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बंद करो खोखला भाषण, दाम बांधो, काम दो, वर्ना ख़ाली करो सिंहासन: राहुल गांधी

गुजरात चुनाव राउंडअप: अमित शाह ने कहा, एनजीओ की चिट देखकर किसानों पर बात कर रहे राहुल. जेटली बोले, विकास का मज़ाक उड़ाकर अजीब अभियान चला रही कांग्रेस.

Valsad: Congress vice-president Rahul Gandhi greeting people during his road show at Valsad district, in Gujarat on Friday. PTI Photo(PTI11_3_2017_000151A)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को गुजरात के वलसाड में लोगों से मिलते हुए. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली/अहमदाबाद: गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सभाएं करने के अलावा ट्विटर के सहारे भी हर दिन नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं. दूसरी तरफ, भाजपा भी अपने दल-बल के साथ पूरी ताकत लगा रही है. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और अमित शाह ने शनिवार को राहुल गांधी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला.

इधर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को नरेंद्र मोदी सरकार से कहा कि उसे खोखला भाषण देना बंद करना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि वह मूल्यवृद्धि रोकने और लोगों को नौकरी देने में विफल रहती है तो उसे सत्ता छोड़ देनी चाहिए.

राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘महंगी गैस, महंगा राशन, बंद करो खोखला भाषण, दाम बांधो, काम दो
वरना खाली करो सिंहासन.’

राहुल ने ट्वीट के साथ एक खबर भी शेयर की, जिसमें रसोई गैस एवं अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ने संबंधित समाचार है. गुजरात दौरे के समय राहुल ने लोगों, विशेषकर सोशल मीडिया उपयोग करने वालों का ध्यान अपने ट्वीट के जरिये आकर्षित किया है. वे बढ़ते मूल्य, बेरोजगारी, नोटबंदी, जीएसटी, अर्थव्यवस्था की बुरी स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं.

लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही कांग्रेस

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को किसानों की पीड़ा के बारे में बात करने को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा और दावा किया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष कुछ गैर सरकारी संगठनों की ओर से दी गई ‘चिट’ पर निर्भर हैं.

शाह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी गुजरात के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह विकास के मुद्दे पर चर्चा करे और विधानसभा चुनाव भी इसी मुद्दे पर लड़े.

शाह ने दावा किया कि भाजपा के शासनकाल में गुजरात में किसानों की हालत सुधरी है और केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के तहत राज्य के 25 लाख नौजवानों को रोजगार मिला.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘राहुल गांधी राज्य में घूम रहे हैं और कुछ एनजीओ की ओर से दी गई चिट के आधार पर किसानों के बारे में बात कर रहे हैं. वह नहीं जानते कि भाजपा सरकार ने वो हासिल किया जो कांग्रेस नहीं कर सकी.’

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में गुजरात में 46 लाख टन दूध का उत्पादन होता था और भाजपा की सरकार में बढ़कर 122 लाख टन हो गया. शाह छह दिन के गुजरात दौरे पर हैं.

जातिवाद का जहर फैला रही है कांग्रेस: जेटली

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को आरोप लगाया कि विकास का मजाक उड़ाकर कांग्रेस ‘अजीबो-गरीब अभियान’ चला रही है और ‘जातिवाद का जहर’ फैला रही है.

जेटली ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि राहुल को इस विषय पर कोई जानकारी नहीं है.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘गुजरात में पिछले तीन चुनावों के दौरान कांग्रेस ने एक शख्स (नरेंद्र मोदी) को निशाना बनाया. उन्होंने 2007 और 2012 के चुनावों के दौरान पूरी मशीनरी का इस्तेमाल किया, सीबीआई का गलत इस्तेमाल किया, आतंकवादियों के रूप में देश विरोधी तत्वों का इस्तेमाल किया.’

जेटली ने कहा, ‘इस बार मुझे अजीबो-गरीब स्थिति लग रही है. ऐसा पहली बार हो रहा है… न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में… कि एक राजनीतिक पार्टी विकास को बुरी चीज के तौर पर पेश कर अपने अभियान की शुरुआत कर रही है.’

कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे ‘विकास पागल हो गया है’ अभियान की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘विकास गरीबी से लड़ता है, यह पिछड़ेपन से लड़ता है, लेकिन वे इसी का मजाक उड़ा रहे हैं.’

हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवानी और अल्पेश ठाकोर जैसे जातिगत जनाधार वाले नेताओं को अपने पाले में लाने की कांग्रेस की कोशिशों की आलोचना करते हुए जेटली ने कहा, ‘जब कोई काम नहीं बन पड़ता तो आप विकास की राजनीति को रोकने के लिए जातिवाद का जहर फैलाते हैं. देश के जिन दूसरे राज्यों में जातिवाद का जहर फैलाया गया है, वे विकास के मामले में पीछे हैं.’

गुजरात चुनाव के प्रभारी जेटली ने कहा, ‘राज्य को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश का खेल काफी खतरनाक है.’ उन्होंने कहा, ‘जब विकास होता है, राजमार्ग बनाए जाते हैं, विश्वविद्यालय बनाए जाते हैं. बिजली की आपूर्ति होती है. इससे समाज के हर तबके को लाभ होता है. विकास सभी की मदद करता है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)