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इतने बड़े देश का शासन बाबुओं के हवाले छोड़ पूरी सरकार गुजरात में है: कांग्रेस

गुजरात चुनाव राउंड अप: अरुण जेटली-अमित शाह सहित भाजपा के आधा दर्जन से ज़्यादा मंत्री, सांसद लोगों के साथ चाय पीते हुए सुनेंगे पीएम के ‘मन की बात’, प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ख़ुश हूं.

फाइल फोटो: पीटीआई

फाइल फोटो: पीटीआई

नई दिल्ली/अहमदाबाद: गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने के बाद संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने के निर्णय को लेकर राजग सरकार पर निशना साधते हुए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी सरकार पर आरोप लगाया कि वे विभिन्न मुद्दों पर सांसदों के सवालों से बचना चाहते हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, हम प्रधानमंत्री एवं सरकार पर आरोप लगाते हैं कि गुजरात में चुनाव से पहले वह संसद में होने वाली चर्चाओं से भाग रहे हैं.

उन्होंने कहा, 130 करोड़ लोगों के इस देश का शासन-प्रशासन एवं नीतिगत निर्णय बाबुओं एवं अधिकारियों के हवाले छोड़कर प्रधानमंत्री और उनकी पूरी सरकार गुजरात में है. उन्होंने भाजपा पर गुजरात चुनाव के प्रचार में इतने अधिक संसाधन लगाने का आरोप लगाया जैसा पहले कभी देखने को नहीं मिला.

उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में जीएसटी को गलत ढंग से लागू करने और राफेल सौदे सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरेगी. शर्मा ने कहा, प्रधानमंत्री नही चाहते कि गुजरात के मतदाता सच्चाई देखें. गुजरात के मतदाताओं को पता चल जाएगा कि बड़ी बड़ी बातें करने वाले प्रधानमंत्री इतने कमजोर हैं कि उन्होंने संसद का सामना नहीं करना पसंद किया.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की संसदीय मामलों की समिति ने कल शीतकालीन सत्र की तारीखों के बारे में निर्णय किया था. समिति के फैसलों के अनुसार संसद सत्र 15 दिसंबर से पांच जनवरी तक आहूत किया जाएगा. गुजरात विधानसभा का चुनाव नौ एवं 14 दिसंबर को होगा. चुनाव के परिणाम 18 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

कालेधन का प्रयोग देखने को आप गुजरात भाजपा को देख सकते हैं

आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारदर्शिता और कालेधन पर लगाम कसने का दावा करते हैं. किंतु उनकी सरकार के शासनकाल में काला धन और उसका प्रयोग बढ़ा है. उन्होंने कहा, काले धन का प्रयोग किस प्रकार बढ़ा है इसे देखने के लिए आप गुजरात में भाजपा के संसाधनों को देख सकते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि आज जनता से जुड़ी चिंताओं एवं समस्याओं पर चर्चा नहीं हो रही और भाजपा इनसे भाग रही है. उन्होंने कहा, गुजरात की जनता को यह अधिकार है कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले और बाद में जो कहा तथा भाजपा के घोषणापत्र में जो वादे किए गए उनमें से कितने पूरे हुए.

शर्मा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री रोजगार, अर्थव्यवस्था की स्थिति आदि के बारे में कुछ नहीं बोल रहे. उन्होंने आरोप लगाया, भाजपा और उसकी सरकार विकास नहीं विघटन-विभाजन की बात कर रही है. वे देश के माहौल को बिगाड़ रहे हैं. भाजपा और संघ परिवार तमाम ऐसी बातें ला रहा है जिससे देश में सामाजिक एकता टूटे, तनाव बढ़े.

भाजपा नेता चाय पीते हुए लोगों के साथ सुनेंगे मन की बात

कांग्रेस के एक ट्वीट में चायवाला कहकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाए जाने का लाभ उठाने के क्रम में अरुण जेटली और अमित शाह सहित भाजपा नेता रविवार को समूचे गुजरात में लोगों के साथ चाय पीते हुए रेडियो पर प्रधानमंत्री की मन की बात सुनेंगे.

इस कार्यक्रम का नाम मन की बात-चाय के साथ रखा गया है जो 182 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 50,128 बूथों पर होगा. पार्टी की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अहमदाबाद के दरियापुर निर्वाचन क्षेत्र में कार्यक्रम में शामिल होंगे. केंद्रीय वित्त मंत्री सूरत-पश्चिम सीट के अडाजन क्षेत्र में एक बूथ पर लोगों के साथ चाय पियेंगे.

विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम में शामिल होने वाले पार्टी नेताओं में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, उमा भारती, स्मृति ईरानी, जुएल ओरांव, पुरुषोत्तम रूपाला, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जीतू वघानी, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और गुजरात के कई मंत्री, विधायक तथा सांसद शामिल हैं.

कार्यक्रम नरेंद्र मोदी के 27 और 29 नवंबर के दौरे से पहले आयोजित हो रहा है. इस दौरान वह सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में आठ रैलियों को संबोधित करेंगे जहां नौ दिसंबर को मतदान होगा.

युवक कांग्रेस द्वारा मोदी की चाय विक्रेता की पृष्ठभूमि का मजाक बनाए जाने का हवाला देते हुए राज्य के भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव ने 23 नवंबर को इस आयोजन की घोषणा की थी.

यूथ कांग्रेस ने अपने ट्वीट पर विवाद होने के बाद माफी मांग ली थी और ट्वीट को हटा लिया था. यह ट्वीट युवक कांग्रेस की पत्रिका युवा देश के ट्विटर हैंडल पर किया गया था. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ट्वीट की निंदा करते हुए इसे गरीब विरोधी करार दिया था.

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर ने कहा था कि मोदी, पूर्व चाय विक्रेता, कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते. भाजपा ने तब चुनाव प्रचार के तहत मोदी की चाय पर चर्चा शुरू करने के लिए इस टिप्पणी का लाभ उठाया था.

प्रधानमंत्री ने कहा खुश हूं

गुजरात चुनाव से कुछ ही समय पहले भाजपा नेता रविवार को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर रेडियो पर हर माह प्रसारित होने वाले प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात कार्यक्रम सुनेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, ‘यह जानकर खुश हूं कि गुजरात भाजपा के कार्यकर्ता मतदान केंद्रों पर जा रहे हैं और साथ में मन की बात सुनेंगे.’

पार्टी ने शनिवार को कहा कि भाजपा प्रमुख अमित शाह दरियापुर विधानसभा सीट पर एक मतदान केंद्र पर इस प्रसारण को सुनेंगे. उल्लेखनीय है कि गुजरात चुनाव के लिए प्रचार कार्य जोरशोर से चल रहा है. भाजपा और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

पत्नी की जगह बहू को टिकट दिए जाने से भाजपा सांसद परेशान

गुजरात की कलोल विधानसभा सीट के लिए अपनी पत्नी की जगह बहू को टिकट दिए जाने से नाखुश भाजपा सांसद प्रभातसिंह चौहान ने चेतावनी दी कि अगर पार्टी ने मौजूदा उम्मीदवार की जगह उनकी पसंद के उम्मीदवार को टिकट नहीं दी तो वह पार्टी की जीत की गारंटी नहीं दे सकते.

गुजरात विधानसभा के दूसरे दौर के चुनाव के लिए भाजपा ने 13 उम्मीदवारों की पांचवीं सूची शुक्रवार को जारी की थी. पार्टी ने पंचमहल जिले की कलोल सीट से मौजूदा विधायक अरविंद सिंह चौहान का नाम काटकर प्रभात सिंह चौहान की बहू सुमन चौहान को खड़ा किया है.

इस घोषणा के बाद प्रभातसिंह चौहान ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को खत लिखकर सुमन चौहान को बदलकर किसी स्थानीय उम्मीदवार को टिकट देने का अनुरोध किया.

अपने खत में उन्होंने यद्यपि सीधे-सीधे अपनी पत्नी रंगेरी को पार्टी टिकट दिए जाने की मांग नहीं की लेकिन हाल ही में उन्होंने संवाददाताओं से कहा था कि वह कलोल सीट के लिए सबसे अच्छी उम्मीदवार हैं.

रंगेरी जहां पंचमहल जिले की घोघांबा तालुका पंचायत की अध्यक्ष हैं वहीं सुमन चौहान पंचमहल जिला पंचायत की सदस्य हैं. सांसद ने एक खत में यह आरोप भी लगाया था कि उनका बेटा प्रवीनसिंह एक शराब तस्कर है और वह और उसकी पत्नी जेल भी जा चुके हैं.

चौहान ने एक खत में लिखा, मेरा बेटा प्रवीण शराब तस्कर है और उसके खिलाफ कई मामले लंबित हैं. वह और उसकी पत्नी सुमन पूर्व में जेल भी जा चुके हैं. इससे भाजपा के सीट जीतने की संभावना को नुकसान हो सकता है और, सुमन गोधरा से आती हैं जिसे कलोल के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे.

भाजपा के लिए वोट बटोरने को राम मंदिर का मुद्दा उठा रहे हैं भागवत: कांग्रेस

कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत राम मंदिर मुद्दे को केवल इसीलिए उठा रहे हैं ताकि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए वोट बटोरे जा सकें और देश के लिए चिंता का विषय बने मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने संवाददाताओं के एक प्रश्न के जवाब में कहा कि अयोध्या विवाद उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और उसका फैसला शीर्ष न्यायालय ही करेगा. वह जो भी फैसला करेगा वह सर्वमान्य होगा.

शर्मा ने कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश चलाने के लिए लोगों ने वोट दिया था. उन्होंने इस विषय को लेकर चुनाव नहीं लड़ा था. उन्होंने दावा किया, चुनाव सामने है तो, ये विषय सामने आ गया. उन्होंने कहा, इस वक्त देश को जवाब चाहिए कि करोड़ों रोजगार कहॉं गए हमारी अर्थव्यवस्था क्यों चरमराई हमारे बाज़ार क्यों टूटे, हमारे नौजवान क्यों हताश हैं हमको ये जवाब पहले चाहिए.

शर्मा ने कहा, यही हम कह रहे हैं कि ये सरकारअसली विषय से भाग रहे हैं. जनता से जुड़ी हुई जो बुनियादी समस्याएं हैं, उनसे भाग रहे हैं. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख भागवत ने शुक्रवार को कर्नाटक के उडुपी में विहिप नेताओं और विभिन्न साधु-संतों को धर्म संसद में संबोधित करते हुए कहा था कि इस बात को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण होगा. उन्होंने कहा, हम इसका निर्माण करेंगे. यह कोई लोकलुभावन घोषणा नहीं बल्कि हमारी आस्था का मामला है. यह नहीं बदलेगा.

गुजरात मॉडल रोजगारहीन विकास का उदाहरण: जेफरलॉ

प्रसिद्ध राजनीतिक विज्ञानी क्रिस्टोफ जैफरलॉ ने गुजरात विधानसभा से पहले शनिवार को यहां कहा कि विकास का गुजरात मॉडल एक तरह से रोजगारहीन विकास का उदाहरण है.

उन्होंने यहां टाइम लिटफेस्ट साहित्य सम्मेलन के पॉलिटिकल कंजरवेटिव्स एंड द राइट इन इंडिया शीर्षक वाले सत्र में कहा कि गुजरात मॉडल से निकलने वाले अधिकतर अवसरों से लघु एवं मध्यम उपक्रमों एसएमई से क्षमता से कम नौकरियों का सृजन हुआ.

लेखक-शोधकर्ता ने कहा, गुजरात मॉडल रोजगारहीन विकास का एक दिलचस्प उदाहरण है या आप यह कह सकते हैं कि यह न्यूनतम विकास के साथ होने वाले वृद्धि का मामला है. इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों से काफी निवेश मिला जिन्हें जमीनें, सस्ता श्रमिक और साफ तौर पर कर से छूट दी गई. उन्होंने कारखाने, रिफाइनरियों का निर्माण किया लेकिन इनसे उतनी नौकरियों का सृजन नहीं हुआ जितनी छोटे एवं मध्यम उपक्रम करते.

उन्होंने कहा कि राज्य में विकास के बावजूद गरीबों की दशा में बदलाव नहीं हुआ जिससे भाजपा पर एक जवाबदेही बनती है. जैफरलॉ ने कहा, पहले एक तरफ गुजरात में गरीब थे और दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी, अब दिल्ली में भाजपा है और वहां अब भी गरीब हैं. इसलिए यह विश्लेषण का समय है, यह जवाबदेही तय करने का समय है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)