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केरल: यूथ कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं की हत्या, पार्टी ने माकपा को ठहराया ज़िम्मेदार

घटना को चौंकाने वाला बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हत्यारों को सज़ा नहीं मिल जाती है.

यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता कृपेश और सरत लाल. (फोटो साभार: ट्विटर/ओमान चांडी)

यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता कृपेश और सरत लाल. (फोटो साभार: ट्विटर/ओमान चांडी)

तिरुवनंतपुरम: केरल के कासरगोड जिले में रविवार की रात एक समूह ने यूथ कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी. कांग्रेस ने इस हमले के लिए सत्ताधारी पार्टी माकपा को जिम्मेदार ठहराया है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, पुलिस के अनुसार, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं 21 वर्षीय सरत लाल और 19 वर्षीय कृपेश एक कार्यक्रम से बाइक पर वापस आ रहे थे. इसी दौरान पेरिया में एक कार सवार समूह ने उन पर हमला कर दिया.

उन्होंने कार से टक्कर मारकर बाइक को गिरा दिया और फिर दोनों की हत्या कर दी. जहां कृपेश की मौके पर ही मौत हो गई वहीं सरत ने इलाज के लिए मंगलोर ले जाते हुए दम तोड़ दिया.

पुलिस ने कहा कि हाल के दिनों में पेरिया में राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है लेकिन फिलहाल हालात काबू में हैं.

सत्ताधारी माकपा पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने सोमवार को कासरगोड में विरोध प्रदर्शन के साथ बंद का आह्वान किया है. वहीं यूथ कांग्रेस राज्यभर में प्रदर्शन कर रही है.

स्क्रॉल डॉट इन की ख़बर के मुताबिक, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने कहा, ‘यह खबर सुनकर बहुत दुख हुआ कि माकपा समर्थकों ने यूथ कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी. किसी भी सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है.’

वहीं केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथाला ने इस घटना को बर्बर और अक्षम्य बताया है. उन्होंने कहा, ‘माकपा की खून की प्यास नहीं बूझ सकती. कासरगोड में माकपा के गुंडों ने एक बार फिर से दो लोगों की जान ले ली.’

घटना को चौंकाने वाला बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा, ‘हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती है.’

माकपा के जिला सचिव एमवी बालाकृष्णन मास्टर ने हत्या में अपनी पार्टी की किसी भी भूमिका से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, ‘हम इस हत्या की कड़ी निंदा करते हैं. हम हत्या करने वाली राजनीति के खिलाफ हैं. इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है.’

पुलिस ने कहा कि उन्हें संदेह है कि ये हत्याएं कुछ दिनों पहले कांग्रेस और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच लड़ाई का नतीजा हैं. उस हमले में माकपा के पेरिया सचिव और दो अन्य कार्यकर्ता घायल हो गए थे.