कोविड-19

कोविड-19 बूस्टर डोज़ के लिए वरिष्ठ नागरिकों को डॉक्टर के प्रमाण-पत्र की ज़रूरत नहीं: केंद्र

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि 60 से अधिक उम्र की 2.75 करोड़ आबादी को कोविड टीके की एहतियाती डोज़ लगनी है, जिसे लेने से पहले वे अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि नए टीकाकरण अभियान के तहत 15-18 आयुवर्ग के लाभार्थियों को सिर्फ कोवैक्सीन दी जाएगी.

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों से कहा कि दो से अधिक बीमारियों से ग्रस्त 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना की तीसरी एहतियाती खुराक लेने के लिए डॉक्टर के किसी प्रमाणपत्र को दिखाने की जरूरत नहीं होगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बच्चों के लिए शुरू हो रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान से पहले मंगलवार को बताया कि नए चरण के टीकाकरण अभियान के लिए अनुमानित रूप से 7.40 करोड़ लाभार्थी हैं.

उन्होंने कहा कि जिला अधिकारियों को 15 से 18 साल के लाभार्थियों के टीकाकरण के लिए जगह सुनिश्चित करनी होगी.

भूषण ने राज्यों को बताया कि 60 से अधिक उम्र की 2.75 करोड़ आबादी को यह एहतियाती डोज लगानी है.

उन्होंने राज्यों को लिखे पत्र में कहा, ‘दो या इससे अधिक बीमारियों से ग्रस्त 60 साल या इससे अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना की तीसरी बूस्टर डोज लगवाते समय डॉक्टर के किसी तरह के प्रमाणपत्र को दिखाने की जरूरत नहीं होगी. हालांकि, इस तरह के लोग कोरोना की एहतियाती डोज लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं.’

भूषण ने कहा जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में शामिल किया जाएगा.

भूषण ने कहा कि सभी स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स जो किसी भी कारण से कोविन सिस्टम पर पंजीकृत हैं और जिनकी उम्र 60 साल से कम है, उन्हें यह एहतियाती डोज लगवाने के लिए खुद को स्वास्थ्यकर्मी या फ्रंटलाइन वर्कर्स के तौर पर दर्ज कराना होगा.

भूषण ने राज्यों को बताया, ‘ऐसा करने के लिए उन्हें निर्धारित फॉर्मेट में रोजगार प्रमाणपत्र पेश करना होगा. यह सुविधा सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर उपलब्ध होगी. सरकारी टीकाकरण केंद्रों में इस एहतियाती डोज का लाभ उठाया जा सकता है.’

बाल टीकाकरण के बारे में बताते हुए भूषण ने कहा कि 15 से 18 आयुवर्ग के लाभार्थियों को केवल कोवैक्सीन दी जाएगी. जिलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि टीके का मिश्रण नहीं हो और अलग कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों की पहचान की जानी चाहिए.

भूषण ने यह भी कहा कि राज्यों को उन स्थानों के बारे में पहले से ही उचित रूप से प्रचार करना चाहिए जहां 15 से 18 आयुवर्ग के बच्चों के लिए टीकाकरण उपलब्ध होगा. टीकाकरण के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन अपॉइन्टमेंट बुक की जा सकती है. टीकाकरण स्लॉट की उपलब्धता के आधार पर ऑफलाइन अपॉइन्टमेंट सेवा उपलब्ध होगी. यह भी सलाह दी जाती है कि लाभार्थियों को कोविन के जरिये अपनी पसंद के टीकाकरण केंद्र के लिए स्लॉट की उपलब्धता का पता लगाना चाहिए.

इस एहतियाती डोज को लेकर भूषण ने कहा कि कोविन सिस्टम के जरिये पंजीकृत लाभार्थियों को कोरोना डोज लगवाने के लिए एसएमएस भेजा जाएगा.