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मणिपुर: भाजपा नेता की मौत पर फेसबुक पोस्ट के चलते पत्रकार और कार्यकर्ता गिरफ़्तार

राज्य भाजपा अध्यक्ष सैखोम टिकेंद्र सिंह की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और कार्यकर्ता एरेन्द्रो लीचोम्बाम ने अपने फेसबुक पोस्ट के ज़रिये सरकार को निशाना साधते हुए लिखा था कि कोरोना का इलाज गोमूत्र या गोबर नहीं, बल्कि विज्ञान है.

manipur journalist

पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और कार्यकर्ता एरेन्द्रो लीचोम्बाम.

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक फेसबुक पोस्ट के चलते मणिपुर की राजधानी इंफाल स्थित एक पत्रकार और एक कार्यकर्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. इन दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.

बीते 13 मई की शाम को मणिपुर पुलिस ने किशोरचंद्र वांगखेम और कार्यकर्ता एरेन्द्रो लीचोम्बाम को उनके घरों से गिरफ्तार किया था. इसे लेकर भाजपा महासचिव पी. प्रेमानंदा मीतेई और भाजपा उपाध्यक्ष उषम देबन ने शिकायत दायर की थी.

उन्होंने आरोप लगाया है कि वांगखेम और लीचोम्बाम के फेसबुक पोस्ट ने राज्य भाजपा अध्यक्ष सैखोम टिकेंद्र सिंह को अपमानित किया, जिनकी बीते 12 मई को कोरोना के चलते मौत हो गई.

ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ईस्टमोजो की रिपोर्ट के अनुसार, ‘उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए (समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 505बी (2) (भड़काऊ बयान देना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी और दोनों 17 मई तक पुलिस हिरासत में रहेंगे.’

भाजपा अध्यक्ष की मौत के बाद वांगखेम ने अपने फेसबुक पेज पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट करते हुए लिखा था कि ‘गोमूत्र और गाय का गोबर कोई काम नहीं आया.’

वहीं जाने-माने कार्यकर्ता लीचोम्बाम ने भाजपा नेता के निधन पर शोक व्यक्त किया, लेकिन साथ ही उन्होंने कोरोना के इलाज के लिए ‘गोमूत्र और गोबर’ जैसी चीजों को बढ़ावा देने के लिए पार्टी पर हमला भी बोला.

उन्होंने लिखा, ‘कोरोना का इलाज गोमूत्र और गाय के गोबर से नहीं होगा. इसका इलाज विज्ञान और कॉमन सेंस है.’

इंफाल के शिजा अस्पताल में कोरोना संबंधी समस्याओं के चलते भाजपा नेता टिकेंद्र की मौत हुई थी.

बता दें कि यह तीसरा मौका है जब वांगखेम को गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले उन्हें दो बार जेल हो चुकी है. उन पर राजद्रोह कानून के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं.

लीचोम्बाम, मणिपुर स्थित राजनीतिक पार्टी पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस अलायंस (पीआरजेए) के संयोजक हैं. इससे पहले पिछले साल महज एक फेसबुक पोस्ट के चलते उन पर राजद्रोह की धाराएं लगाकर मणिपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी और वीडियो पोस्ट करने के चलते 2018 में भी उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था.