राजनीति

जम्मू कश्मीर: ज़िला विकास परिषद चुनाव, पंचायत और नगरपालिका उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी

जम्मू कश्मीर में ज़िला विकास परिषद चुनाव 28 नवंबर से 22 दिसंबर तक आठ चरणों में होंगे. ये चुनाव पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों के निरस्त होने के बाद यहां पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधि है. हालांकि कश्मीर के मुख्य दलों ने अब तक यह घोषणा नहीं की है कि वे इस चुनाव में भाग लेंगे या नहीं.

Ananatnag: An elderly voter puts her thumb impression before casting her vote at a polling station during the third phase of Lok Sabha elections, in Anantnag, Tuesday, April 23, 2019. (PTI Photo/S Irfan) (PTI4_23_2019_000223B)

(फाइल फोटो: पीटीआई)

जम्मू: जम्मू कश्मीर राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने बृहस्पतिवार को 20 जिलों में जिला विकास परिषदों (डीडीसी) के लिए चुनाव और पंचायतों के उपचुनाव के लिए पहली अधिसूचना जारी की.

डीडीसी चुनाव 28 नवंबर से 22 दिसंबर तक आठ चरणों में होंगे. यह चुनाव पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों के निरस्त होने के बाद पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधि है.

सरकार ने अक्टूबर में जम्मू कश्मीर पंचायती राज अधिनियम में संशोधन किया था ताकि प्रत्येक जिले में जिला विकास परिषदों की स्थापना की जा सके, जिसमें सीधे निर्वाचित सदस्य होंगे.

इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) हिरदेश कुमार ने नगर निकायों के लिए आठ चरण के उपचुनाव के लिए पहली अधिसूचना जारी की.

अधिसूचना के अनुसार, नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि अगला बृहस्पतिवार (12 नवंबर) है, एक दिन बाद जांच की जाएगी और 16 नवंबर तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकेगी.

उन्होंने कहा कि मतदान 28 नवंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक होगा और पंचायत उपचुनाव की मतगणना उसी दिन होगी और डीडीसी चुनाव के लिए मतगणना 22 दिसंबर को होगी.

उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों के लिए परिसीमन किया गया था और प्रत्येक जिलों में 14 डीडीसी निर्वाचन क्षेत्रों के साथ पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 280 डीडीसी की पहचान की गई है.

उन्होंने कहा कि डीडीसी का कार्यकाल पांच साल के लिए होगा. कुमार ने बताया कि डीडीसी चुनाव दलीय आधार पर होंगे, जबकि पंचायत उपचुनाव गैर-दलीय आधार पर होंगे.

यह पहली बार होगा जब पश्चिम पाकिस्तानी शरणार्थी (डब्ल्यूपीआर), वाल्मीकि और गोरखा लोग इन चुनावों में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

शर्मा ने 12,153 सरपंचों और पंचों का चुनाव करने के लिए पंचायतों के लिए आठ चरण के उपचुनाव कराने के लिए भी पहली अधिसूचना जारी की. चुनाव कश्मीर घाटी के 10 जिलों में फैले 24 प्रखंडों और जम्मू संभाग के छह जिलों के 53 प्रखंडों के लिए होंगे.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एच. कुमार ने 28 नवंबर से 234 खाली वार्डों के लिए नगरपालिका शहरी स्थानीय निकायों के लिए आठ चरण के उपचुनाव कराने के लिए भी पहली अधिसूचना जारी की.

बीते चार नवंबर को राज्य निर्वाचन आयुक्त शर्मा ने कहा कि चुनाव से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ विचार और अन्य सभी प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखने के बाद जम्मू कश्मीर के 20 डीडीसी के लिए आठ चरणों में चुनाव आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिनमें से 10 जम्मू क्षेत्र में और 10 कश्मीर क्षेत्र में है. प्रत्येक डीडीसी में 14 निर्वाचन क्षेत्र होंगे.

डीडीसी और पंचायत उपचुनाव के लिए मतदान मतपत्र के माध्यम से होगा, जबकि नगरपालिका की सीटों के लिए उपचुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से किया जाएगा.

हालांकि कश्मीर के मुख्य दलों ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि वे इस चुनाव में भाग लेंगे या नहीं.

जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा,  ‘डीडीसी और बीडीसी चुनाव में भाग लेने के संबंध में आने वाले कुछ दिनों कांग्रेस इस संबंध में फैसला लेगी. हालांकि सरकार और चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा करना दुर्भाग्यपूर्ण हैं.’

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 73वें संविधान संशोधन को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में पूरी तरह से लागू कर दिया है, जो 28 वर्षों से लंबित था. इसके साथ ही पहली बार जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज संस्थानों के तीनों स्तरों का गठन किया जाएगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)