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महाराष्ट्र के औरंगाबाद में सांप्रदायिक हिंसा में दो लोगों की मौत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों पक्षों में टकराव की नौबत एक समुदाय विशेष के लोगों के अवैध नल कनेक्शन काटने को लेकर आई.

Aurangabad: A police personnel looks as fire is set ablaze due to a communal riot that escalated due to clamping illegal water connection in a religious place in Moti Karanja area of Aurangabad on Friday. PTI Photo (PTI5_12_2018_000047B)

औरंगाबाद के मोती करांजा इलाके में अवैध पानी के कनेक्शन को लेकर हुए विवाद ने सांप्रदायिक तनाव का रंग ले लिया. (फोटो: पीटीआई)

औरंगाबाद: महाराष्ट्र के औरंगाबाद में शुक्रवार रात दो समुदायों के बीच हुई झड़प में दो लोगों की मौत हो गई और 41 अन्य घायल हो गए. घायलों में 15 पुलिस के जवान भी शामिल हैं.

आईएएनएस की खबर के मुताबिक, ऐहतियात के तौर पर प्रशासन ने शहर में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया. मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि करते हुए औरंगाबाद के मेडिकल कॉलेज चिकित्सीय अधिकारी डॉक्टर कैलाश ज़िने ने बताया कि 41 घायलों सहित दो मृतकों को अस्पताल लाया गया था.

डॉक्टर ज़िने ने कहा, ‘पत्थरबाजी के चलते ज़्यादातर लोगों को सिर और आंखों में चोटें आई हैं. 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, बाकी की प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई है.’

झड़प की घटनाएं गांधीनगर, राजा बाज़ार और शहर के शाहगंज क्षेत्र में हुईं. जैसे ही झड़प बढ़ी, दो समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी शुरू कर दी और कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया.

भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि एक युवक की मौत हो गई.

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस फोर्स तेजी से घटनास्थल पर पहुंची. हालात पर काबू पाने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस के गोलों का सहारा लिया गया.

इंडिया टुडे से बातचीत में आईजी मिलिंद ब्रह्मवे ने इस बात की पुष्टि की कि एक युवक की गोली से घायल होने पर मौत हो गई.

आईएएनएस से ब्रह्मवे ने कहा, ‘हिंसा दो चरणों में हुई. पहले शुक्रवार शाम को और फिर दूसरी बार शनिवार को लेकिन अब हालात काबू में हैं.’

ब्रह्मवे ने बताया कि एक मामूली सा मुद्दा था लेकिन अफवाहों ने इसे बढ़ावा दिया और क्षेत्र में तनाव फैल गया.  दुकानें और वाहन जलाने में कुछ समाज विरोधी तत्व शामिल रहे.

उन्होंने कहा, ‘जांच जारी है और इस क्षण कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.’

उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे क़ानून अपने हाथ में न लें और शांति बनाए रखें. उन्होंने कहा, ‘हम तो अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं. अगर एक समूह पत्थर फेंक रहा है तो दूसरे समूह के लिए जरूरी है कि वे इसी तरह व्यवहार न करे.’

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट बताती हैं कि टकराव की नौबत एक समुदाय विशेष के लोगों के अवैध नल कनेक्शन काटने को लेकर आई.

औरंगाबाद शहर पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक एडवाइजरी भी जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे ट्विटर, फेसबुक और वॉट्सऐप पर फैल रही अफवाहों पर यकीन न करें. पुलिस ने चेतावनी भी दी है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसी सूचनाओं को फैलाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी.

इस बीच, महाराष्ट्र सरकार राज्य रिजर्व पुलिस बल, शहर की भारतीय रिजर्व बटालियन की यूनिटें तैनात कर दी हैं. साथ ही पड़ौसी ज़िलों से भी बल बुलाया गया है.

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