भारत

मध्य प्रदेश: अर्जुन सिंह की पत्नी ने बेटे नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह पर लगाया घरेलू हिंसा का आरोप

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिवंगत नेता अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह ने अपने दो बेटों- अजय सिंह एवं अभिमन्यु सिंह, बहू सुनीति सिंह के ख़िलाफ़ कोर्ट में दी अर्ज़ी. घर से बेदख़ल करने का आरोप लगाया.

दिवंगत कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह, बेटे और मध्य प्रदेश सदन में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और अर्जुन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक/ट्विटर)

दिवंगत कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह, बेटे और मध्य प्रदेश सदन में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और अर्जुन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक/ट्विटर)

भोपाल: कांग्रेस के दिवंगत दिग्गज नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज कुमारी (83) ने अपने दो बेटों- अजय सिंह एवं अभिमन्यु सिंह के साथ-साथ बहू सुनीति सिंह के खिलाफ मंगलवार को अदालत में घरेलू हिंसा और संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर उन्हें बेदखल करने का आवेदन पेश किया है.

इस आवेदन पर त्वरित सुनवाई करते हुए भोपाल के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गौरव प्रज्ञान की अदालत ने मंगलवार शाम ही अजय, अभिमन्यु एवं सुनीति को नोटिस जारी करने के आदेश दे दिए हैं.

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई तय की है.

64 वर्षीय अजय सिंह सरोज के छोटे बेटे हैं. वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, जबकि सुनीति अजय की पत्नी हैं. अभिमन्यु बड़े बेटे हैं और वर्तमान में बेंगलुरू में रहते हैं.

सरोज ने अदालत में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 12 एवं सहपठित धारा 18, 19, 20 एवं 22 के अंतर्गत आवेदन दिया है और अपने बेटों अजय और अभिमन्यु पर घरेलू हिंसा करने, घर से बेदखल करने और भरण-पोषण नहीं करने का आरोप लगाया है.

सरोज ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, ‘मैं आज दोपहर एनआरआई उद्योगपति सैम वर्मा और बेटी वीणा सिंह के साथ अदालत पहुंची और अपने वकील दीपेश जोशी के माध्यम से यह आवेदन अदालत में पेश किया.’

सरोज सिंह व्हीलचेयर पर अदालत पहुंची थीं.

वर्तमान में अपने दोनों बेटे से अलग नोएडा में रह रहीं सरोज ने अपनी याचिका में कहा, ‘मेरे बेटों अजय सिंह (राहुल भैया) और अभिमन्यु सिंह ने घरेलू हिंसा कर मुझे मेरे ही घर से बेदखल कर दिया है. उन्होंने मेरा भरण-पोषण करने से इनकार कर दिया है. इस वजह से मुझे मजबूरी में अदालत की शरण लेनी पड़ी है.’

उन्होंने लिखा, ‘मेरे पति स्वर्गीय अर्जुन सिंह ने जीवनभर कांग्रेस पार्टी में रहकर उसके उन उसूलों पर काम किया जिनसे महिला संरक्षण हो और असहाय व्यक्तियों को सहयोग मिले. लेकिन, मेरे बेटे अजय सिंह ने कांग्रेस पार्टी के उन्हीं उसूलों को ताक पर रखकर मुझे मेरे घर से बेदखल कर दिया.’

Congress leader Arjun Singh wife family dispute

अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति. (फोटो साभार: ट्विटर)

सरोज ने आगे लिखा, ‘मुझे इस अवस्था और इस उम्र में अपना घर छोड़कर अलग-अलग जगहों पर रहना पड़ रहा है. यह कृत्य कांग्रेस पार्टी के उसूलों के खिलाफ है. यह प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी का नेता और सर्वसंपन्न होने के बावजूद मेरे बेटे के चरित्र को परिभाषित करता है.’

सरोज ने अर्जी में आगे कहा, ‘मैं चाहती हूं कि अदालत मुझे मेरे निवास में रहने देने में मदद करे और अजय सिंह को वहां से हटाने का आदेश दे. मुझे न्याय मिलने का भरोसा है.’

पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, सरोज ने अदालत से कहा, ‘वर्ष 2011 मे पति के निधन के बाद से ही लगातार बीमार हूं लेकिन बेटे-बहू ने देखभाल नहीं की. मुझे केरवा कोठी से भी निकाल दिया. दिल्ली में पति के नाम पर मिला सरकारी बंगला 2014 में खाली कर दिया. अब नोएडा में किराए के मकान में रह रही हूं. बेघर हूं. कहा जाऊं.’

उन्होंने अदालत से गुजारिश की है कि उन्हें प्रतिमाह पांच लाख रुपये भरण-पोषण और एक लाख रुपये चिकित्सा खर्च दिलाया जाए. 2011 से अब तक यह राशि एक करोड़ और एकमुश्त भरण-पोषण के तौर पर दस करोड़ रुपये है.

इस तरह सरोज ने संरक्षण, आवास और भरण पोषण के लिए कुल 13 करोड़ रुपये की मांग की है.

वहीं, दैनिक भास्कर के मुताबिक सरोज ने अजय सिंह को लेकर अपने पत्र में यह भी लिखा, ‘राहुल के राजनीतिक जीवन पर प्रभाव न पड़े इसलिए आज तक कोई दावा पेश नहीं किया. उम्मीद थी कि राहुल भोपाल लाकर मेरा इलाज कराएंगे और केरवा कोठी में रहने देंगे. लेकिन उन्होंने पत्नी सुनीता सिंह के कहने में आकर मुझे कभी भी केरवा कोठी में रहने की अनुमति नहीं दी. कोठी मेरी होने के बाद भी मैं उसमें नहीं रह पा रही हूं.’

गौरतलब है कि जिस घर के लिए मां-बेटों में यह विवाद चल रहा है, वह बाहरी भोपाल के रातीबड़ पुलिस थाना इलाके स्थित ‘केरवा महल’ है, जिसे अर्जुन सिंह की कोठी के नाम से भी जाना जाता है. इस बेशकीमती कोठी की वर्तमान में कीमत करोड़ों रुपये है.

सरोज के वकील जोशी ने कहा कि मेरे मुवक्किल ने अदालत से यह भी निवेदन किया है कि अदालत इस मामले में बिना दूसरे पक्षकार को सुने निर्णय दे, ताकि वह जल्द से जल्द अपने ‘केरवा महल’ वाले निवास में जाकर रह सकें.

जब अजय सिंह से इस मामले में उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, ‘जब अदालत से मुझे नोटिस मिलेगा, तब उसका जवाब दूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘यह भाजपा का षडयंत्र है.’

अजय ने बताया, ‘जब भी मैं मध्य प्रदेश की भाजपा नीत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाता हूं, तब ऐसी चीजें होती हैं.’

गौरतलब है कि 25 जून से होने वाले विधानसभा सत्र में अजय सिंह मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा नीत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले हैं. इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को हाल ही में प्रस्ताव भेजा है.

हालांकि अजय सिंह के इन आरोपों को उनकी बहन वीणा ने नकारा है. उन्होंने पत्रिका से कहा, ‘इसे राजनीति और चुनाव से जोड़ना गलत है. मां की पीड़ा है, जो बाहर निकल कर कोर्ट तक पहुंची.’

साथ ही वीणा सिंह ने मीडिया से कहा, ‘मैं केवल एक बेटी का फर्ज निभा रहीं हूं. मेरी मां को जो कुछ भी कहना था उन्होंने कोर्ट में लिखकर दे दिया है. मैं घर की कहनी सड़क पर नहीं बताना चाहती, आप दस्तावेज पढ़ लीजिए, मेरी मां बहुत दुखी है.’

अदालत में पेश अपने पत्र में सरोज ने इस बात की भी आशंका जताई है कि ऐसा करने के बाद उनके साथ फिर से घरेलू हिंसा हो सकती है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)