दुनिया

अमेरिका: जॉर्ज फ्लॉयड हत्या मामले में पुलिसकर्मी डेरेक चॉविन को 22 साल से अधिक की जेल की सज़ा

पिछले साल 25 मई को अमेरिका के मिनियापोलिस में अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत उनके गले को श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चॉविन द्वारा तक़रीबन नौ मिनट तक घुटने से दबाने के कारण मौत हो गई थी. यह फैसला ऐसे वक़्त में आया है, जब करीब एक साल की चुप्पी के बाद चॉविन ने फ्लॉयड के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और उम्मीद जताई कि आख़िरकार अब उनके मन को कुछ शांति मिलेगी.

मिनियापोलिस के पूर्व पुलिस अधिकारी डेरेक चॉविन. (फोटो: रॉयटर्स)

मिनियापोलिस के पूर्व पुलिस अधिकारी डेरेक चॉविन. (फोटो: रॉयटर्स)

मिनियापोलिस: अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के मामले में मिनियापोलिस के पूर्व पुलिस अधिकारी डेरेक चॉविन को 22 साल छह महीने जेल की सजा सुनाई गई है.

चॉविन ने फ्लॉयड की गर्दन को अपने घुटने से दबाया था, जिसके कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद अमेरिका में नस्ली भेदभाव के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन हुआ था.

यह फैसला ऐसे वक्त में आया है, जब करीब एक साल की चुप्पी के बाद चॉविन ने फ्लॉयड के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और उम्मीद जताई कि आखिरकार अब ‘उनके मन को कुछ शांति मिलेगी.’

अश्वेत व्यक्ति की हत्या के मामले में किसी पुलिस अधिकारी को दी गई, अब तक कि यह सबसे लंबी अवधि वाली जेल की सजा है.

हालांकि फ्लॉयड के परिवार और अन्य अब भी निराश हैं, क्योंकि अभियोजकों ने इस अपराध के लिए चॉविन को 30 साल की सजा देने का अनुरोध किया था.

अच्छे बर्ताव पर 45 वर्षीय चॉविन को अपनी दो तिहाई सजा पूरी करने या करीब 15 साल जेल में बिताने के बाद पैरोल पर रिहा किया जा सकता है.

मिनियापोलिस प्रदर्शन की नेता नेकिमा लेवी आर्मस्ट्रॉन्ग ने कहा, ‘सिर्फ सजा की अवधि अधिक होना ही पर्याप्त नहीं है.’

न्यायाधीश पीटर काहिल ने राज्य के दिशानिर्देशों से ऊपर उठकर इसके तहत तय 12 साल छह महीने की सजा से अधिक का दंड सुनाया और चॉविन को अपने अधिकार और पद के दुरुपयोग तथा फ्लॉयड के प्रति क्रूरता दिखाने का दोषी पाया.

फ्लॉयड के परिवार के वकील बेन क्रम्प ने कहा कि परिवार को उम्मीद है कि चॉविन को आगामी संघीय नागरिक अधिकारों की सुनवाई के दौरान अधिकतम सजा होगी. उन्होंने कहा कि यह मिनिसोटा में किसी पुलिस अधिकारी को मिली, अब तक की सबसे लंबी अविध की सजा है.

उन्होंने कहा, ‘लेकिन वास्तविक न्याय तभी होगा, जब अमेरिका में अश्वेत पुरुषों और महिलाओं को महज रंग के आधार पर पुलिस के हाथों मारे जाने का डर नहीं होगा.’

वहीं, अदालत ने फ्लॉयड की मौत की दोबारा जांच कराने की मांग करने वाली चॉविन की याचिका को खारिज कर दिया. न्यायाधीश पीटर काहिल ने कहा कि बचाव पक्ष के वकील एरिक नेल्सन ने यह प्रदर्शित नहीं किया कि उन्होंने अपने विवेक का दुरुपयोग किया.

इससे पहले अप्रैल में मिनियापोलिस में 12 सदस्यीय संघीय जूरी ने चॉविन को सभी तीन आरोपों के तहत दोषी ठहराया था. इसके तहत चॉविन को सेकेंड डिग्री गैर इरादतन हत्या, थर्ड डिग्री हत्या और सेकेंड डिग्री हत्या का दोषी माना गया था.

इसके बाद राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि यह दिनदहाड़े की गई हत्या थी और इसने पूरी दुनिया के आंखों पर पड़ी पट्टी को हटा दिया, ताकि वे देश में जड़ें जमा चुके नस्लवाद को देख सकें. उन्होंने यह भी कहा था कि यह न्याय देने वाला फैसला पर्याप्त नहीं है.

बता दें कि 46 वर्षीय अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पिछले साल मई में गिरफ्तारी के दौरान हुई थी, जब पुलिस बल ने उनके साथ क्रूरता से व्यवहार किया था. मिनियापोलिस में एक स्टोर के कर्मचारी ने फ्लॉयड पर जाली नोट देने का आरोप लगाया गया था.

45 वर्षीय चॉविन ने फ्लॉयड की गर्दन पर अपने घुटने से नौ मिनट से ज्यादा वक्त तक दबाव बनाकर उन्हें जमीन पर गिराए रखा था, जबकि वह बार-बार कहते रहे थे कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है (I can’t breathe). फ्लॉयड की निर्मम मौत से देशभर में हिंसक प्रदर्शन हुए थे.

इसके बाद कई राज्यों और शहरों ने पुलिस द्वारा बल के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया, अनुशासनात्मक प्रणालियों या अधीन पुलिस विभागों की निगरानी की.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)