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मध्य प्रदेश में अपहरण के बाद आरटीआई कार्यकर्ता की पीट-पीट कर हत्या

परिजनों ने जान से मारने की धमकियां मिलने के बावजूद पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया. कार्यकर्ता के ख़िलाफ़ कई आपराधिक मामले भी दर्ज थे.

(फोटो साभार: गूगल मैप्स)

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मुरैना/मध्य प्रदेश: मुरैना ज़िले के सुमावली थाना क्षेत्र में 35 वर्षीय आरटीआई कार्यकर्ता की सोमवार रात अज्ञात लोगों ने अपहरण करने के बाद कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी.

पुलिस ने मंगलवार सुबह आरटीआई कार्यकर्ता मुकेश दुबे की लाश मटकोरा जंगल से बरामद की. मृतक कार्यकर्ता के परिजन ने आरोप लगाया है कि मुकेश को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं और इस बारे में पुलिस को सूचित किया गया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

जौरा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) आरकेएस राठौर ने बताया कि सुमावली के निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मुकेश दुबे कुछ समय से अपने दूसरे घर मुरैना के विक्रमनगर में रह रहे थे. सुमावली पंचायत के कई मामलों की सूचना प्राप्त कर दुबे ने पंचायत पदाधिकारियों के ख़िलाफ़ अनेक शिकायतें की थीं. इस कारण कई लोगों से उनकी रंजिश चल रही थी. इसके अलावा उनके विरुद्ध भी कुछ आपराधिक मामले विचाराधीन थे.

उन्होंने कहा, ‘प्रारंभिक तौर पर मृतक के शरीर के चोटों के निशान से लगता है कि उन्हें बुरी तरह से मारा-पीटा गया. इससे उनकी मौत हो गई.’

एसडीओपी ने मृतक के पड़ोसियों के हवाले से बताया कि अज्ञात लोगों ने सोमवार रात मुकेश के मुरैना स्थित घर से उसका अपहरण कर लिया और जीप में उन्हें अपने साथ ले गए. पुलिस को उनकी लाश मंगलवार को सुमावली के मटकोरा जंगल में मिली है. पोस्टमॉर्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है.

उन्होंने बताया कि मृतक के घर से उनके द्वारा की गई शिकायतों के कागज़ात मिले है. इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

आरटीआई कार्यकर्ता के बड़े भाई राजीव दुबे ने कहा, ‘उनके भाई द्वारा जान के ख़तरे की शिकायत प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की गई थी. इसके साथ ही कुछ प्रभावशाली लोगों के लिए सुमावली पुलिस थाना प्रभारी द्वारा उन्हें पिछले साल फोन पर धमकी दी गई थी. इसकी आॅडियो रिकार्डिग भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराई गयी थी लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.’

मुरैना एसपी एपी सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया, मृतक मुकेश दुबे पर धोखाधड़ी, हमला करने और आर्म्स एक्ट से जुड़े हुए नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं.

उन्होंने बताया कि सुमावली थाने के गुंडा लिस्ट में उनका नाम था. वह मैनपुरी के मूल निवासी थे और एक दशक से ज़्यादा समय से मुरैना में रह रहे थे. उनके आरटीआई एप्लीकेशन मुख्यत: ज़िला पंचायत और सरपंचों की कार्यप्रणाली से जुड़े हुई होते थे.

इस बीच, भोपाल में सूचना का अधिकार आंदोलन (आरटीआई) मध्य प्रदेश के संयोजक अजय दुबे ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, ‘मैंने आरटीआई कार्यकर्ता मुकेश दुबे की हत्या के मामले में प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है.’

दुबे ने कहा कि इसके साथ ही ह्विसल ब्लोअर संरक्षण एक्ट के तहत प्रदेश में आरटीआई कार्यकर्ताओं को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)