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गुजरातः रिक्शा चलाने से कथित तौर पर इनकार करने से दलित युवक की अपहरण के बाद हत्या

गुजरात के भावनगर ज़िले के मातलपुर गांव की घटना. एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि मृतक दलित थे और उन्होंने काम करने से इनकार कर दिया था, इसलिए उनकी हत्या कर दी गई. मृतक पर चार आपराधिक मामले दर्ज थे और एक आरोपी की चचेरी बहन से छेड़खानी का भी आरोप था.

Bhavnagar

राजकोटः गुजरात के भावनगर जिले में रिक्शा चलाने वाले एक दलित युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई, क्योंकि युवक ने आरोपियों में से एक के रिश्तेदार के लिए रिक्शा चलाने से इनकार कर दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना भावनगर जिले के जेसर तालुका के मातलपुर गांव में हुई. पुलिस का कहना है कि इस संबंध में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

एफआईआर के अनुसार, 22 वर्षीय रिक्शा चालक सुरेश राठौड़ निको नाम के एक शख्स के लिए रिक्शा चलाते थे. निको आरोपियों में से एक गोबर भालिया के चाचा थे.

मृतक सुरेश के पिता हरिभाई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया है कि सुरेश ने हाल ही में निको के लिए रिक्शा चलाने से इनकार कर दिया था. इससे मामले के तीनों आरोपी मुकेश भालिया, हिम्मत चूड़ास्मा और गोबर भालिया नाराज हो गए थे.

यह तीनों कोली समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो ओबीसी के तहत आता है.

पुलिस का कहना है कि मुकेश भालिया ने कथित तौर पर सुरेश का मातलपुर स्थित उनके घर से अपहरण कर लिया था. उन्हें गांव के ही देवाभाई के घर ले गए थे. हिम्मत और मुकेश ने सुरेश को पकड़े हुए थे, जब दो अज्ञात लोगों ने चाकू मारकर उनकी हत्या कर दी.

शिकायत में कहा गया, ‘सुरेश दलित थे और उन्होंने काम करने से इनकार कर दिया था, इसलिए आरोपियों ने उनका अपहरण किया और हत्या कर दी.’

बागडना पुलिस ने मुकेश, गोबर, हिम्मत और दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, अपहरण, आपराधिक साजिश और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया.

भावनागर जिले के पुलिस अधीक्षक जयपालसिंह राठौर ने कहा, ‘इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित पर भी चार आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें से दो निवारक कानून के तहत थे और आरोपियों के साथ दूसरे विवाद भी थे. सुरेश ने पहले आरोपी मुकेश की चचेरी बहन से छेड़खानी की थी, जिसके बाद दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था.’