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विजय माल्या और नीरव मोदी समेत 31 कारोबारी विदेश फ़रार: विदेश मंत्रालय

12,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के पीएनबी घोटाले में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए ईडी ने इंटरपोल का रुख़ किया.

विजय माल्या और नीरव मोदी. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

विजय माल्या और नीरव मोदी. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

नई दिल्ली: विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने बीते बुधवार को लोकसभा में बताया कि विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी समेत 31 कारोबारी सीबीआई से जुड़े मामले में विदेश फ़रार हैं.

विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि विदेश मंत्रालय को विजय माल्या, आशीष जोबनपुत्र, पुष्पेश कुमार वैद्य, संजय कालरा, वर्षा कालरा और आरती कालरा के प्रत्यर्पण के संबंध में सीबीआई से अनुरोध प्राप्त हुआ है और इन्हें विचार के लिए संबंधित देशों को भेज दिया गया है.

इसके अलावा सन्नी कालरा के संबंध में प्रत्यर्पण संबंधी सीबीआई के आग्रह पर विदेश मंत्रालय विचार कर रहा है.

लोकसभा में मो. बदरूद्दोज़ा ख़ान, कौशल किशोर, मोहम्मद सलीम और रामदास तदस ने विदेश फ़रार होने वाले ऐसे कारोबारियों की जानकारी एवं सूची मांगी थी.

अकबर ने कहा कि सीबीआई की सूची के अनुसार, सीबीआई से जुड़े मामलों में विदेश फ़रार होने वाले कारोबारियों में विजय माल्या, सौमित जेना, विजय कुमार रेवा भाई पटेल, सुनील रमेश रूपाणी, पुष्पेश कुमार वैद्य, सुरेंद्र सिंह, अंगद सिंह, हरसाहिब सिंह, हरलीन कौर, अशीष जोबनपुत्र, जतीन मेहता, नीरव मोदी, नीशल मोदी, अमी नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, चेतन जयंतीलाल संदेशरा, दीप्ति चेतन संदेशरा, नितिन जयंतीलाल संदेशरा, सभ्य सेठ, नीलेश पारिख, उमेश पारिख, सन्नी कालरा, आरती कालरा, संजय कालरा, वर्षा कालरा, हेमंत गांधी, ईश्वर भाई भट, एमजी चंद्रशेखर, चेरिया वी. सुधीर, नौशा कादीजथ और चेरिया वी. सादिक शामिल हैं.

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय की सूची के अनुसार जांच से जुड़े मामलों में भारत से फ़रार होने वाले लोगों में विजय माल्या, जतिन मेहता, ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, रितेश जैन, संजय भंडारी, नितिन जयंती संदेशरा, चेतन जयंतीलाल संदेशरा, धर्मेंदर सिंह आनंद, आशीष जोबनपुत्र और प्रीति जोबनपुत्र के नाम शामिल हैं.

अकबर ने कहा कि सरकार ने ऐसे आर्थिक अपराध करने वाले भगोड़ों के संबंध में संसद में भगोड़े आर्थिक अपराध विधेयक 2018 को आगे बढ़ाने का निर्णय किया है.

ईडी ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस के लिए इंटरपोल का रुख़ किया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 12,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के पीएनबी घोटाले के सिलसिले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल का रुख़ किया है.

अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन के एक मामले में अदालत की ओर से जारी ग़ैर-ज़मानती वॉरंट के आधार पर ईडी ने नीरव और मेहुल के ख़िलाफ़ इंटरपोल वॉरंट जारी करने की मांग की है.

समझा जाता है कि ईडी ने इस बाबत सीबीआई के पास अपना अनुरोध भेजा है ताकि फ्रांस के लियोन शहर स्थित इंटरपोल मुख्यालय के सामने यह मुद्दा उठाया जा सके.

किसी आपराधिक मामले की जांच के सिलसिले में प्रत्यर्पण या ऐसी ही क़ानूनी कार्रवाई के सिलसिले में वांछित लोगों के ठिकाने का पता लगाने और उनकी गिरफ़्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाता है.

एक बार रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो जाने के बाद इंटरपोल दुनिया के किसी भी कोने से संबंधित व्यक्ति को गिरफ़्तार करने की कोशिश करती है और उस देश को उसे हिरासत में लेने के बारे में अधिसूचित करती है ताकि उनकी ओर से आगे की कार्रवाई की जा सके.

मुंबई की एक विशेष अदालत ने इस महीने की शुरुआत में ईडी के अनुरोध पर ग़ैर-ज़मानती वॉरंट जारी किया था.

इससे पहले, ईडी ने घोटाले के मुख्य आरोपियों नीरव मोदी और मेहुल को सम्मन जारी किया था और उनसे मुंबई में एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा था. बहरहाल, दोनों ने कारोबार के सिलसिले में व्यस्त होने की दुहाई देकर पेश होने में अक्षमता ज़ाहिर की थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)