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उन्नाव बलात्कार मामला: पीड़िता, परिजनों पर जाली प्रमाण देने के आरोप में केस दर्ज

आरोप है कि मां और चाचा ने पीड़िता को नाबालिग बताने के लिए जाली स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) पुलिस को दिया था. उन्नाव बलात्कार मामले में आरोपी शशि सिंह के पति हरिपाल सिंह ने इसकी शिकायत की थी.

भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर (फोटो: फेसबुक)

उन्नाव बलात्कार मामले में आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर (फोटो: फेसबुक)

उन्नाव: भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर बलात्कार मामले में कथित रूप से जाली उम्र प्रमाणपत्र बनवाने के चलते पीड़िता, मां और चाचा पर मुकदमा दर्ज हुआ है. आरोप है कि पीड़िता की मां और चाचा ने उसे नाबालिग बताने के लिए जाली स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) पुलिस को दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, स्थानीय अदालत द्वारा निर्देश जारी करने के बाद माखी पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज किया है. शशि सिंह के पति हरिपाल सिंह ने इस मामले में शिकायत दायर की थी. शशि सिंह का नाम बलात्कार मामले के आरोपपत्र में शामिल किया गया है.

माखी पुलिस स्टेशन के एसएचओ दिनेश मिश्रा ने कहा, ‘अपनी शिकायत में हरिपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि बलात्कार पीड़िता, उनकी मां और चाचा ने रायबरेली जिला के प्रिंसिपल और बेसिक शिक्षा अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के जरिए पीड़िता का जाली स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) तैयार किया था.’

ज़ी न्यूज़ के मुताबिक मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद माखी गैंगरेप कांड मामले में पीड़िता, उनकी मां और उनके चाचा के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है. हालांकि मिश्रा का कहना है कि टीसी की प्रमाणिकता की जांच की जाएगी.

मालूम हो कि उन्नाव बलात्कार पीड़िता ने आरोप लगाया है कि हरिपाल सिंह के बेटे शुभम और एक अन्य व्यक्ति ने जून 2017 में उसके साथ बलात्कार किया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि शशि सिंह उसे भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पास ले गई थी, जिसके बाद विधायक ने भी उनके साथ बलात्कार किया.

उन्नाव बलात्कार की घटना इस साल अप्रैल में सामने आई थी, जब पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर के पास आत्मदाह का प्रयास किया था. वह पुलिस की निष्क्रियता से परेशान थी और प्रभावशाली लोगों द्वारा उसके साथ बलात्कार किए जाने का दावा कर रही थी.

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि चार जून, 2017 को विधायक कुलदीप सेंगर ने अपने आवास पर बलात्कार किया था.

फरवरी 2018 में, लड़की के परिवार ने अदालत का रुख किया, जिसमें मांग की गई कि विधायक का नाम मामले में शामिल किया जाए. इसके बाद, पीड़ित के पिता को पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत तीन अप्रैल, 2018 को गिरफ्तार किया और पांच अप्रैल को जेल में डाल दिया था.

अगले दिन पीड़िता के पिता की जेल में मौत हो गई. पोस्टमार्टम की जांच रिपोर्ट में उनके शरीर पर गंभीर चोटों के बारे में बताया गया था.

जन आक्रोश के बाद उन्नाव पुलिस ने सेंगर पर बलात्कार का मामला दर्ज़ किया और पीड़िता के पिता की हत्या की प्राथमिकी भी दर्ज की. इस मामले की जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को ट्रांसफर कर दी गई थी.

बलात्कार मामले में कुलदीप सेंगर और शशि सिंह का नाम सीबीआई की चार्जशीट में शामिल है. विधायक के भाई अतुल सिंह और चार अन्य लोगों को पीड़ित के पिता की हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया है.

आर्म्स एक्ट मामले में बलात्कार पीड़िता के पिता को झूठा फंसाने के आरोप में सेंगर, अतुल सिंह और तीन पुलिसकर्मियों सहित 10 आरोपियों के खिलाफ एजेंसी द्वारा एक अन्य आरोप पत्र दायर किया गया है.

कुलदीप सेंगर और शशि सिंह इस समय जेल में हैं.