राजनीति

टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी, सांसद सुनील मंडल भाजपा में शामिल, नौ विधायक भी पार्टी में आए 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में पांच तृणमूल कांग्रेस के हैं. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में अगली सरकार भाजपा बनाएगी. अमित शाह ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव आने तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री अपनी पार्टी में अकेली रह जाएंगी.

West Midnapore: Union Home Minister Amit Shah (R) with Subhendu Adhikary (2L), former TMC leader who joined BJP, during an election rally ahead of West Bengal Assembly polls 2021, in West Midnapore district, Saturday, Dec. 19, 2020. (PTI Photo)(PTI19-12-2020 000181B)

पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हो गए. (फोटो: पीटीआई)

मेदिनीपुर/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी विभिन्न दलों के नौ विधायकों और तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद के साथ शनिवार को मेदिनीपुर में हुई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में भाजपा में शामिल हो गए.

अधिकारी ने इस सप्ताह की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री पद भी छोड़ दिया था. वह विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन अभी इसे स्वीकार नहीं किया गया है.

बर्द्धमान पूर्व लोकसभा सीट से दो बार के तृणमूल कांग्रेस सांसद सुनील मंडल ने भी भाजपा का दामन थाम लिया. वह पिछले कुछ दिनों से मुखर तरीके से तृणमूल नेतृत्व के साथ अपने मतभेदों पर बोल रहे थे.

भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में पांच तृणमूल कांग्रेस के हैं.

मेदिनीपुर के कॉलेज ग्राउंड में आयोजित विशाल रैली में तृणमूल कांग्रेस विधायक बनश्री मैती, शीलभद्र दत्ता, बिस्वजीत कुंडू, शुक्र मुंडा और सैकत पांजा ने भाजपा का झंडा थामा.

गाजोले सीट पर 2016 में माकपा के टिकट पर जीतने वाली विधायक दीपाली बिस्वास को भी भाजपा में शामिल कराया गया. वह 2018 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई थीं. उन्होंने माकपा से विधानसभा की सदस्यता नहीं छोड़ी है.

हल्दिया से माकपा विधायक तापस मंडल, तामलुक से भाकपा विधायक अशोक दिंडा और पुरुलिया से कांग्रेस विधायक सुदीप मुखर्जी भी भाजपा में शामिल हो गए.

पूर्व तृणमूल सांसद दशरथ तिर्की ने भी भाजपा की सदस्यता ले ली.

पूर्व मंत्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस, वाम और कांग्रेस के कई जिला स्तर के नेता भी भाजपा के खेमे में आ गए.

बंगाल में अगली सरकार भाजपा बनाएगी: शुभेंदु अधिकारी

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का संकल्प लेते हुए शनिवार को विश्वास जताया कि उनकी नई पार्टी (भाजपा) राज्य में अगली सरकार बनाएगी.

उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस भगवा पार्टी के कारण ही अस्तित्व में आई थी.

उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं पहली बार अमित शाह से 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मिला था. जब मुझे कोविड था, तब मेरी पूर्व पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) ने मेरे स्वास्थ्य के बारे में नहीं पूछा, जबकि अमित शाह ने दो बार पूछा कि मेरी तबियत कैसी है.’

उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि भाजपा राष्ट्रवाद और बहुलवाद में यकीन करती है. अधिकारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस राज्य को स्थानीय और बाहरी लोगों के आधार पर विभाजित करना चाहती है.

अधिकारी ने रैली में कहा, ‘इस तरह की संकीर्ण राजनीति के लिए तृणमूल कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे वे लोग गद्दार कह रहे हैं जो खुद (तृणमूल कांग्रेस के) गद्दार हैं. यदि भाजपा यहां नहीं होती, तृणमूल कांग्रेस अस्तित्व में नहीं आती. अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा बंगाल में जीत हासिल करेगी और तृणमूल कांग्रेस पराजित होगी. ’’

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के जमीनी सदस्यों के नाम अपने एक खुले पत्र में शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल एक अहम मोड़ पर खड़ा है, क्योंकि राज्य के लोग 2021 के विधानसभा चुनाव में जो विकल्प चुनेंगे, उसका उन पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा.

ममता बनर्जी नीत पार्टी तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अधिकारी ने कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी में समस्याओं ने गहरी जड़ें जमा ली हैं.

अधिकारी ने कहा, ‘न तो पश्चिम बंगाल और न ही तृणमूल कांग्रेस, किसी की जागीर है.’

उन्होंने पत्र में लिखा है कि पार्टी एक दिन में और किसी एक व्यक्ति के योगदान से नहीं बनी है. यह एक निरंतर एवं व्यापक स्तर पर किए गए प्रयासों से बनी है, जिसकी परिणिति 2011 में पश्चिम बंगाल की सत्ता में तृणमूल कांग्रेस के आने के रूप में हुई.

उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस, जिसे सामान्य लोगों ने नि:स्वार्थ भावना से एक-एक ईंट जोड़ कर बनाया है, अब ऐसे लोगों से भर गई है जिन्हें खुद के अलावा किसी और की परवाह नहीं है.

चुनाव आने तक, ममता अकेली रह जाएंगी: अमित शाह

पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा को लेकर ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर और लोग भाजपा में आएंगे तथा चुनाव आने तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री अपनी पार्टी में अकेली रह जाएंगी.

पार्टी की मेदिनीपुर में हुई एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है, जिसकी वजह से वह जनता से कट गई है.

उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा प्रदेश में 200 से ज्यादा सीटों के साथ अगली सरकार बनाएगी. पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 सीट हैं.

शाह का यह बयान उस दिन आया है जब पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी, विभिन्न दलों के नौ अन्य विधायकों और टीएमसी के एक सांसद ने भाजपा का दामन थाम लिया.

उन्होंने कहा, ‘मैं स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता हूं कि भाजपा 200 से ज्यादा सीटों के साथ प्रदेश में अगली सरकार बनाएगी. टीएमसी की राजनीतिक हिंसा और धमकाने का कोई फायदा नहीं होगा. भाजपा अध्यक्ष के काफिले पर हमला हुआ, हमारी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं की हत्या हुई.’

उन्होंने दोहराया, ‘आप (टीएमसी) जितनी हिंसा करेंगे, भाजपा उतनी ही मजबूत होगी.’

विधानसभा चुनावों से पहले बहुत से लोगों के प्रदेश में सत्ताधारी दल छोड़ने पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘चुनाव आने तक, ममता बनर्जी अपनी पार्टी में अकेली रह जाएंगी.’

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रैली के दौरान अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के पार्टी में बढ़ते कद को लेकर लोगों और पार्टी में  बढ़ते असंतोष का उल्लेख किया. अधिकारी ने एक नारा भी दिया, ‘भाईपो हटाओ (भतीजे को हटाओ).’

मालूम हो कि पश्चिम बंगाल में बैरकपुर के विधायक शीलभद्र दत्ता ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. पिछले 24 घंटे में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था.

विधायक शीलभद्र दत्ता से पहले बीते बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सहयोगी शुभेंदु अधिकारी और पांडबेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी ने इस्तीफा दे दिया था.

शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम आंदोलन के चेहरा रहे हैं, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राजनीतिक बढ़त मिली और वह वर्ष 2011 में पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हुईं.

तृणमूल कांग्रेस से दो दशक का नाता तोड़ने पर पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेता अधिकारी ने ममता बनर्जी को उन्हें अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि पार्टी सदस्य के तौर पर बिताए गए समय का वह हमेशा कद्र करेंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)