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अखिलेश को इलाहाबाद जाते समय लखनऊ हवाई अड्डे पर रोका गया, विधानसभा-विधानपरिषद में हंगामा

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार छात्र नेताओं के शपथ समारोह में मेरे जाने से डर गई. इसलिए मुझे इलाहाबाद जाने से रोका गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिलेश यादव के दौरे से कानून एवं व्यवस्था की समस्या हो सकती थी.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव.(फोटो: पीटीआई)

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव.(फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ हवाई अड्डे पर उस समय रोक दिया गया, जब वह अपने चार्टर्ड विमान से इलाहाबाद के लिए उड़ान भरने वाले थे. उन्हें विमान में सवार ही नहीं होने दिया गया.

अखिलेश ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. अखिलेश को समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई समाजवादी पार्टी छात्र सभा के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने इलाहाबाद विश्वविद्यालय जाना था.

उन्होंने आरोप लगाया है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के शपथ समारोह में शामिल नहीं होने देने के लक्ष्य से उन्हें लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर रोक दिया गया. पुलिस ने उन्हें इलाहाबाद जाने के लिए विमान में सवार होने नहीं दिया गया.

इस घटना के बाद सपा विधायकों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने राज्य विधानसभा और परिषद सहित सड़कों पर भी हंगामा किया. वहीं हंगामे के कारण विधानसभा और विधानपरिषद की कार्यवाही क्रमश: 20 और 25 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी.

सपा अध्यक्ष ने सुबह नौ बजकर इकतालिस मिनट पर ट्वीट किया, ‘एक छात्र नेता के शपथ ग्रहण कार्यक्रम से सरकार इतनी डर रही है कि मुझे लखनऊ हवाई-अड्डे पर रोका जा रहा है!’

विभिन्न ट्वीट के साथ तस्वीरें साझा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है, ‘बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया. पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे. छात्र संघ कार्यक्रम में जाने से रोकने का एक मात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है.’

उन्होंने टि्वटर पर हवाई अड्डे से एक तस्वीर भी पोस्ट की है जिसमें वह पुलिस अधिकारियों से बात करते दिख रहे हैं. इस संबंध में हवाईअड्डे के निदेशक एके शर्मा से सवाल करने पर उन्होंने कहा कि इस बाबत उन्हें कोई जानकारी नहीं है.

सपा अध्यक्ष को हवाई अड्डे पर रोके जाने संबंधी उनके ट्वीट की सूचना सदन में पहुंचते ही पार्टी के सदस्यों ने इस मुद्दे को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठाया.

विधानसभा में सपा के सदस्य नरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतंत्र की हत्या का प्रयास कर रही है. ‘हमारे नेता को इलाहाबाद जाने से रोका जा रहा है.’

इस बात पर हंगामा बढ़ गया और सपा सदस्य अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गए जिसके बाद विधानसभाध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी.

विधान परिषद में यह मुद्दा सदन में विपक्ष के नेता अहमद हसन ने उठाया और सदस्यों के हंगामे के बाद सभापति ने 25 मिनट के लिये सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी.

इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने पर गुस्साए सपा सदस्य अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गये और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे. सपा सदस्य नारे लगा रहे थे, ‘योगी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी.’

बसपा नेता लालजी वर्मा भी सपा सदस्यों के समर्थन में आ गए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में तानाशाही सरकार है जो विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है.

विधानसभा में इस पर जवाब देते हुये संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, ‘मैंने मामले की रिपोर्ट मंगवाई है. सपा नेता (अखिलेश) इलाहाबाद में छात्रसंघ के एक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे. जिलाधिकारी, इलाहाबाद ने उन्हें बताया कि अगर वह कार्यक्रम में शामिल हुए तो कानून व्यवस्था की समस्या खड़ी हो जाएगी.’

खन्ना ने कहा कि इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बीते सोमवार को ही सूचना दे दी गयी थी.

उन्होंने कहा, ‘कानून व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है और इसे बनाये रखने के लिये हम हर संभव कदम उठायेंगे. जहां तक उनकी यात्रा का सवाल है वह कानून व्यवस्था की दृष्टि से ठीक नहीं है इसलिये यह कदम उठाया गया. उन्हें कानून का पालन करना चाहिए क्योंकि यह उनकी भी जिम्मेदारी है. उन्हें जिलाधिकारी के आदेश को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.’

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सदस्य केवल शोर मचाना जानते हैं वह सदन को चलने नहीं देना चाहते. सदन में लगातार जारी हंगामे के कारण 12 बजकर 50 मिनट पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे दिन के लिये सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अखिलेश यादव की यात्रा से छात्र गुटों के बीच में हिंसा भड़क सकती थी और आगजनी भड़क सकती थी.

इस पूरे वाकये पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी को अपनी अराजक गतिविधियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए. इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने आग्रह किया था कि छात्र संगठनों के बीच विवाद की वजह से अखिलेश यादव के दौरे से कानून एवं व्यवस्था की समस्या हो सकती है.’

हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने इस पूरे वाकये के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को दोषी ठहराते हुए कहा, ‘मैं इसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को जिम्मेदार मानता हूं. अखिलेश के पास मंजूरी थी. उन्हें मुख्यमंत्री के इशारे पर रोका गया. उन्होंने अखिलेश को इलाहाबाद भी नहीं पहुंचने दिया.’

बसपा प्रमुख मायावती ने घटना की निंदा की

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने अपने गठबंधन सहयोगी समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को इलाहाबाद जाते समय लखनऊ हवाई अड्डे पर मंगलवार को रोके जाने की कड़े शब्दों में निंदा की.

मायावती ने ट्वीट किया है, ‘समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आज इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिए उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निंदनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक.’

उन्होंने लिखा है, ‘क्या बीजेपी की केंद्र व राज्य सरकार बीएसपी-सपा गठबंधन से इतनी ज्यादा भयभीत व बौखला गई है कि उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधि व पार्टी प्रोग्राम आदि करने पर भी रोक लगाने पर वह तुल गई है. अति दुर्भाग्यपूर्ण. ऐसी आलोकतंत्रिक कार्रवाईयों का डट कर मुकाबला किया जाएगा.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)