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गौरी लंकेश हत्या मामले में दो संदिग्धों के स्केच जारी

एसआईटी ने किसी संगठन विशेष की संलिप्तता पर कुछ कहने से इनकार करते हुए कहा, हम सबूतों की तरफ देख रहे, व्यक्ति या समूह की तरफ नहीं.

Bangalore: Over a month after journalist Gauri Lankesh was shot dead outside her house in Bengaluru's upscale locality, Karnataka Police released sketches of the suspected killers and asked for "public help." The Special Investigation Team, which is probing the murder, has also released a video of the suspects that they obtained from CCTVs during the investigation. PTI Photo(PTI10_14_2017_000069B)

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में दो संदिग्धों के तीन स्केच जारी. (फोटो: पीटीआई)

बेंगलूरु: वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शनिवार को दो संदिग्धों के स्केच और सीसीटीवी फुटेज जारी किए. एसआईटी द्वारा जारी किए गए फुटेज गौरी लंकेश के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों से लिए गए हैं. गौरी की पांच सितंबर को उनके घर के पास ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

21 सदस्यीय एसआईटी ने स्केच जारी किए जो चश्मदीदों से मिली जानकारी तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तैयार किए गए हैं.
एसआईटी प्रमुख बीके सिंह ने संवाददाताओं से कहा, सिर्फ दो संदिग्ध हैं लेकिन हमने तीन सकेच जारी किए हैं जो दो चश्मदीदों की गवाही पर आधारित हैं… हमने एक संदिग्ध के दो स्केच जारी किए हैं क्योंकि दो पेशेवर चित्रकारों ने उन्हें बनाया है.

उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने जांच के सिलसिले में 200 से 250 लोगों से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि हमलावरों ने पत्रकार की हत्या में 7.65 एमएम देसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया था.

उन्होंने कहा कि हमने गौरी लंकेश की हत्या में किसी पेशेवर प्रतिद्वंद्विता की बात से इंकार किया है. दूसरे शब्दों में, इस घटना में कोई पत्रकार शामिल नहीं है. लेकिन अन्य पहलुओं नक्सलियों और निजी से भी जांच की जा रही है.

उन्होंने कहा कि संदिग्धों की उम्र 25 से 35 साल के बीच है और दोनों अपराध से पहले बेंगलुरु में कम से कम सात दिन तक रहे.
सिंह के अनुसार स्केच जारी किए गए हैं ताकि संदिग्धों का पता लगाया जा सके. उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि अगर उनके पास कोई जानकारी है तो वे उसे साझाा करें.

अधिकारी ने कहा कि लोग मोबाइल नंबर 9480800202 या व्हाट्सऐप नंबर 9480800304, 9480801701 या एसआईटीडाटजीलंकेशएटकेएसपीडाटजीओवीडाटआईएन पर भी सूचना भेज सकते हैं.

एसआईटी प्रमुख ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी. ऐसे व्यक्ति को उचित पुरस्कार दिया जाएगा जिसकी घोषणा राज्य सरकार पहले ही कर चुकी है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, एसआईटी प्रमुख बीके सिंह ने किसी संगठन या समूह विशेष की संलिप्तता पर कुछ कहने से इनकार किया. उन्होंने एमएम कलबुर्गी, गोविंद पानसरे, नरेंद्र दाभोलकर और गौरी लंकेश की हत्याओं में किसी तरह की समानता पर भी कुछ कहने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि एसआईटी दूसरे मामलों के तथ्यों को लेकर विश्लेषण कर रही है. इनमें समानता भी है और असमानता भी है.

अखबार के मुताबिक, गौरी की हत्या में नक्सलियों की भूमिका के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि हम सबूतों पर गौर कर रहे हैं, हम किसी समूह या व्यक्ति की तरफ नहीं देख रहे हैं.

लोगों द्वारा दी गई सूचनाओं और सीसीटीवी फुटेज की मदद से एसआईटी ने दो संदिग्ध लोगों के तीन स्केच जारी किए. वे दोनों गौरी लंकेश के घर के आसपास देखे गए थे. उनमें से एक हत्या के दिन गौरी लंकेश के घर की रेकी कर रहा था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)