राजनीति

कर्नाटक उपचुनाव में कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन ने भाजपा को दिया तगड़ा झटका

कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन ने लोकसभा की तीन में से दो और विधानसभा की दोनों सीटों पर जीत दर्ज की. सिर्फ शिमोगा लोकसभा सीट पर ही जीत सकी भाजपा. बेल्लारी व मांड्या लोकसभा और रामनगर व जामखंडी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन का क़ब्ज़ा.

Bengaluru: JD(S) leader HD Kumaraswamy and party MLAs show victory sign to celebrate after chief minister BS Yediyurappa announced his resignation before the floor test, at Vidhana Soudha, in Bengaluru, on Saturday. Supreme Court had ordered Karnataka BJP Government to prove their majority in a floor test at the Assembly .(PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI5_19_2018_000111B)

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

बेंगलुरु: कर्नाटक में शनिवार को हुए कड़े मुक़ाबले वाले उपचुनावों के नतीजों में सत्तारूढ़ जनता दल (सेक्युलर) और कांग्रेस के गठबंधन को मतदाताओं का ज़ोरदार तरीके से समर्थन मिला है. गठबंधन के उम्मीदवारों ने मंगलवार को विधानसभा की दोनों सीटों पर जीत हासिल कर ली और तीन में से दो लोकसभा सीटों पर भी जीत दर्ज कर ली है.

ये उपचुनाव 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के लिए बड़ा झटका हैं जो बेल्लारी लोकसभा सीट हार चुकी है. बेल्लारी सीट को विवादित खनन माफिया-रेड्डी बंधुओं का मज़बूत गढ़ माना जाता है.

इस सीट पर कांग्रेस और जद (एस) गठबंधन की जीत काफी अहम मानी जा रही है. इस उपचुनाव को कांग्रेस और जद (एस) गठबंधन का लिटमस टेस्ट माना जा रहा था.

बेल्लारी लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी वीएस उगरप्पा 2,43,161 मतों के अंतर से विजयी हुए. उन्होंने भाजपा की जे. शांता को हराया जो रेड्डी बंधुओं के मुख्य सहयोगी तथा इसी सीट से पूर्व सांसद बी श्रीरामुलु की बहन हैं.

भाजपा शिमोगा लोकसभा सीट पर ही अपनी पकड़ बना सकी जो विपक्ष के नेता बीएस येदियुरप्पा का गढ़ मानी जाती है. उनके बेटे बीवाई राघवेंद्र ने जद (एस) के मधु बंगरप्पा पर 52,148 वोटों से जीत हासिल की. मधु पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एस. बंगरप्पा के बेटे हैं.

रामनगर विधानससभा सीट पर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की पत्नी अनीता कुमारस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के एल. चंद्रशेखर पर 1,09,137 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. चंद्रशेखर ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था लेकिन आधिकारिक तौर पर वह पार्टी के उम्मीदवार बने रहे.

चंद्रशेखर चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे लेकिन कुछ ही हफ्ते वापस कांग्रेस का दामन थामकर उन्होंने भगवा पार्टी को बड़ा झटका दिया था.

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस और जद (एस) के विधायकों को ख़रीदने के लिए 25 से 30 करोड़ रुपये दे रही थी. हालांकि वह उन्हें ख़रीदने में कामयाब न हो सकी.

उत्तरी कर्नाटक में पड़ने वाली, जामखंडी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार आनंद न्यामगौड़ा ने 39,480 मतों के अंतर से भाजपा के श्रीकांत कुलकर्णी को हराया. सड़क हादसे में पिता और विधायक सिद्धू न्यामगौड़ा की मौत के बाद उन्हें सहानुभूति का लाभ मिला.

वहीं मांड्या लोकसभा सीट पर जद (एस) के शिवरामे गौड़ा भाजपा के नए चेहरे एवं पूर्व अधिकारी डॉक्टर सिद्धरमैया पर जीत दर्ज की. पुराने मैसुरु क्षेत्र के वोक्कालिगा पट्टी में पड़ने वाला मांड्या जद (एस) का परंपरागत गढ़ माना जाता है.

नतीजों से उत्साहित कांग्रेस-जद (एस) ने कहा, मिलकर लड़ेंगे 2019 लोकसभा चुनाव

उपचुनावों में जीत से उत्साहित, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने मंगलवार को कहा कि वे भाजपा के ख़िलाफ़ 2019 लोकसभा चुनाव एकसाथ मिलकर लड़ेंगे.

दोनों नेताओं ने चुनावी सफलता का श्रेय कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन की नीतियों को दिया. गठबंधन ने शनिवार को हुए उपचुनावों में दो लोकसभा सीटों तथा दो विधानसभा सीटों पर कब्जा किया.

कुमारस्वामी ने संवाददाताओं से बात करते हुए जद (एस) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार को समर्थन देने पर जनता का आभार जताया और कहा कि दोनों पार्टियां आगामी लोकसभा चुनावों में राज्य की सभी 28 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगी.

कुमारस्वामी ने कहा, ‘हम 2019 का लोकसभा चुनाव एकसाथ मिलकर लड़ेंगे. जैसा कि हमने इस बार किया, हम एक साथ बैठकर समन्वित तरीके से लोकसभा चुनाव लड़ने की रणनीति बनाएंगे.’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमने जनता की भलाई के लिए कई क़दम उठाए जो लागू होने के चरण में हैं. अब तक उन तक लाभ नहीं पहुंचा है.’

उन्होंने कहा कि हालांकि लोगों को हमारी नीतियां पसंद आई हैं, चाहे वह फसल ऋण माफी हो या सड़क पर रेहड़ी लगाने वालों को वित्तीय मदद हो.

एक अलग संवाददाता सम्मेलन में, राव ने कहा कि उनकी दमदार जीत इस बात का संकेत है कि कर्नाटक की जनता ने गठबंधन सरकार की नीतियों को उनकी मंज़ूरी दी है.

उन्होंने कहा, ‘उसने (जनता) भाजपा, उसकी विभाजनकारी राजनीति और तानाशाही प्रवृत्ति को ख़ारिज किया है. हम 2019 चुनाव मिलकर लड़ेंगे.’

राव ने भाजपा पर एक ज़िम्मेदार विपक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों को भूलने का आरोप लगाया.

राव ने कहा, ‘सत्ता की भूखी भाजपा ने विपक्षी दल के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभाई. उन्होंने नैतिकता और नीति शास्त्र को नज़रअंदाज़ किया जिसके कारण उन्हें चार जगहों पर हार का सामना करना पड़ा जबकि शिमोगा में उनकी जीत का अंतर बहुत कम हो गया.’

रामनगर विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाली अनीता कुमारस्वामी ने जीत का श्रेय अपने मुख्यमंत्री पति कुमारस्वामी, अपने ससुर तथा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और कांग्रेसी नेताओं के निरंतर प्रयासों को दिया.

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने ट्वीट किया, ‘बेल्लारी में नरक चतुर्दशी का अर्थपूर्ण जश्न. लोगों का अंधेरे से उजाले की तरफ मार्च. कर्नाटक की जनता को दीपावली की शुभकामनाएं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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