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पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष की शिकायत, कामकाज में अत्यधिक दख़ल दे रहे हैं राज्यपाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने ऑनलाइन हुई ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेन्स में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से शिकायत की है कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ द्वारा उनके अधिकारक्षेत्र में हस्तक्षेप किया जा रहा है.

बिमान बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

बिमान बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने संसदीय लोकतंत्र से जुड़े मामलों और सदन के कामकाज में राज्यपाल जगदीप धनखड़ की अत्यधिक दखलअंदाजी को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से शिकायत की.

बनर्जी ने मंगलवार को वर्चुअल रूप से आयोजित ‘ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेन्स’ के दौरान राज्यपाल धनखड़ की शिकायत की.

बनर्जी ने कहा, ‘मैंने लोकसभा अध्यक्ष को संसदीय लोकतंत्र और विधानसभा के कामकाज में राज्यपाल जगदीप धनखड़ की अत्यधिक दखलअंदाजी के बारे में बताया. विधानसभा द्वारा पारित होने के बावजूद कई विधेयक राज्यपाल के पास अटके हुए हैं क्योंकि उन्होंने उन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. पश्चिम बंगाल के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में यह अभूतपूर्व है. ऐसी स्थिति पहले कभी पैदा नहीं हुई.’

द हिंदू के अनुसार, बनर्जी ने यह भी कहा कि राज्यपाल उनके अधिकारक्षेत्र में हस्तक्षेप करते हैं. उन्होंने कहा, ‘कुछ सप्ताह पहले मीडियकर्मियों द्वारा उत्पीड़न के आरोपों के बाद मैंने केंद्रीय सुरक्षा बल के कर्मचारियों को विधानसभा परिसर में प्रवेश न करने का आदेश दिया था. राज्यपाल ने इसमें हस्तक्षेप का प्रयास किया जबकि यह पूरी तरह से मेरे अधिकारक्षेत्र का मामला था.’

राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच खींचतान के मामले कई बार सामने आ चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी सार्वजनिक पटल पर विधानसभा स्पीकर ने इसकी शिकायत की है.

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक तापस रॉय ने कहा, ‘हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि मौजूदा राज्यपाल एक खास राजनीतिक दल के मुखपत्र की तरह काम कर रहे हैं. वह न केवल राज्य के मामलों में दखल दे रहे हैं बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की छवि भी खराब कर रहे हैं.’

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने राज्यपाल का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सच्चाई का खुलासा किया है.

भाजपा के प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष ने कहा, ‘टीएमसी राज्यपाल से नाराज है क्योंकि उन्होंने राज्य में अराजक स्थिति का पर्दाफाश कर दिया है. पहले भी उनके खिलाफ शिकायतें आयी हैं लेकिन वे सभी निराधार ही थीं.’

धनखड़ के जुलाई 2019 में पदभार संभालने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ तनावपूर्ण संबंध रहे हैं और उन्होंने अभी तक इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)