उसकी बनियान से पोछने के लिए मजबूर किया.

सीबीआई का कहना है कि पुलिस ने इस अपराध को छिपाने के लिए बेनिक्स और जयराज के खिलाफ झूठी एफआईआर भी दर्ज की थी. जांच से पता चला है कि पीड़ितों ने लॉकडाउन दिशानिर्देशों का उल्लंखन नहीं किया था.

सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि दोनों को जब अदालत ले जाया जा रहा था, तो उनके खून से सने कपड़ों को दिन में दो बार बदला गया था. खून से सने कपड़ों को परिवार को नहीं दिया गया था बल्कि उन्हें एक सरकारी अस्पताल के कूड़ेदान में फेंक दिया गया था.

सीबीआई ने कई प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस ने डंडों से पिता और बेटे से बर्बर मारपीट की. उनका खून दीवारों पर फैल गया.

चार्जशीट में कहा गया है, ‘इंस्पेक्टर एस श्रीधर ने पुलिसकर्मियों को उकसाया था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने दोनों की बर्बर पिटाई की. इंस्पेक्टर श्रीधर ने पुलिसकर्मियों को उकसाय़ा था कि वे बेनिक्स को सबक सिखाने के लिए उसकी अच्छे से पिटाई करे ताकि वह पुलिसकर्मियों से ठीक से व्यवहार करना सीख जाए. जब भी पुलिसकर्मी थोड़ा शांत होते, इंस्पेक्टर श्रीधर ने उकसाते और दोबारा पीडि़तों को प्रताड़ित करने को कहते.’

चार्जशीट में कहा गया, ‘उनके कपड़े उतार दिए गए, सिर्फ अंडरवियर में ही उन्हें मेज पर झुकने को मजबूर किया गया और उनके हाथ और पैर पीछे बांधकर उनकी पिटाई की गई. इस स्थिति में लाठी और डंडों से उनके नितंबों, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर पिटाई की गई. इस बीच जयराज ने उनसे मिन्नतें की कि हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह होने की वजह से वह ये चोटें सह नहीं पाएगा लेकिन किसी ने भी उन पर ध्यान नहीं दिया और दोनों से बर्बर मारपीट जारी रही. 19 जून शाम 7.45 मिनट से 20 जून तड़के तीन बजे तक दोनों से बर्बर मारपीट होती रही.’

इसके बाद दोनों की 22 जून को मौत हो गई.

सीबीआई ने मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष लैब विश्लेषण के नतीजे नाम से एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कहा गया है कि सथनकुलम पुलिस थाने से लिए गए डीएनए सैंपल्स मृतक पिता और बेटे से मेल खाते हैं.

सीबीआई ने यह भी कहा कि पिता और बेटे को दी गई यातना उनकी मौत का कारण बनी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि बर्बर मारपीट से ही दोनों की मौत हुई है. दोनों के शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे.