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केरल नन रेप मामले के गवाह फादर कुरियाकोज़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

परिवारवालों ने मामले की गहन जांच कराने की मांग की. फादर के भाई ने आरोप लगाया कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल के करीबी लोगों द्वारा बार-बार उन्हें धमकाया जा रहा था. उन्होंने उनकी कार क्षतिग्रस्त कर दी थी और जालंधर में उनके घर पर पथराव भी किया था.

(फोटो: रॉयटर्स)

पीड़ित नन के समर्थन में पांच ननों ने बिशप फैंको मुलक्कल की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर केरल के कोच्चि शहर में प्रदर्शन किया था. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

होशियारपुर/कोट्टायम: केरल में नन के साथ बलात्कार के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के ख़िलाफ़ गवाही देने वाले गवाह फादर कुरियाकोज़ कट्टुथारा सोमवार को पंजाब के होशियारपुर ज़िले के दसुया में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए.

62 वर्षीय फादर कुरियाकोज़ कट्टुथारा सेंट पॉल चर्च में अपने कमरे में बेसुध मिले थे, जिसके बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा. पुलिस के अनुसार उनके शरीर पर किसी तरह के चोट का कोई निशान नहीं है.

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) एआर शर्मा ने कहा, ‘कमरे में उलटी के निशान हैं.’

डीएसपी ने कहा, ‘विसरा की रिपोर्ट को जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा.’

शर्मा ने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘पुलिस पादरी के परिवार के केरल से यहां आने का इंतज़ार कर रही है. उनके यहां आने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा.’

उन्होंने कहा, ‘आज सुबह, जब कमरा साफ करने वाला व्यक्ति पादरी के कमरे में पहुंचा तो उसने कमरे को अंदर से बंद पाया. कई बार खटखटाने के बाद भी दरवाज़ा न खोलने पर उसने कमरे के विंडोपेन से झांककर देखा तो पादरी पलंग पर बेसुध दिखे. उसने तुरंत स्कूल के प्रशासन को जानकरी दी, जिन्होंने दरवाजा खोला और पादरी को मृत पाया.’

पादरी को 15 दिन पहले ही दसुया के कैथोलिक चर्च में स्थानांतरित किया गया था. वह चर्च परिसर में रह रहे थे. स्कूल भी दसुया के धर्मपुर में गिरिजाघर के परिसर में स्थित है. इससे पहले वह भोगपुर के गिरजाघर में तैनात थे. वह जालंधर में भी बतौर पादरी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

होशियारपुर उपायुक्त ईशा कालिया ने कहा, ‘पुलिस मामले की जांच कर रही है.’

केरल में रह रहे पादरी के परिवारवालों ने कहा कि वह बिशप के ख़िलाफ़ सामने आने के बाद से ही कट्टुथारा की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे. परिवारवालों ने मामले की गहन जांच सहित पोस्टमॉर्टम अलाप्पुझा मेडिकल कॉलेज में कराने की मांग भी की है.

उधर, बलात्कार पीड़िता के समर्थकों ने केरल सरकार से मामले के गवाह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शिकायतकर्ता को सुरक्षा प्रदान करने को कहा है.

‘क्रिस्चियन फ्रंट’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लॉरेंस चौधरी ने मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग की है.

मृतक के भाई अलापुझा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘मेरे भाई को बिशप के करीबी लोगों द्वारा बार-बार धमकाया जा रहा था. धमकी देने वालों ने उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया था और जालंधर में उनके घर पर पथराव भी किया था.’

कट्टुथारा ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल के ख़िलाफ़ गवाही दी थी, जिस पर नन के बलात्कार का आरोप है.

मामले के जांच अधिकारी डिप्टी एसपी सुभाष ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, ‘फादर कुरियाकोज़ कट्टुथारा मामले के एक गवाह थे लेकिन इस मामले में उनकी कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं थी. वह उन पादरियों में से एक थे जिनसे हमने पूछताछ की थी. इन पादरियों ने बताया था कि वे बिशप फ्रैंको के ख़िलाफ़ लगे आरोपों से अवगत हैं.’

इस बीच, कोट्टायम के पास कुरविलंग में एक कॉन्वेंट में रह रहीं पांच नन ने कहा कि वह सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें कभी भी कुछ भी हो सकता है.

बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर आरोप लगाने वाली नन के समर्थन में आने वाली पांच ननों में से एक ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया, ‘हम इस ख़बर से हिल गए हैं. हमें संदेह है कि कुछ गड़बड़ है. हमें पता चला कि वह दबाव में थे कि हमारी बात का समर्थन न करें लेकिन उन्होंने बार-बार ऐसा किया.’

फादर कुरियाकोज़ कट्टुथारा के भाई ने बताया, ‘उन्हें डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर की शिकायत थी लेकिन उन्हें कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं थी. तीन दिन पहले मैंने उससे बात की तो उन्होंने मुझे बताया था कि वह बिशप के सहयोगियों से धमकियों का सामना कर रहे थे. वह अपने जीवन के लिए ख़तरा महसूस कर रहे थे.’

नन ने जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर 2014 से 2016 के बीच उसके साथ 13 बार बलात्कार करने का आरोप लगाया है. यह घटना जालंधर डायोसीस द्वारा कोट्टायम ज़िले में संचालित कॉन्वेंट के बिशप के दौरे के दौरान हुई. बिशप ने इन आरोपों का खंडन किया है.

नन से बलात्कार के आरोप में बिशप फ्रैंको मुलक्कल बीते 21 सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था.  बीते 15 अक्टूबर को उन्हें अदालत से सशर्त ज़मानत मिल गई थी. ज़मानत पर रिहा होने के बाद जालंधर में में उनका फूल-माला से स्वागत हुआ.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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