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आईटी नियम: फेसबुक ने 15 मई से 15 जून के बीच तीन करोड़ सामग्रियों पर कार्रवाई की

सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का पालन करते हुए जारी की गई अपनी पहली मासिक अनुपालन रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. वहीं, इंस्टाग्राम ने इस दौरान नौ श्रेणियों में उसके मंच पर डाली गईं 20 लाख सामग्रियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात कही है. इससे पहले गूगल ने बताया था कि अप्रैल में 59,350 सामग्रियों को उसके प्लेटफॉर्म से हटाया गया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: फेसबुक ने भारत में 15 मई से 15 जून के बीच 10 उल्लंघन श्रेणियों में तीन करोड़ से ज्यादा सामग्रियों पर कार्रवाई की है. सोशल मीडिया कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का पालन करते हुए जारी की गई अपनी पहली मासिक अनुपालन रिपोर्ट में यह जानकारी दी.

वहीं, इंस्टाग्राम ने इस दौरान नौ श्रेणियों में उसके मंच पर डाली गई 20 लाख सामग्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है.

नए आईटी नियमों के तहत बड़े डिजिटल मंचों को हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होगी, जिसमें वे उन्हें मिली शिकायतों और उन्हें लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी देंगे.

फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा कि इन तमाम वर्षों में कंपनी ने इस उद्देश्य से लगातार प्रौद्योगिकी, लोगों और प्रक्रियाओं में निवेश किया है कि उसके उपयोगकर्ता ऑनलाइन सुरक्षित रहें तथा उसके मंचों पर खुलकर अपने विचार पेश कर सकें.

फेसबुक ने कहा कि उसकी अगली रिपोर्ट 15 जुलाई को प्रकाशित की जाएगी, जिसमें उपयोगकर्ताओं से मिलीं शिकायतों और उन्हें लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी होगी.

कंपनी ने रिपोर्ट में कहा कि इन तीन करोड़ सामग्रियों में स्पैम (2.5 करोड़), हिंसक एवं रक्तपात (25 लाख), वयस्क नग्नता एवं यौन गतिविधि (18 लाख), नफरतपूर्ण भाषण (3,11,000) सहित अन्य मुद्दों से जुड़ी सामग्री शामिल हैं.

इनके खिलाफ की गई कार्रवाइयों में सामग्री को मंच से हटाना या परेशान करने वाली तस्वीरों या वीडियो को चेतावनी के साथ कवर करना शामिल है.

बता दें कि हाल ही में गूगल ने अपनी पहली मासिक पारदर्शिता रिपोर्ट जारी किया था जिसमें कहा था कि उसे भारत में इस साल अप्रैल में यूजर्स से 27,700 से अधिक शिकायतें मिली हैं. ये शिकायतें स्थानीय कानूनों या व्यक्तिगत अधिकारों के कथित उल्लंघन को मिली हैं, जिसके फलस्वरूप 59,350 कंटेंट को प्लेटफॉर्म से हटाया गया है.

मालूम हो कि नए आईटी नियमों के तहत 50 लाख से अधिक यूजर्स वाले बड़े डिजिटल मंचों को हर महीने अपनी अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होगी, जिसमें प्राप्त शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई का विवरण होगा.

रिपोर्ट में कई ऐसे संचार लिंक या जानकारी का ब्योरा भी दिया गया होगा, जिन्हें गूगल ने स्वचालित उपकरणों की मदद से हटा दिया है या पहुंच को अक्षम कर दिया है.

उक्त तीनों मंचों द्वारा अनुपालन रिपोर्ट जारी करने से ट्विटर पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका नए नियमों को लेकर केंद्र सरकार के साथ गतिरोध बना हुआ है. सरकार ने देश के नए आईटी नियमों का अनुपालन नहीं करने पर तथा इसके लिए अधिकारियों की नियुक्ति नहीं करने पर ट्विटर से नाराजगी जताई थी.

भारतीय सोशल मीडिया कंपनी कू ने भी इस संबंध में अपनी रिपोर्ट दी है. कू के अनुसार उसने 54,235 ऐसी सामग्रियों पर कार्रवाई की है.

नए आईटी नियमों के अनुसार ऐसे प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए इन कंपनियों को एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, एक नोडल अधिकारी और एक शिकायत अधिकारी नियुक्त करना होगा और ये सभी भारत के निवासी होने चाहिए.

फेसबुक ने हाल ही में स्पूर्ति प्रिया को भारत में अपना शिकायत अधिकारी बनाया है.

गूगल, फेसबुक की पहली अनुपालन रिपोर्ट पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम: प्रसाद

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने नए आईटी नियमों के तहत गूगल, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट स्वत: हटाने पर अपनी पहली अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए उनकी तारीफ की और इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया.

प्रसाद ने ट्वीट किया, ‘गूगल, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मंचों को नए आईटी नियमों का पालन करते देखना सुखद है. उनके द्वारा नए आईटी नियमों के अनुसार आपत्तिजनक पोस्ट को स्वत: हटाने पर पहली अनुपालन रिपोर्ट का प्रकाशन पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)