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आंध्र प्रदेश: कई ज़िले भारी बारिश-बाढ़ से प्रभावित, बारह लोगों की मौत

शुक्रवार को रायलसीमा के तीन ज़िलों एवं एक दक्षिणी तटीय ज़िले में भारी वर्षा होने से भयंकर तबाही हुई है. आंध्र प्रदेश सड़क परिवहन निगम की तीन बसें कडप्पा ज़िले में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में फंस गई, जिसमें कम से कम 12 लोगों की जान चली गई और 18 अन्य लापता हो गए.

आंध्र प्रदेश के कड़प्पा जिले के राजमपेट में बाढ़ के पानी में फंसी बस. बचावकर्मी लापता लोगों को तलाश रहे हैं. (फोटो: पीटीआई)

अमरावती: आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को रायलसीमा के तीन जिलों एवं एक दक्षिणी तटीय जिले में 20 सेंटीमीटर तक भारी वर्षा होने से भयंकर तबाही हुई है और वर्षाजनित घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई.

कडप्पा जिले में अब भी 12 लोग लापता हैं तथा वायुसेना, एसडीआरएफ और अग्निशमन सेवाओं के कर्मियों ने आकस्मिक बाढ़ में फंसे कई लोगों को बचाया.

द न्यूज मिनट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश सड़क परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) की तीन बसें शुक्रवार को कडप्पा जिले में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में फंस गई. जिसमें कम से कम 12 लोगों की जान चली गई और 18 अन्य लापता हो गए.

बचावकर्मियों ने 12 शव निकाले और राजमपेट क्षेत्र में लापता लोगों की तलाशी में लगे रहे.

मांडपल्ले, अक्केपाड़ु और नंदलूर गांवों में बसें बाढ़ के पानी में फंस गईं. चालक व परिचालक सहित यात्री बसों की छत पर चढ़ गए थे. कुछ को स्थानीय निवासियों ने बचा लिया, जबकि 30 लोगों के बह जाने की आशंका है.

नंदलूर के पास एक आरटीसी बस से तीन शव बरामद किए गए. गुंडलुरु में सात शव मिले जबकि तीन शव रायवरम इलाके से निकाले गए.

रिपोर्ट के मुताबिक, अन्नामय्या सिंचाई परियोजना, जहां एक बांध टूट गया था, से भारी प्रवाह के कारण बसें फंस गईं, जिससे अचानक बाढ़ आ गई, जिसने नंदलूर, राजमपेट और अन्य क्षेत्रों के आसपास गुंडलुरु, शेषमंबापुरम और मंडपल्ले सहित कई गांवों मेंको चपेट में लिया.

जहां दो बसें पानी में फंसी हुई थीं, वहीं राजमपेट-नंदलूर मार्ग पर चल रही एक बस लगभग पूरी तरह से जलमग्न हो गई.

शुक्रवार तड़के पुडुचेरी और चेन्नई के बीच उत्तरी तमिलनाडु और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों को पार करने वाले दबाव के प्रभाव में नेल्लोर, चित्तूर, कडप्पा और अनंतपुर जिलों में शुक्रवार तड़के भारी बारिश हुई. तीन जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी से फोन पर बात की और स्थिति के बारे में जानकारी ली एवं राज्य को सभी सहायता पहुंचाने का वादा किया.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि मुख्यमंत्री शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे.

उल्लेखनीय है कि उफनती नदियों एवं नहरों से कई जिलों में बाढ़ आ गई है, कुछ स्थानों पर सड़कें टूट गयी हैं और जनजीवन पटरी से उतर गया है.

शुक्रवार को रेनिगुंटा में तिरुपति अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को उड़ान परिचालन के लिए खोला गया, परंतु तिरुमला पहाड़ियों को जाने वाली दो घाट सड़कें बंद रहीं.

अलीपीरी से तिरुमला को जाने वाली सीढ़ीदार सड़क को भूस्खलन एवं बाढ़ से बड़ा नुकसान पहुंचा है और उसे बंद कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के अधिकारियों से पहाड़ी पर फंसे तीर्थयात्रियों के लिए रहने एवं भोजन का प्रबंध करने को कहा है.

कडप्पा जिले के राजमपेटा में चेय्येरू नहर में आकस्मिक बाढ़ आने से कम से कम पांच लोगों की जान चली गई तथा 12 लोग अब भी लापता हैं.

जिलाधिकारी विजय रामा राजू ने बताया कि जिले में कुल आठ लोगों की मौत हुई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कडप्पा जिले में राज्य सड़क परिवहन निगम की एक बस के कंडक्टर और दो अन्य यात्रियों को बाढ़ में बहे वाहन से सुरक्षित बचा लिया गया. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बस में सवार दो अन्य लोगों को बचा लिया गया.

पड़ोसी अनंतपुरम जिले में वेल्डुरथी गांव में चित्रावती नदी की बाढ़ में फंसे 10 लोगों को भारतीय वायु सेना के जवानों ने बचाया, जो विशेष रूप से कर्नाटक के येलहंका वायु सेना स्टेशन से पहुंचे थे.

आईएफ की टीम ने एक जेसीबी में फंसे दस लोगों को बचाने के लिए एमआई-17 हेलीकॉप्टर का उपयोग करके एक अभियान चलाया.

इससे पहले दोपहर में जेसीबी चित्रावती बाढ़ में फंसी एक कार में सवार चार लोगों को बचाने गई थी, लेकिन जैसे ही बाढ़ का खतरा बढ़ गया, उसमें से छह और कार के चार यात्री फंस गए.

अनंतपुरम जिला प्रशासन ने भारतीय वायुसेना को एक एसओएस भेजा, जिसके बाद बचाव अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया.

एसडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन सेवा के कर्मियों ने कडप्पा और चित्तूर जिलों में बाढ़ प्रभावित स्थानों से दसियों लोगों को बचाया.

कडप्पा जिले में 33 राहत शिविर खोले गए हैं और इनमें 1,200 लोगों को रखा गया है. मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से बात की और बचाव एवं राहत कार्य तेज करने को कहा है.

दक्षिण मध्य रेलवे ने कहा कि 11 यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, पांच को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया, 27 को अन्य मार्गों से डायवर्ट किया गया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)