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‘नौकरशाही मौज-मस्ती करती है, योद्धाओं को लड़ने के लिए पुरानी मशीनें मिलती हैं’

एक फरवरी को बेंगलुरू में हुई विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले दो पायलटों में से एक स्क्वॉड्रन लीडर समीर अबरोल के भाई सुशांत ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वक़्त आ गया है कि हम सिर्फ वोट खोने की परवाह न करें, बल्कि उन पायलटों की भी परवाह करें जो इस भ्रष्ट व्यवस्था की लापरवाही के चलते शहीद हुए हैं.

भारतीय वायुसेवा पायलट समीर अबरोल (फोटो साभार: फेसबुक/सुशांत अबरोल)

समीर अबरोल (फोटो साभार: फेसबुक/सुशांत अबरोल)

नई दिल्ली: 1 फरवरी को बेंगलुरु में हुए मिराज विमान क्रैश में जान गंवाने वाले भारतीय वायुसेना के स्क्वॉड्रन लीडर समीर अबरोल के परिवार ने कहा है कि नौकरशाही मौज-मस्ती करती है जबकि वायु योद्धाओं को लड़ने के लिए पुरानी मशीनें दी जाती हैं.

स्क्वॉड्रन लीडर समीर अबरोल पिछले सप्ताह 1 फरवरी को बेंगलुरू में हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) एयरपोर्ट के पास हुए मिराज-2000 विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले दो पायलटों में शामिल थे.

अबरोल के भाई सुशांत ने फेसबुक पर एक कविता पोस्ट की है जिसमें लिखा है कि परीक्षण पायलट का काम बहुत जोखिम भरा होता है.

सुशांत ने लिखा है, ‘नौकरशाही जहां मौज मस्ती करती है. हम अपने योद्धाओं को लड़ने के लिए देते हैं पुरानी मशीनें, इसके बावजूद वे अपना कार्य समस्त कौशल और पराक्रम से पूरा करते हैं.’

सुशांत के इस पोस्ट को काफी शेयर किया जा रहा है. सुशांत की पोस्ट को अबरोल की पत्नी गरिमा ने भी शेयर किया है.

अबरोल और स्क्वॉड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी ‘एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग इस्टैब्लिशमेंट’ से थे. दोनों पायलट शुक्रवार को उस मिराज-2000 ट्रेनर के परीक्षण उड़ान पर थे जिसे हाल में एचएएल द्वारा अपडेट किया गया था.

एक अन्य पोस्ट में सुशांत ने कहा, ‘वक्त आ गया है कि हम सिर्फ वोटों खोने की परवाह न करें, बल्कि उन पायलटों की भी परवाह करें जो इस भ्रष्ट व्यवस्था की लापरवाही के चलते शहीद हुए हैं.’

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सुशांत ने कहा, ‘एक ट्रेन पटरी से उतर जाती है तब सिस्टम चाहता है कि रेलमंत्री अपना पद छोड़ दें. जबकि ये दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं लेकिन क्या कोई भी मंत्रालय (रक्षा) और रक्षामंत्री पर सवाल उठाता है? मैं रक्षामंत्री का बेहद सम्मान करता हूं और मैं उनसे जवाब की उम्मीद करता हूं.’

आईएएनएस से बात करते हुए सुशांत अबरोल ने कहा कि उन्होंने यह कविता तब लिखी थी वे बेंगलुरू से अपने भाई का शव लेकर वापस आ रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘उनकी यह टिप्पणी व्यवस्था के खिलाफ है, इसके किसी व्यक्ति विशेष पर निशाना न माना जाए. वह विमान में से सुरक्षित निकल गया था लेकिन पैराशूट ने आग पकड़ ली. इसके साथ ही उसके और हमारे परिवार दोनों के ही सपने बिखर गए.’

सुशांत ने कहा, ‘विमान में आठ अन्य अधिकारी थे. मुझे एहसास हुआ कि उनमें से भी किसी के साथ यह हादसा हो सकता था. यह हमारे परिवार का नुकसान नहीं हुआ है बल्कि वायुसेना और उसके दोस्तों का हुआ है. उनका परिवार इस मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है.’

एचएएल ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के साथ मिलकर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है. बता दें कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण 5 फरवरी को दोनों मृतकों के परिवारों से मिलने गई थीं.

(फोटो साभार: फेसबुक)

(फोटो साभार: फेसबुक)

 

केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया है जिसमें वे कहते हैं कि दोनों पायलटों को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है. इस पोस्ट को साझा करते हुए सुशांत ने सवाल उठाए हैं.

उन्होंने लिखा है, ‘क्या हमारे परिवार को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी? क्या हम एक ऐसी पारदर्शी जांच देख पाएंगे जिसमें सरकार या नौकरशाही का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा? क्या रिपोर्ट को परिवार के साथ शेयर किया जाएगा? सरकार और व्यवस्था यह कैसे तय करेगी कि हम भविष्य में ऐसे किसी हादसे का गवाह नहीं बनेंगे?’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)