राजनीति

भाजपा विधायक ने पार्टी छोड़ने की धमकी दी, ‘बेहतर’ बोर्ड या निगम में नियुक्ति की मांग

कर्नाटक में तुवरकेरे से भाजपा विधायक और कर्नाटक राज्य मसाला विकास बोर्ड के अध्यक्ष एएस जयराम ने अपनी पार्टी पर उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया है. उन्होंने बेहतर बोर्ड या निगम में नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि मसाला विकास बोर्ड के लिए 10 रुपये का भी कोष नहीं है. स्थिति ऐसी है कि मुझे वहां जाकर खाना और टिफिन देना होगा. मैं ऐसा पद क्यों लूं?

भाजपा विधायक एएस जयराम. (फोटो साभार: फेसबुक)

तुमकुरु: कर्नाटक के तुवरकेरे विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक एएस जयराम (मसाला जयराम) ने बृहस्पतिवार को अपनी पार्टी पर उन्हें ‘धोखा’ देने का आरोप लगाया और कहा कि यदि उन्हें इस महीने के अंत तक राज्य में किसी ‘बेहतर’ बोर्ड या निगम के प्रमुख के तौर पर नियुक्त नहीं किया जाता है, तो वह पार्टी छोड़ देंगे.

जयराम ने कहा, ‘मुझे कहीं न कहीं इस बात का एहसास हुआ है कि पार्टी मुझे धोखा दे रही है, इसलिए मैंने कह दिया है कि मुझे (मौजूदा पद) नहीं चाहिए. पार्टी को देखना होगा और (बेहतर बोर्ड या निगम) देना होगा, यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो मुझे पता है कि मुझे क्या करना है. मैंने उनसे बात की और काफी इंतजार किया. मैंने भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से इस संबंध में बात की है.’

उन्होंने तुमुकुरु में संवाददाताओं से कहा कि यदि पार्टी (इस बात को) नजरअंदाज करती है, तो वह इसमें नहीं रहेंगे और अपना राजनीतिक करिअर भी समाप्त कर देंगे.

जयराम ने कहा, ‘मेरे संयम की सीमा है. उन्होंने कहा है कि वे इस महीने के अंत तक यह (नया पद) देंगे. मैं तब तक इंतजार करूंगा. मैं किसी मंत्री पद की आकांक्षा नहीं कर रहा हूं, मैं कोई अच्छा बोर्ड या निगम (की जिम्मेदारी) देने के लिए कह रहा हूं. यदि वे ऐसा करते हैं, तो ठीक है, अन्यथा मैं अपना निर्णय ले लूंगा.’

जयराम इस समय कर्नाटक राज्य मसाला विकास बोर्ड के अध्यक्ष हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने विधायक के तौर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए जो काम किया है, वह उससे संतुष्ट हैं.

उन्होंने कहा कि यदि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग उन्हें अब भी अवसर देते हैं, तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर काम करेंगे.

उन्होंने कहा, ‘मैं इस महीने के अंत की समय सीमा निर्धारित कर रहा हूं. मैंने यह बात मुख्यमंत्री को बता दी है और जिला प्रभारी मंत्री के संज्ञान में ला दिया है. मैं स्वतंत्र रूप से काम कर सकता हूं.’

जयराम ने कहा कि उन्होंने पार्टी के जिला अध्यक्ष पद के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है. उन्होंने बेहतर बोर्ड या निगम में नियुक्ति की मांग करते हुए कहा, ‘कर्नाटक राज्य मसाला विकास बोर्ड के लिए 10 रुपये का भी कोष नहीं है. स्थिति ऐसी है कि मुझे वहां जाकर खाना और टिफिन देना होगा. मैं ऐसा पद क्यों लूं?’

भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने हाल में कहा था कि 30 अक्टूबर को सिंदगी और हंगल विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के बाद बोर्ड और निगमों में नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है.

कर्नाटक के तुमकुरु भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं लग रहा है क्योंकि पार्टी के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक बी. सुरेश गौड़ा ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)