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मुंबई के आयकर कार्यालय में लगी आग, रखे थे नीरव-ललित मोदी और माल्या से जुड़े दस्तावेज़

दक्षिणी मुंबई के सिंधिया हाउस इमारत के तीसरे माले पर आग लगी. वहां आयकर विभाग की जांच शाखा और ऋण वसूली ट्रिब्यूनल के ऑफिस स्थित हैं.

Mumbai: Firefighters try to douse a fire which broke out at Scindia house building, in South Mumbai on Friday, June 1, 2018. The blaze started on the third floor of the I-T office located in multi-storeyed Scindia House. (PTI Photo/Shashank Parade) (Story no BES8)(PTI6_1_2018_000166B)

दक्षिण मुंबई स्थित मल्टी स्टोरी बिल्डिंग सिंधिया हाउस के तीसरे माले पर स्थित आयकर कार्यालय में लगी आग को बुझाते अग्निशमन कर्मचारी (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: दक्षिण मुंबई स्थित आयकर कार्यालय में शुक्रवार को आग लग गई. हालांकि दमकल विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है.

अधिकारी ने बताया कि सिंधिया हाउस में तीसरी मंजिल पर स्थित आयकर कार्यालय में आग लग गई, उनके नियंत्रण कक्ष को छह मंजिला इमारत की तीसरी मंजिल पर आग लगने के बारे में शाम करीब चार बजकर 55 मिनट पर सूचना मिली.

अधिकारी ने बताया कि तुरंत ही पांच दमकल गाड़ियां, पानी के चार टैंकरों के साथ दमकल विभाग के पर्याप्त संख्या में कर्मी आग बुझाने के लिए मौके पर गए.

उन्होंने बताया कि किसी के घायल होने की खबर नहीं है. इमारत की दूसरी मंजिल पर फंसे एक व्यक्ति को निकाल लिया गया.

अधिकारी ने बताया कि आग लगने की वजह का फिलहाल पता नहीं चल सका है.

मुंबई मिरर के मुताबिक, सिंधिया हाउस इमारत के जिस माले पर आग लगी वहां आयकर विभाग की जांच शाखा और ऋण वसूली ट्रिब्यूनल के ऑफिस स्थित हैं.  जिससे डर है कि कर चोरी के मामलों के हाई प्रोफाइल केसों से संबंधित दस्तावेजों को नुकसान पहुंच सकता है.

गौरतलब है कि इसी विभाग में नीरव मोदी के कर चोरी मामले की जांच चल रही है.

इस दौरान डीआरटी के पांच कर्मचारी कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बचाने की कोशिश में वहीं फंस गए और बचने के लिए छत पर चढ़ गए, उन्हें फायर ब्रिगेड द्वारा बचाया गया.

नाम न बताने की शर्त पर एक डीआरटी कर्मचारी ने बताया, यह करीब शाम साढ़े चार बजे की घटना है जब हमें लगा कि कुछ जल रहा है और परिसर को खाली कराया.

उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और वह इसे संदेह की दृष्टि से नहीं देखतीं. उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा बंदोव्सत चाक चौबंद थे. किसी के लिए भी इमारत में घुसना बहुत कठिन है’

सुरक्षाकर्मी अविजित पॉल, जिसकी तीव्र प्रतिक्रिया ने कई जिंदगी बचाने में मदद की, कहते हैं, ‘किसी न बदबू की शिकायत की थी. जब मैं उसका सूत्र तलाशने गया तो मुझे एहसास हुआ  कि बदबू एक कमरे से निकल रही थी जो कि बंद था क्योंकि अधिकारी छुट्टी पर था. एक दूसरे सुरक्षाकर्मी और मैंने दरवाजा तोड़ा और देखा कि कमरा आग की लपटों से घिरा हुआ है.’

एक अन्य डीआरटी कर्मी ने बताया कि उनके कार्यालय में प्लायवुड होने के चलते आग तेजी से फैली होगी. उन्होंने कहा, ‘विभाग द्वारा की गईं छापेमारी से प्राप्त सभी दस्तावेज बिल्डिंग में रखे गए हैं. जब्ती में प्राप्त चीजें और जुटाए गए साक्ष्य भी यहीं रखे गए हैं.’

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा विभिन्न जांचों से संबंधित जुटाए साक्ष्य और दस्तावेज इमारत के उसी माले पर रखे हो सकते हैं जहां आग लगी. उन्होंने अपनी बात में आगे जोड़ा कि जहां तक वे जानते हैं विभाग के पास इनमें से अधिकांश दस्तावेजों का बैक-अप नहीं है. और अगर ये नष्ट हो जाते हैं तो उन्हें वापस पाना मुश्किल होगा.

मुंबई के आयकर विभाग के डायरेक्टर जनरल एए शंकर ने हालांकि इस पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है.

उनसे पूछा गया कि क्या विभाग ऐसे मामलों में जब दस्तावेजों को नष्ट किए जाने का खतरा रहता हो, वहां किसी मानक प्रक्रिया का पालन करता है. जिस पर शंकर ने कहा कि एक ऐसी प्रक्रिया है लेकिन वे इस बारे में बाद में बात करेंगे.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी कार्यालय में देश को हजारों करोड़ का चूना लगाकर विदेश भागे ललित मोदी और विजय माल्या से संबंधित मामलों की फाइलें भी रखी थीं.

एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कोई भी महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रभावित नहीं हुआ है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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