राजनीति

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ रेप का केस ख़त्म करेगी योगी सरकार

कथित बलात्कार पीड़िता ने राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में सरकार के इस क़दम पर आपत्ति दर्ज कराते हुए चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ वारंट जारी करने की मांग की है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के विरुद्ध चल रहे बलात्कार के एक मुक़दमे को वापस लिए जाने के आदेश संबंधी एक पत्र शाहजहांपुर ज़िला प्रशासन को भेजा है.

वहीं, दूसरी ओर कथित बलात्कार पीड़िता ने राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में सरकार के इस क़दम पर आपत्ति दर्ज कराते हुए चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ वारंट जारी करने की मांग की है.

अपर ज़िलाधिकारी (प्रशासन) सर्वेश दीक्षित ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार के गृह विभाग ने शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद पर धारा 376 (बलात्कार) और 506 (धमकाने) के तहत दर्ज मुक़दमा वापस लिए जाने का आदेश ज़िला प्रशासन को जारी किया हैं.

इस बारे में अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार सिंह की ओर से मुक़दमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत को भेजे गए पत्र में कहा है कि सरकार ने गत छह मार्च को भेजे गए पत्र में चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ दर्ज मुक़दमा वापस लेने का निर्णय है.

वहीं, दूसरी और चिन्मयानंद पर बलात्कार का मुक़दमा दर्ज कराने वाली महिला ने राष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश और जिला जज को पत्र भेजकर राज्य सरकार के इस क़दम पर आपत्ति दर्ज कराई है.

उन्होंने कहा है कि इसके बजाय पूर्व गृह राज्यमंत्री के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया जाना चाहिए.

महिला ने कहा, ‘यही भाजपा ‘बेटियों के सम्मान में, भाजपा मैदान में’ का नारा दे रही थी और अब वहीं पार्टी मेरा मुक़दमा ख़त्म करा रही है, यह बहुत ही दुखद है. सरकार को न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए थी. मैंने अदालत में इस आशय का प्रार्थनापत्र दे दिया है कि आरोपी के ख़िलाफ़ वारंट जारी करके उसे जल्द से जल्द जेल भेजा जाए.’

ज्ञातव्य है कि जौनपुर से सांसद रहे स्वामी चिन्मयानंद तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री थे. उस वक़्त उनके संपर्क में आई यह महिला उनके एक विद्यालय में प्राचार्य थीं. उन्होंने 30 नवंबर, 2011 को चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ शहर कोतवाली में बलात्कार का मुक़दमा दर्ज कराया था.

गिरफ़्तारी से बचने के लिए स्वामी ने हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था. कोर्ट ने उनकी गिरफ़्तारी पर स्टे दे दिया था, तब से केस लंबित चला आ रहा है.

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते 25 फरवरी को शाहजहांपुर गए थे. वहां उन्‍होंने स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम में आयोजित मुमुक्ष युवा महोत्सव में भाग लिया था.

इसके अलावा तीन मार्च को स्वामी चिन्मयानंद के जन्‍मदिन पर भी कई महत्‍वपूर्ण लोग बधाई देने उनके आश्रम गए थे. इनमें कई वरिष्‍ठ अफसर भी शामिल थे.

रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान स्‍वामी के समर्थकों ने उनकी आरती भी उतारी थी. कार्यक्रम का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें शाहजहांपुर के सीडीओ और एडीएम (प्रशासन) जितेंद्र शर्मा भी स्‍वामी की आरती उतारते देखे जा सकते हैं. इसके छह दिन बाद शर्मा के ही दस्‍तख़त से जारी पत्र में मुक़दमा वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए गए हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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