समाचार चैनल सीएनएन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ह्वाइट हाउस के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया

ह्वाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएनएन के पत्रकार के सवाल पूछने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जवाब देने के बजाय अभद्रता करते नज़र आए और पत्रकार का प्रेस पास रद्द कर दिया गया था, सीएनएन ने इसे लोकतंत्र के लिए ख़तरा बताया था.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीएनएन संवाददाता जिम अकोस्टा को सवाल पूछने से रोक रहीं ह्वाइट हाउस की इंटर्न. (फोटो साभार: ट्विटर/@FrankByNature)

ह्वाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएनएन के पत्रकार के सवाल पूछने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जवाब देने के बजाय अभद्रता करते नज़र आए और पत्रकार का प्रेस पास रद्द कर दिया गया था, सीएनएन ने इसे लोकतंत्र के लिए ख़तरा बताया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीएनएन संवाददाता जिम अकोस्टा को सवाल पूछने से रोक रहीं ह्वाइट हाउस की इंटर्न. (फोटो साभार: ट्विटर/@FrankByNature)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीएनएन संवाददाता जिम अकोस्टा को सवाल पूछने से रोक रहीं ह्वाइट हाउस की इंटर्न. (फोटो साभार: ट्विटर/@FrankByNature)

वॉशिंगटन: अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन ने मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और उनके कुछ सहयोगियों पर मुक़दमा दायर कराया है. वॉशिंगटन की एक ज़िला अदालत में दायर किए गए मुक़दमे में सीएनएन के ह्वाइट हाउस संवाददाता जिम अकोस्टा के रद्द किए गए प्रेस पास को बहाल करने की मांग की गई है.

बीते दिनों अकोस्टा और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बहस हो गई थी. जिसके बाद ट्रंप प्रशासन ने जिम अकोस्टा का ह्वाइट हाउस प्रेस पास रद्द कर दिया था.

सीएनएन का आरोप है कि ह्वाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति से बहस के बाद पत्रकार जिम अकोस्टा का प्रेस कार्ड रद्द कर संविधान के तहत पत्रकार को प्रदत्त अधिकारों का हनन किया है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, सीएनएन ने अपने बयान में कहा, ‘हमने अदालत से इस आदेश पर तत्काल रोक लगाने और जिम का प्रेस पास लौटाने का आग्रह किया है. इसके साथ ही हम इस प्रक्रिया के तहत स्थाई राहत भी मांगेंगे.’

सीएनएन द्वारा कहा गया कि भले ही यह मुक़दमा अकोस्टा और सीएनएन के बारे में है पर ये किसी के साथ भी हो सकता है.

सीएनएन ने कहा, ‘अगर इस तरह के कृत्य को बिना कोई चुनौती दिए जाने दिया गया तो ह्वाइट हाउस द्वारा की गई इस कार्रवाई से उन सभी पत्रकारों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा जो निर्वाचित अधिकारियों को कवर करते हैं.’

मालूम हो कि बीते हफ़्ते ह्वाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा द्वारा सवाल पूछने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जवाब देने के बजाय अभद्रता करते नज़र आए थे.

अकोस्टा ने ट्रंप से अमेरिकी सीमा की तरफ बढ़ रहे मध्य अमेरिकी प्रवासियों के समूह और 2016 के राष्ट्रपति चुनावों के दौरान रूस की ओर से किए गए हस्तक्षेप को लेकर चल रही जांच के संबंध में सवाल पूछा था.

बता दें कि शरणार्थियों का दल मैक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचने के लिए लगातार आगे बढ़ रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने इन्हें देश के लिए ख़तरा बताया था.

दोनों के बीच कहासुनी उस वक़्त हुई जब जिम अकोस्टा ने बैठ जाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश को नहीं माना और अमेरिकी सीमा की तरफ बढ़ रहे मध्य अमेरिकी प्रवासियों के समूह पर उनकी राय जानने के लिए लगातार सवाल करते रहे.

तब बेहद गुस्से में दिख रहे ट्रंप ने कहा, ‘बहुत हो गया.’ इस बहसबाजी के बीच ह्वाइट हाउस की एक इंटर्न ने अकोस्टा से माइक लेने की कोशिश की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने जिम को ‘अड़ियल और अजीब इंसान’ कहा था.

इस बहसबाजी के बाद ह्वाइट हाउस ने अकोस्टा का पास रद्द कर दिया और ह्वाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स ने कहा कि सीएनएन के रिपोर्टर अकोस्टा की मान्यता इसलिए रद्द की गई है, क्योंकि वह ह्वाइट हाउस की इंटर्न के साथ अभद्र तरीके से पेश आए. 

उन्होंने कहा था, ‘हम यह कभी नहीं बर्दाश्त करेंगे कि कोई रिपोर्टर ह्वाइट हाउस के इंटर्न के तौर पर अपना काम कर रही युवती पर अपना हाथ रखे. यह बर्ताव पूरी तरह अस्वीकार्य है.’

इसके अलावा सारा ने कहा था कि ट्रंप आज़ाद प्रेस में यकीन करते हैं और अपने एवं अपने प्रशासन के बारे में मुश्किल सवालों की अपेक्षा करते हैं.

अकोस्टा ने इन आरोपों को झूठ बताया था. सीएनएन की ओर से कहा गया था, ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनौतीपूर्ण सवाल पूछने के कारण बदले की कार्रवाई करते हुए अकोस्टा का पास निलंबित किया गया. यह अप्रत्याशित फैसला हमारे लोकतंत्र के लिए ख़तरा है और देश इससे बेहतर के क़ाबिल है.’