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देश के दस राज्यों में अब तक बर्ड फ्लू की दस्तक

केंद्र की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को जलाशयों, जीवित पक्षी बाज़ारों, मुर्गीपालन केंद्रों और चिड़ियाघरों आदि के आसपास निगरानी बढ़ाने का अनुरोध किया गया है. साथ ही मृत पक्षियों को प्रोटोकॉल के तहत दफ़नाने और मुर्गीपालन केद्रों में पक्षियों की सुरक्षा को लेकर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः केंद्र सरकार का कहना है कि अब तक देश के 10 राज्यों में बर्ड फ्लू प्रकोप की पुष्टि हो चुकी है. इसके साथ ही जलाशयों, जीवित पक्षियों के बाजार, मुर्गीपालन केंद्रों और चिड़ियाघरों के आसपास निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने जारी बयान में कहा, ‘11 जनवरी 2021 तक देश के 10 राज्यों में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हो चुकी है.’

इससे पहले दस जनवरी तक सात राज्यों- केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू के प्रकोप की पुष्टि हो चुकी थी.

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का कहना है कि उत्तराखंड के कोटद्वारा और देहरादून जिलों में कौओं की मौत की पुष्टि हुई है.

वहीं, सोमवार को दिल्ली, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में भी इस वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई.

राज्यों को जनता के बीच जागरूकता फैलाने और फर्जी सूचनाओं के प्रसार की रोकथाम के निर्देश दिए गए हैं.

बयान के मुताबिक, ‘राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को जलाशयों, जीवित पक्षी बाजारों, मुर्गीपालन केंद्रों और चिड़ियाघरों आदि के आसपास निगरानी बढ़ाने का अनुरोध किया गया है. इसके साथ ही मृत पक्षियों को प्रोटोकॉल के तहत दफनाने और मुर्गीपालन केद्रों में पक्षियों की सुरक्षा को लेकर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया गया है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में कहा कि केरल, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है.

उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए पोल्ट्री फार्म, चिड़ियाघर, जल निकायों पर लगातार नज़र रखी जानी चाहिए.

केंद्र ने पक्षियों को मारने की कार्रवाई के लिए राज्यों को पर्याप्त संख्या में पीपीई किट और अन्य आवश्यक उपकरणों का भंडारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है.

राज्य के पशुपालन विभागों से कहा गया है कि वे बीमारी की स्थिति पर करीबी निगरानी और मनुष्यों में बीमारी के संचरण की किसी भी आशंका से बचाव के वास्ते स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ प्रभावी संचार और समन्वय सुनिश्चित करें.

दिल्ली में ‘बर्ड फ्लू’ की पुष्टि, भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए नमूनों में संक्रमण

भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए सभी आठ नमूनों में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद दिल्ली में ‘बर्ड फ्लू’ की पुष्टि हो गई है.

विकास विभाग के तहत पशुपालन विभाग के डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि मयूर विहार फेस-3 के पार्क से चार, संजय झील से तीन और द्वारका से भेजे एक नमूने में ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ संक्रमण की पुष्टि हुई है.

उन्होंने बताया कि नमूनों की रिपोर्ट सोमवार सुबह आई.

दिल्ली में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि के मद्देनजर राज्य के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जनता को नहीं घबराने का अनुरोध किया है.

उन्होंने कहा, ‘मैं आम जनता से अनुरोध करता हूं कि वे घबराएं नहीं. सरकार सभी एहतियाती कदम उठा रही है. दिल्ली के बाहर से प्रोसेस्ड चिकन की सप्लाई पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है.’

अधिकारियों ने पहले बताया था कि मयूर फेस-3 के सेंट्रल पार्क में पिछले तीन से चार दिनों में करीब 50 कौवे मृत मिले हैं.

दिल्ली की संजय झील को रविवार को 17 और बत्तखों के मृत पाए जाने के बाद ‘अलर्ट जोन’ घोषित कर दिया गया. दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इस मशहूर जलाशय तथा पार्क को 10 बत्तखों के मृत पाए जाने के बाद शनिवार को बंद कर दिया था.

सिंह ने बताया कि कुछ नमूने जालंधर भी भेजे गए हैं और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है.

अधिकारियों ने हौज खास पार्क, द्वारका सेक्टर-9 पार्क, हस्तसाल पार्क और संजय झील को पहले ही एहतियाती तौर पर बंद कर दिया था.

अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के लोकप्रिय हौज खास पार्क को बंद कर दिया गया है, जो एक बड़ा जलाशय केंद्र है और वहां हर रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. हालांकि वहां अभी तक किसी पक्षी की मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है.

दिल्ली के सबसे बड़े पोल्ट्री मार्केट मुर्गा कुक्कुट बाजार को भी बंद कर दिया गया है.

महाराष्ट्र: परभणी में मृत पाई गईं 900 मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि

महाराष्ट्र के परभणी स्थित एक पोल्ट्री फार्म में पिछले कुछ दिनों में करीब 900 मुर्गियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण होने की पुष्टि हुई है.

जिलाधिकारी दीपक मुगलीकर ने बताया कि जिला प्रशासन ने मुरुम्बा गांव में मुर्गियों की मौत के बाद गांव में करीब 8,000 पक्षियों को मारने का फैसला किया है.

इससे पहले, मुगलीकर ने बताया था कि मुरुम्बा गांव स्थित पोल्ट्री फार्म में 900 मुर्गियों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा था कि मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है.

बर्ड फ्लू की वजह से महाराष्ट्र के मुंबई में पोल्ट्री कारोबार प्रभावित हुआ है.

मुगलीकर ने सोमवार को कहा, ‘बर्ड फ्लू के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है, इसलिए हमने उस स्थान के एक किलोमीटर के दायरे में पक्षियों को मारने का फैसला किया है, जहां मुर्गियों की मौत हुई है.’

उन्होंने कहा, ‘जिस स्थान पर पक्षियों की मौत हुई है, हमने उसके 10 किलोमीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र बना दिया है. वहां से किसी पक्षी को बाहर नहीं भेजा जाएगा. हमारी चिकित्सकीय टीम वहां मौजूद है और वह गांव के सभी लोगों की जांच कर रही है.’

उन्होंने कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और जिला प्रशासन सभी सावधानियां बरत रहा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)