राजनीति

पश्चिम बंगाल: टिकट न मिलने से नाराज़ टीएमसी के पांच विधायकों ने थामा भाजपा का दामन

विधानसभा चुनाव राउंडअप: असम चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज़ भाजपा के मंत्री सुम रोंगहांग कांग्रेस में शामिल हो गए. पुदुचेरी में कांग्रेस ने कार्यकारी अध्यक्ष एकेडी अरुमुगम को दूसरी पार्टी में शामिल होने से पहले निष्कासित कर दिया. डीएमके ने आश्वासन दिया कि यदि वह तमिलनाडु में सत्ता में आई, तो सभी परिवारों की महिला मुखिया को एक हज़ार रुपये प्रति माह सहायता दी जाएगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कोलकाता/नई दिल्ली/गुवाहाटी/चेन्नई: पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पांच विधायकों को जब पार्टी ने टिकट देने से इनकार कर दिया तब सोमवार को उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इनमें से चार विधायक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और टीएमसी से ही भाजपा में शामिल होने वाले शुभेंदु अधिकारी और मुकुल रॉय की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए.

ये पांच विधायक सोनाली गुहा, दिपेंदु बिश्वास, रविंद्रनाथ भट्टाचार्य, जातु लाहिरी और शीतल कुमार सरदार हैं. इसके अलावा हबीबपुर से टीएमसी प्रत्याशी सरला मुर्मु ने भी भाजपा का दामन थाम लिया.

एबीपी न्यूज के अनुसार, रबिंद्रनाथ भट्टाचार्य 2001 से सिंगुर विधानसभा सीट से टीएमसी के रहे विधायक हैं. इस बार 80 साल के ज़्यादा उम्र के किसी को टीएमसी ने टिकट नहीं दिया था और इसलिए रबिन्द्रनाथ भट्टाचार्य को टिकट नही मिला था.

चुनावों को हवाला देकर टीएमसी ने संसद सत्र स्थगित करने की मांग की

तृणमूल कांग्रेस ने चार राज्यों और केंद्र शासित पुदुचेरी में जारी विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया का हवाला देते हुए संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण को स्थगित करने की सोमवार को मांग की.

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को लिखे एक पत्र में तृणमूल कांग्रेस के सदस्य और प्रवक्ता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि चुनावों के कारण उनकी पार्टी के सदस्य संसद सत्र में उपस्थित नहीं रह सकेंगे.

उन्होंने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस का नेता (राज्यसभा) होने के नाते मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं. पांच राज्यों में चुनावों की घोषणा के कारण मैं आपसे चालू संसद सत्र को स्थगित करने पर विचार करने का आग्रह करता हूं.’

उन्होंने पत्र में लिखा, ‘निर्वाचन आयोग ने 26 फरवरी को पश्चिम बंगाल सहित चार राज्यों व पुदुचेरी में चुनाव की घोषणा की है. राज्य में चुनाव की व्यापक तैयारियों के कारण ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों को आठ मार्च से आरंभ हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में शामिल होने पर परेशानियां होंगी.’

तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने इसी विषय पर एक पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा है और चुनावों के कारण सत्र स्थगित करने का आग्रह किया है.

ओ’ब्रायन ने आठ मार्च को लिखे पत्र में यह हवाला भी दिया है कि दो ऐसे मौके आए जब चुनावों के कारण पूर्व में संसद सत्र को स्थगित कर दिया गया था.

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि संसद के 222वें सत्र के दौरान असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के कारण सदन की कार्यवाही 25 मार्च 2011 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था.

उन्होंने दूसरा उदाहरण संसद के 214वें सत्र का दिया जब चुनावों के कारण सत्र स्थगित कर दिया गया था.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘मुझे उम्मीद है कि आप हमारे इस प्रस्ताव पर विचार करेंगे.’

बजट सत्र का दूसरा चरण आठ मार्च से आरंभ हो गया. हालांकि इसके जल्द स्थगित होने की संभावना जताई जा रही है. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक यह सत्र आठ अप्रैल तक चलना है.

असम: टिकट नहीं मिलने से नाराज मंत्री कांग्रेस में शामिल हुए

असम विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा के मंत्री सुम रोंगहांग रविवार को विपक्षी दल कांग्रेस में शामिल हो गए.

सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस रोंगहांग को दिफु सीट से मैदान में उतार सकती हैं, जहां से वह विधायक हैं.

कांग्रेस में शामिल होते असम सरकार में भाजपा के मंत्री सुम रोंगहांग. (फोटो: पीटीआई)

रविवार को कांग्रेस में शामिल होते असम सरकार में भाजपा के मंत्री सुम रोंगहांग (बाएं से दूसरे). (फोटो: पीटीआई)

राज्य के खनन मंत्री रोंगहांग एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष रिपुन बोरा की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए.

मंत्री ने कहा, ‘जिस तरह मेरा टिकट काटा गया वो तरीका मुझे पसंद नहीं आया. मैंने पूरी जिम्मेदारी से अपना कर्तव्य निभाया. कुछ लोगों की साजिश के चलते मुझे टिकट नहीं दिया गया.’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपारदर्शी तरीके से कार्य करती है.

रोंगहांग ने कहा, ‘मुझे लगता है कि भाजपा में रहकर मैं जनता के लिए काम नहीं कर पाऊंगा, इसलिए मैंने भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है.’

असम: कांग्रेस ने तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की

कांग्रेस ने असम की तीन महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों तीताबोर, धकुअखाना और नौबिखा के लिए रविवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी. इन सीटों पर 27 मार्च को पहले चरण में मतदान होना है.

असम में तीन चरणों मे विधानसभा चुनाव होने हैं. पहले चरण में 47 सीटों के लिए मतदान होगा. कांग्रेस ने शनिवार को इन 47 में से 40 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की थी.

कांग्रेस ने तीताबोर सीट से भास्कर ज्योति बरुआ को टिकट दिया है. राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रहे तरुण गोगोई ने पिछली बार इस सीट से चुनाव जीता था, जिनका गत वर्ष 23 नवंबर को निधन हो गया.

नौबिखा सीट से पूर्व मंत्री भरत चंद्र नराह को टिकट दिया गया है, जबकि धकुअखाना से पद्म लोचन दोले को उम्मीदवार बनाया गया है.

पार्टी ने बोकाखाड, ढींग, तिनसुकिया और बेहाली सीट अपने गठबंधन साझेदारों के लिए छोड़ दी हैं.

कांग्रेस ने आगामी चुनाव के लिए छह दलों के साथ महागठबंधन किया है, जिनमें एआईयूडीएफ, बीपीएफ, माकपा, भाकपा, भाकपा-माले और आंचलिक गण मोर्चा शामिल हैं.

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में चुनाव होगा. पहले चरण में 27 मार्च को , दूसरे चरण में एक अप्रैल और तीसरे एवं अंतिम चरण में छह अप्रैल को मतदान होगा.

असम: एआईयूडीएफ ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की

असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत महागठबंधन के प्रमुख घटक दल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने रविवार रात 16 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की और कहा कि उसने अपने 13 मौजूदा विधायकों में से सात को फिर से टिकट दिया है.

एआईयूडीएफ महागठबंधन का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस, बीपीएफ, माकपा, भाकपा, भाकपा-माले और आंचलिक गण मोर्चा शामिल हैं.

ढींग विधानसभा सीट से विधायक अमीन-उल-इस्लाम को एक बार फिर टिकट दिया गया है. एआईयूडीएफ ने जिन 16 सीटों पर उम्मीदवार के नामों का ऐलान किया है, उनमें से केवल ढींग में 27 मार्च को पहले चरण में मतदान होगा.

पार्टी अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल के भाई सिराजुद्दीन अजमल को जमुनामुख सीट से टिकट दिया गया है. उन्हें बदरुद्दीन के बेटे तथा मौजूदा विधायक अब्दुल रहीम अजमल की जगह उम्मीदवार बनाया गया है.

एजेपी ने असम चुनाव के लिए 50 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की

नवगठित असम जातीय परिषद (एजेपी) ने राज्य में तीन चरणों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को 50 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की. पार्टी के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई एक और सीट नाहरकटिया से भी चुनाव लड़ेंगे.

(फोटो साभार: ट्विटर)

(फोटो साभार: ट्विटर)

पार्टी ने शुक्रवार को 18 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी और गोगोई को दुलियाजान से मैदान में उतारा था.

पूर्व एएएसयू महासचिव जिन दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं, वे दोनों ऊपरी असम में हैं और वहां पहले चरण के तहत मतदान होगा.

एजेपी के उपाध्यक्ष अदीप कुमार फुकन ने कहा कि पार्टी ने सभी तीनों चरणों के लिए 68 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है और कुछ और सीटों पर प्रत्याशियों के चयन के लिए अपने गठबंधन के साथी के साथ बातचीत कर रही है.

एजेपी ने विधानसभा चुनाव के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई के रायजोर दल के साथ गठबंधन किया है.

फुकन ने कहा, ‘हम भाजपा को हराने के लिए एकजुट हैं, हालांकि कुछ सीटों पर दोस्ताना मुकाबले हो सकते हैं.’

एजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष पबिंद्र डेका, पथाचारकुची से चुनाव लड़ेंगे और उनका मुकाबला भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास से होगा.

पुदुचेरी: सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और डीएमके की बातचीत बेनतीजा

कांग्रेस और इसकी सहयोगी पार्टी डीएमके के नेताओं ने छह अप्रैल को होने वाले पुदुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर रविवार को बातचीत की, लेकिन यह बेनतीजा रही.

कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया कि वे किसी फैसले पर नहीं पहुंच पाए और विधानसभा की 30 सीटों के बंटवारे के लिए वार्ता बेनतीजा रही. यह बैठक यहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई.

कांग्रेस ने 2016 के चुनाव में 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और 15 पर जीत हासिल की थी, जबकि डीएमके नौ सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें से वह दो सीटों पर विजयी रही थी.

पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने विचारों का आदान-प्रदान किया. जल्द ही हमारी अगले दौर की वार्ता होगी और अंतिम फैसले के लिए अपने-अपने पार्टी आला कमानों को सूचित करेंगे. ’

उन्होंने दावा किया कि गठबंधन मजबूत है और लोग भाजपा नीत राजग को कामकाज की उसकी अलोकतांत्रिक शैली को लेकर सबक सिखाएंगे.

पुदुचेरी: दूसरी पार्टी में जाने से पहले कांग्रेस ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष को निष्कासित किया

पुदुचेरी में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एकेडी अरुमुगम को रविवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों से ठीक कुछ सप्ताह पहले वह विपक्षी एआईएनआरसी में शामिल हो गए.

प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष एवी सुब्रमणियन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पार्टी को सूचना मिली थी कि अरुमुगम ‘किसी अन्य पार्टी’ में शामिल होने के लिए प्रयास कर रहे हैं और इसलिए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया और उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया.

इस बीच यह घोषणा की गई कि अरुमुगम ने एआईएनआरसी संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी से मुलाकात की और पार्टी में शामिल हो गए.

पुदुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए छह अप्रैल को चुनाव होंगे.

तमिलनाडु: परिवारों की महिला मुखिया को हजार रुपये प्रति माह देने का डीएमके का वादा

डीएमके ने तमिलनाडु के लोगों को रविवार को आश्वासन दिया कि यदि वह राज्य विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई, तो सभी परिवारों की महिला मुखिया को एक हजार रुपये प्रति माह वित्तीय सहायता दी जाएगी.

पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन ने एक चुनाव रैली में कहा कि इससे उन सभी परिवारों को फायदा मिलेगा, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से जरूरी चीजें खरीदते हैं.

एमके स्टालिन (फाइल फोटो: फेसबुक/द्रमुक)

एमके स्टालिन (फाइल फोटो: फेसबुक/द्रमुक)

उन्होंने राज्य के विकास के लिए दस साल का एक दृष्टिपत्र भी जारी किया. पार्टी 10 साल विपक्ष में रहने के बाद सत्ता में लौटने के लिए पूरा प्रयास कर रही है.

स्टालिन ने कहा, ‘तमिलनाडु में सभी परिवारों की महिला मुखिया के लिए हम 1000 रुपये की अधिकार सहायता देने जा रहे हैं. जो परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से जरूरी चीजें लेते हैं, वे अवश्य ही इससे लाभान्वित होंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)