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राजस्थान: भंवरी देवी हत्या मामले में पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा समेत पांच को ज़मानत

सितंबर 2011 में जोधपुर के एक उपकेंद्र की नर्स भंवरी देवी के लापता होने के बाद उनकी हत्या की बात सामने आई थी. इसमें कथित संलिप्तता के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्री महिपाल मदेरणा को बर्ख़ास्त कर दिया था. सीबीआई ने मामले ने कांग्रेस नेताओं सहित 17 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से 16 लोगों को ज़मानत मिल गई है.

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ. (फोटो साभार: राजस्थान हाईकोर्ट)

जोधपुर: राजस्थान उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भंवरी देवी अपहरण व हत्या मामले में राज्य के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा और पांच अन्य को जमानत दे दी.

जमानत पाने वालों में भंवरी देवी के पति अमरचंद, शहाबुद्दीन, बिश्नाराम बिश्नोई, कैलाश जाखड़ और बलदेव शामिल हैं. इसके साथ ही इंद्रा बिश्नोई को छोड़कर सभी 16 आरोपियों को जमानत दे दी गई है. इंद्रा ने जमानत की अर्जी दाखिल नहीं की है.

याचिकाकर्ताओं के एक वकील के अनुसार, उच्चतम न्यायालय द्वारा एक आरोपी को जमानत दिया जाना बाकी सभी को राहत का आधार बना.

शीर्ष अदालत ने परसराम बिश्नोई को इस आधार पर जमानत दी थी कि मुकदमे में बहुत लंबा समय लगा और आरोपी पहले ही लगभग 10 साल जेल में काट चुका है.

इससे पहले कांग्रेस के पूर्व विधायक मलखान सिंह बिश्नोई को 10 अगस्त को जमानत मिल चुकी है. निचली अदालत द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद सभी आरोपियों ने उच्च न्यायालय का रुख किया था.

उल्लेखनीय है कि जोधपुर के जलीवाड़ा गांव के एक उपकेंद्र में सहायक नर्स के पद पर तैनात भंवरी देवी सितंबर 2011 में लापता हो गई थीं. उनके पति अमरचंद ने आरोप लगाया था कि महिपाल मदेरणा के इशारे पर भंवरी देवी अपहरण किया गया था, जो उस समय कांग्रेस सरकार में राज्य के जल संसाधन मंत्री थे.

हालांकि बाद में अमरचंद को भी इस मामले में लिप्त पाया गया था. जब भंवरी के साथ मदेरणा की कथित सीडी सार्वजनिक हुई तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मदेरणा को बर्खास्त कर दिया था और बाद में उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, इस मामले की जांच करने वाले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कांग्रेस नेताओं सहित 17 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से 16 लोगों को जमानत मिल गई है.

मामले में सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार, 36 वर्षीय नर्स भंवरी देवी सितंबर 2011 में एक सीडी सामने आने के बाद गायब हो गई थी, जिसमें मदेरणा को उसके साथ ब्लैकमेल करने की खबरों के बीच दिखाया गया था.

मदेरणा को 2012 में मलखान सिंह बिश्नोई के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसके मदेरणा से परिचय कराने से पहले भंवरी देवी के साथ कथित रूप से संबंध थे. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि दोनों ने देवी की मांगों को पूरा करने से तंग आकर उनसे पीछा छुड़ाने के लिए एक साथ साजिश रची थी.

देवी के अवशेष जोधपुर में एक नहर में एक गड्ढे के पास पाए गए थे, जहां उनके गायब होने के लगभग चार महीने बाद जनवरी 2012 में उनके शरीर को कथित तौर पर आग लगा दी गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)