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इज़रायल के हमले में गाज़ा में 39 बच्चों सहित 139 लोगों की मौत

इज़राइल और उग्रवादी संगठन हमास के बीच जारी लड़ाई के दौरान वेस्ट बैंक में भी फ़लस्तीनियों ने व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन किया और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में इज़राइली सेना के साथ झड़प की. इस दौरान इज़राइली सेना की कार्रवाई में कम से कम 11 लोग मारे गए हैं.

Smoke and flames rise during an Israeli air strike, amid a flare-up of Israeli-Palestinian violence, in Gaza City May 14, 2021. REUTERS/Mohammed Salem

(फोटो: रॉयटर्स)

गाजा सिटी: गाजा सिटी में शनिवार तड़के इजराइल के हवाई हमले में कम से कम 10 फलस्तीनियों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश बच्चे थे. गाजा के उग्रवादी हमास शासकों के साथ लड़ाई शुरू होने के बाद से इजराइल के एक हमले में मरने वाले लोगों की यह सबसे अधिक संख्या है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, रातभर चले हमले में गाजा को चलाने वाले इस्लामी संगठन हमास ने इजरायल के शहरों में करीब 200 रॉकेट दागे.

फलस्तीनी डॉक्टरों ने कहा, ‘बीते 10 मई से शुरू हुए हमलों में गाजा में 39 बच्चों सहित 139 लोगों की मौत हो चुकी है.’

वहीं, इजरायल ने बच्चों सहित नौ लोगों की मौत की बात कही है.

पिछले महीने यरुशलम में तनाव से शुरू हुआ यह संघर्ष व्यापक पैमाने पर फैल गया है. अरब और यहूदियों की मिश्रित आबादी वाले इजराइली शहरों में रोज हिंसा देखी जा रही है.

10 मई की रात से लेकर अब तक हमास ने इजराइल में सैकड़ों रॉकेट दागे हैं. गाजा से रॉकेट दागने और फलस्तीनियों पर इजराइल की बमबारी शनिवार तड़के भी जारी रही.

गाजा सिटी में एक शरणार्थी शिविर के पास तीन मंजिला मकान पर हवाई हमले में कम से कम आठ बच्चे और दो महिलाएं मारी गईं.

मोहम्मद अबू हताब ने पत्रकारों को बताया कि उनकी पत्नी और पांच बच्चे रिश्तेदारों के साथ ईद का जश्न मनाने गए थे. उनकी पत्नी तथा छह से 14 साल के तीन बच्चे मारे गए, जबकि 11 साल का बच्चा लापता है. केवल पांच महीने का बच्चा उमर जीवित है.

इसके कुछ देर बाद हमास ने बताया कि उसने हवाई हमले के जवाब में दक्षिण इजराइल में कई रॉकेट दागे हैं.

इससे एक दिन पहले इजराइल ने रातभर टैंक से हवाई हमले किए, जिससे कुछ शहरों में तबाही मच गई तथा एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग अपने घरों को छोड़कर भाग गए.

इजराइली सेना ने बताया कि अभियान में 160 युद्धक विमानों ने 40 मिनट में 80 टन विस्फोटक गिराए और सुरंगों के उस जाल को नष्ट कर दिया, जिनका इस्तेमाल हमास करता था.

इजराइली मीडिया ने कहा कि सेना का मानना है कि सुरंगों में दर्जनों उग्रवादी मारे गए. हमास और इस्लामिक जिहादी उग्रवादी समूह ने 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है, लेकिन सेना का कहना है कि असल संख्या इससे कहीं अधिक है.

इजराइली मीडिया ने बताया कि पड़ोसी देश सीरिया की ओर से इजराइल में तीन रॉकेट दागे गए लेकिन वे या तो सीरियाई क्षेत्र में गिरे या खाली इलाकों में. अभी यह पता नहीं चला है कि किसने रॉकेट दागे.

पूर्वी यरुशलम में इस महीने की शुरुआत में तनाव तब शुरू हुआ जब फलस्तीनियों ने शेख जर्रा में निष्कासनों के खिलाफ प्रदर्शन किया और इजराइली पुलिस ने अल-अक्सा मस्जिद में कार्रवाई की.

यह लड़ाई 10 मई को शुरू हुई जब यरुशलम को बचाने का दावा करने वाले हमास ने लंबी दूरी के रॉकेट दागने शुरू किए. इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई हवाई हमले किए.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास इन रॉकेट हमलों के लिए भारी कीमत चुकाएगा.’ इजराइल ने 13 मई को 9,000 आरक्षित सैनिकों को गाजा सीमा पर सेना में शामिल होने के लिए कहा था.

इजरायल की सेना ने शनिवार को कहा कि 10 मई से अब तक गाजा से इजरायल की ओर करीब 2300 रॉकेट दागे गए जिसमें से करीब 1000 रॉकेटों को मिसाइल डिफेंस से रोक दिया गया, जबकि 380 गाजा पट्टी में गिरे.

वेस्ट बैंक में व्यापक पैमान पर प्रदर्शन, कम से कम 11 की मौत

इजराइल और हमास के बीच जारी लड़ाई के दौरान वेस्ट बैंक में भी फलस्तीनियों ने व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन किया और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में इजराइली सेना के साथ झड़प की. इस दौरान इजराइली सेना की कार्रवाई में कम से कम 11 लोग मारे गए.

यह हिंसा ऐसे वक्त हो रही है जब फलस्तीनी शनिवार को ‘नकबा दिवस’ मना रहे हैं, जब वे 1948 के युद्ध में इजराइल द्वारा मारे गए हजारों फलस्तीनियों को याद करते हैं. इससे संघर्ष के और तेज होने की आशंका बढ़ गई है.

सैकड़ों फलस्तीनियों ने वेस्ट बैंक में गाजा अभियान और यरुशलम में इजराइली कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने फलस्तीनी झंडे लहराते हुए इजराइली सैनिकों पर पथराव किया.

सैनिकों ने कम से कम 10 प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी. एक सैनिक को चाकू मारने की कोशिश में एक और फलस्तीनी मारा गया.

एक ऑनलाइन वीडियो में पूर्वी यरुशलम में एक युवा यहूदी नागरिक पिस्तौल से गोलियां चलाते हुए दिख रहा है.

इजराइल की उत्तरी सीमा पर सेना ने तब गोलियां चलाईं, जब लेबनान और फलस्तीन के प्रदर्शनकारियों का एक समूह सीमा पर कंटीली तारों को काटकर घुस गया. इस दौरान एक लेबनानी मारा गया.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संघर्ष विराम की कोशिशें तेज की

इजराइल-फलस्तीन मामलों के लिए अमेरिका के उप सहायक विदेश मंत्री हादी आम्र संघर्ष को कम करने की कोशिश के तौर पर शुक्रवार को इजराइल पहुंचे.

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रविवार को बैठक करने की संभावना है.

हालांकि, मिस्र के एक खुफिया अधिकारी ने बताया कि ने एक साल के संघर्ष विराम के उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसे हमास ने स्वीकार कर लिया था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, शुक्रवार को मिस्र के दो सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि मिस्र संघर्ष विराम की कोशिश कर रहा था ताकि बातचीत शुरू हो सके. मिस्र जहां हमास को संंघर्ष विराम के लिए तैयार करने में लगा था तो वहीं अमेरिका सहित अन्य देशों को इजरायल के साथ समझौते के लिए भी तैयार करने में लगा है.

वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने शुक्रवार को संघर्ष विराम और बातचीत का आह्वान करते हुए सभी पीड़ितों के लिए संवेदना जताई. बता दें कि बीते सितंबर में यूएई और बहरीन पिछले करीब 25 सालों में पहले ऐसे अरब देश बने थे, जिन्होंने इजरायल के साथ औपचारिक संबंधों को मान्यता दी थी.

फलस्तीन के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, ‘मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र के मध्यस्थ शांति बहाल करने के लिए सभी पक्षों के साथ अपने संपर्क बढ़ा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)