भारत

पैंडोरा पेपर्स: कमलनाथ के बेटे और अगस्ता वेस्टलैंड के प्रमुख आरोपियों के नाम भी शामिल

पैंडोरा पेपर्स में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ के एनआरआई बेटे बकुलनाथ का नाम सामने आया है. इसके अलावा अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर स्कैंडल के आरोपी राजीव सक्सेना का भी नाम इसमें शामिल है. प्रभावशाली व्यक्तियों की छिपाई गई संपत्ति का खुलासा करने वाले ‘पैंडोरा पेपर्स’ में भारत से उद्योगपति अनिल अंबानी, हीरा व्यापारी नीरव मोदी, क्रिकेटर और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर आदि के नाम शामिल हैं.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: आईसीआईजे)

नई दिल्ली: पैंडोरा पेपर्स के तहत दुनिया भर के तमाम धनकुबेरों द्वारा छिपाई गईं संपत्तियों के खुलासे में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ के एनआरआई बेटे बकुलनाथ का नाम भी सामने आया है. इसके अलावा विवादित अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर स्कैंडल से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर स्कैंडल के आरोपी राजीव सक्सेना का भी नाम इसमें शामिल है.

साल 2013 में यूपीए सरकार के समय अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला सामने आया था. इसमें कई भारतीय राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों पर अगस्ता वेस्टलैंड से मोटी घूस लेने का आरोप है.

इस मामले में बकुलनाथ का नाम राजीव सक्सेना की पूछताछ में सामने आया था, जो कि इस समय जमानत पर हैं. सक्सेना ने दिल्ली स्थित वकील गौतम खेतान के कथित सहयोग से इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज के खाले में अगस्ता वेस्टलैंड से 12.40 मिलियन यूरो राशि प्राप्त की थी. इस पैसे का इस्तेमाल अन्य बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने में किया गया था.

नवंबर 2020 की इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सक्सेना ने पूछताछ के दौरान कहा था, ‘हमें (उन्हें और सह-आरोपी सुषेन मोहन गुप्ता) कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ के लिए जॉन डॉचेर्टी द्वारा प्रबंधित कंपनी प्रिस्टिन रिवर इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से ब्रिज फंडिंग प्राप्त हुई थी. इस प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज के पैसे इस्तेमाल प्रिस्टिन रिवर इन्वेस्टमेंट से लोन चुकाने के लिए किया गया था.’

अब पैंडोरा पेपर्स के जरिये पता चला है कि स्विस नागरिक डॉचेर्टी एक ऑफशोर कंपनी के जरिये बकुलनाथ से जुड़े हुए हैं, जिसका गठन फरवरी 2018 में ट्राइडेंट ट्रस्ट द्वारा किया गया था.

ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स नामक टैक्स हैवेंस में स्पेक्टर कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड कंपनी में डॉचर्टी प्रथम निदेशक हैं और इसमें बकुलनाथ बेनिफिशियल ओनर हैं, जिसमें उनका दुबई का पता दिया गया है.

वहीं एक अन्य ऑफशोर कंपनी सेलब्रूक लिमिटेड को स्पेक्टर कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड का शेयरहोल्डर दर्शाया गया है.

इसके अलावा अगस्ता वेस्टलैंड मामले में आरोपी राजीव सक्सेना ने भी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में एक ट्रस्ट बना रखा है, जिसका नाम तनय होल्डिंग्स लिमिटेड है. साल 2014 में गठित इस कंपनी में उनकी निजी संपत्ति के शेयर्स लगे थे.

रिपोर्ट के मुताबिक, सक्सेना ने मैट्रिक्स इंटरनेशनल लिमिटेड नाम से एक और कंपनी बना रखी थी. हालांकि अगस्ता वेस्टलैंड स्कैंडल सामने आने और अपनी गिरफ्तारी से एक महीने पहले उन्होंने गोपनीय तरीके से इन दोनों कंपनियों को बंद करने का निर्देश दिया था.

इसके आलावा दस्तावेजों से पता चलता है कि दिल्ली स्थित वकील और अगस्ता वेस्टलैंड मामले में दिसंबर 2016 में पूर्व भारतीय वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के साथ गिरफ्तार किए गए गौतम खेतान भी टैक्स हैवेंस में स्थित कंपनियों से जुड़े हुए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, खेतान ने लंदन स्थित रेस्टोरेंट मालिक आदित्य खन्ना और नई दिल्ली में हयात होटल तथा काठमांडू में याक एंड येती होटल के मालिक राधे श्याम सराफ के लिए ऑफशोर ट्रस्ट गठित करने में प्रोटेक्टर (संरक्षक) की भूमिका निभाई थी.

खन्ना का नाम ‘तेल के बदले भोजन इराक स्कैंडल’ में वोल्कर रिपोर्ट में सामने आ चुका है.

उन्होंने सराफ के लिए जो ट्रस्ट गठित किया था, उसका नाम वरुनिशा ट्रस्ट है. वहीं आदित्य खन्ना के लिए उन्होंने ग्लेशियर ट्रस्ट गठित करने में मदद की.

अगस्ता वेस्टलैंड स्कैंडल के अन्य आरोपी सुषेन मोहन गुप्ता का भी एक ट्रस्ट टैक्स हैवेंस में है. पैंडोरा पेपर्स के दस्तावेजों के मुताबिक, साल 2005 में गुप्ता के पिता देव मोहन गुप्ता ने टैक्स हैवेंस बेलीज में लैंग ट्रस्ट नाम से एक ट्रस्ट गठित किया था, जिसमें सुषेन मोहन गुप्ता और उनकी मां शुभ्रा गुप्ता लाभार्थी थे.

बता दें कि भारत ने इतावली कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था. यह सौदा 2010 में 3,600 करोड़ रुपये में हुआ था.

ऐसे आरोप हैं कि इस सौदे के लिए टेंडर के मापदंड में बदलाव किए गए थे, जैसे कि हेलीकॉप्टर की ऊंचाई को 6,000 मीटर से कम कर 4,500 मीटर करने का फैसला किया गया था, ताकि अगस्ता वेस्टलैंड इस सौदे के लिए बोली लगाने के योग्य हो जाए, जिसके लिए अगस्ता वेस्टलैंड ने कथित तौर पर भुगतान किया था.

सीबीआई ने शुरुआती जांच के बाद 14 मार्च 2013 में एफआईआर दर्ज की थी. एफआईआर में एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) एसपी त्यागी और 12 अन्य को आरोपी बनाया गया था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जांच कर रही है.

क्या है पैंडोरा पेपर्स

दुनिया भर में प्रभावशाली व्यक्तियों की छिपाई गई संपत्ति का खुलासा करने वाले ‘पैंडोरा पेपर्स’ में कारोबारियों सहित 300 से अधिक भारतीयों के नाम शामिल हैं. हालांकि, इनमें से कई भारतीयों ने कुछ गलत करने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

इस सूची में भारत से जुड़े कई लोगों जैसे कि उद्योगपति अनिल अंबानी, हीरा व्यापारी नीरव मोदी, क्रिकेटर और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर, अभिनेता जैकी श्रॉफ, बायोकॉन की कार्यकारी अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ के पति, दिवंगत कांग्रेस नेता सतीश शर्मा जैसे लोगों के नाम सामने आए हैं.

इस पूरे इन्वेस्टिगेशन की अगुवाई इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) नामक संस्था ने की है.

इस प्रोजेक्ट को ‘पैंडोरा पेपर्स’ का नाम दिया गया है, क्योंकि इसने प्रभावशाली एवं भ्रष्ट लोगों के छुपाकर रखे गए धन की जानकारी दी और बताया है कि इन लोगों ने किस प्रकार हजारों अरब डॉलर की अवैध संपत्ति को छुपाने के लिए विदेश में खातों का इस्तेमाल किया.