भारत

गौरी लंकेश मामले पर बोले एआर रहमान: यह मेरा भारत नहीं है

वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के चार दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग, कांग्रेस-भाजपा में छिड़ी तकरार, राज्य ने केंद्र को रिपोर्ट भेजी.

AR Rehman Lankesh Collage

फोटो: रॉयटर्स

नई दिल्ली: जाने-माने संगीतकार एआर रहमान ने बेंगलुरु की पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की निंदा करते हुए कहा है कि मौजूदा हालात उस भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करते जिसे वह जानते हैं.

वाम विचारों के प्रति झुकाव रखने वाली कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश की बीते पांच सितंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. रहमान ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, मैं इस घटना को लेकर दुखी हूं. इस तरह की चीजें भारत में नहीं होती हैं. मैं चाहता हूं कि भारत प्रगतिशील और दयालु हो.

ऑस्कर विजेता संगीतकार अपनी आगामी फिल्म वन हार्ट: द एआर रहमान कंसर्ट फिल्म के प्रीमियर के मौके पर बोल रहे थे. यह फिल्म उत्तरी अमेरिका के 14 शहरों में रहमान के कंसर्ट पर आधारित है.

भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप

कार्यकर्ता और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के तीन दिन बाद भी अब तक हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया है. 55 वर्षीय गौरी की मंगलवार की रात बेंगलुरू में उनके आवास पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.

इस बीच गौरी की सुरक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर भाजपा और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के बीच आज तीखी तकरार हुई. भाजपा ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर पत्रकार गौरी लंकेश को सुरक्षा मुहैया न कराने का आरोप लगाया.

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गौरी की अफसोसजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हत्या पर दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियों की निंदा की. उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेताओं ने गौरी की हत्या के खिलाफ अपनी बात रखी है.

प्रसाद ने गौरी के भाई इंद्रजीत लंकेश की टिप्पणियों से जुड़ी खबरों की प्रतियां भी दिखाईं जिनमें दावा किया गया कि गौरी नक्सलियों के आत्मसमर्पण कराने का काम करती थीं. प्रसाद ने सवाल किया कि सिद्धारमैया सरकार ने गौरी को सुरक्षा क्यों नहीं मुहैया कराई.

उन्होंने कहा, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने सुरक्षा में ऐसी नाकामी क्यों बरती. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने सवाल किया कि उन्होंने राज्य में अपनी पार्टी की सरकार से सवाल क्यों नहीं किया है.

प्रसाद ने कहा कि राहुल ने तो पहले ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस से जुड़े समूहों को गौरी की हत्या का जिम्मेदार ठहरा दिया है, फिर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है .

उधर कर्नाटक के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने पत्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के बयान को लेकर उन पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रसाद दिवंगत पत्रकार के बारे में तथ्यों से परिचित नहीं हैं कि उन्होंने कभी भी सुरक्षा की मांग नहीं की थी. अगर गौरी लंकेश ने सुरक्षा की मांग की होती तो राज्य सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराती.

सुराग देने पर 10 लाख रुपये का इनाम

कर्नाटक सरकार के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बारे में सुराग देने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. इसके एक दिन पहले ही पुलिस ने आम लोगों से कहा था कि इस हत्या के सिलसिले में अगर उनके पास कोई जानकारी है तो वह साझा करें. इसके लिए एक ईमेल आईडी और एक विशिष्ट फोन नंबर भी दिया गया है.

रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जांच तेज करने और अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि हमने एसआईटी के लिए पर्याप्त अधिकारी मुहैया कराए हैं और अगर उन्हें अतिरिक्त अधिकारियों की आवश्यकता है तो हम मुहैया कराने को तैयार हैं.

रेड्डी ने कहा कि उन्होंने एसआईटी से कहा है कि वह भाजपा विधायक जीवराज से गौरी की हत्या के संबंध में उनके बयान को लेकर पूछताछ करे. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि उनके बयान की कोई पृष्ठभूमि है या नहीं. लेकिन जब गौरी लंकेश की मौत हुई, भाजपा का कोई नेता उनके घर नहीं गया.

कर्नाटक सरकार ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट

केंद्रीय गृह मंत्रालय को कर्नाटक सरकार ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में विस्तृत रिपोर्ट भेजी है. यह रिपोर्ट गृह मंत्रालय को मिल गई है. 55 वर्षीय पत्रकार गौरी की तीन दिन पहले अज्ञात व्यक्तियों ने बेंगलुरु में उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी थी.

एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव ने अपनी तथ्यपरक रिपोर्ट में गौरी की सनसनीखेज हत्या का ब्यौरा और फिर पुलिस की कार्वाई का विवरण दिया है. गृह मंत्रालय के इस अधिकारी ने यह भी बताया कि रिपोर्ट में गौरी की हत्या के मामले की जांच और आरोपियों का पता लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष जांच दल गठित किए जाने का जिक्र भी है. एक दिन पहले ही गृह मंत्रालय ने कर्नाटक सरकार से घटना का ब्यौरा मांगा था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)