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भारत सरकार की नवरत्न कंपनी एनबीसीसी में चल रही थी बाल मज़दूरी, छह नाबालिग छुड़ाए गए

सरकारी निर्माण कंपनी राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) के एक निर्माण स्थल से नौ लड़कों को मुक्त कराया गया है. इसमें से छह लोग नाबालिग हैं. एनबीसीसी और संपदा निदेशालय के प्रमुख तलब.

फोटो साभार: (फेसबुक/@OfficialNBCC)

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने दिल्ली में राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) के एक निर्माण स्थल से छह बाल मजदूरों को मुक्त कराया है और इस संदर्भ में एनबीसीसी एवं संपदा निदेशालय को नोटिस भेजकर दोनों संस्थाओं के प्रमुखों को तलब किया है.

एनबीसीसी एक सरकारी निर्माण कंपनी है और यह नवरत्न कंपनियों की सूची में शामिल है.

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के मुताबिक एनबीसीसी के मुख्य प्रबंध निदेशक और संपदा निदेशालय के निदेशक को तलब करते हुए बुधवार को नोटिस भेजा गया. दोनों अधिकारियों को 13 दिसंबर को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है.

कानूनगो ने बताया, ‘मंगलवार को एनसीपीसीआर के दल ने दिल्ली के ईस्ट किदवई नगर में एनबीसीसी के निर्माण स्थल से नौ लड़कों को मुक्त कराया. चिकित्सा जांच में छह लड़कों के नाबालिग होने की पुष्टि हुई है.’

उन्होंने बताया, ‘आयोग के कहने के बावजूद कोटला मुबारकपुर थाने में अब तक (बुधवार शाम तक) प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई. हमने एनबीसीसी के सीएमडी और संपदा निदेशालय के निदेशक को 13 दिसंबर को तलब किया है.’

उन्होंने बताया कि संबंधित थाने के प्रभारी को तलब किया गया है. इस मामले में संपदा निदेशालय की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है.

एनबीसीसी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘भवन निर्माण परियोजनाओं में एनबीसीसी सीधे तौर पर खुद श्रमिकों को नहीं रखता है. यह काम ठेकेदार करते हैं. एनसीपीसीआर के नोटिस की फिलहाल हमें कोई जानकारी नहीं है. मामले के संज्ञान में आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.’

न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस की ख़बर के मुताबिक बीते मंगलवार को भी दिल्ली में एनबीसीसी के निर्माण स्थल से 15 नाबालिगों को मुक्त कराया गया था.

प्रियंक कानूनगो ने कहा, ‘बाल मजदूरी में सरकारी अधिकारियों का शामिल होना पूरी तरह से अस्वीकार्य है. हम एनबीसीसी के सभी निर्माण स्थलों का ऑडिट करेंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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