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ग्राहक से कैरी बैग का अलग से पैसा लेने के लिए बाटा पर लगा 9,000 रुपये का जुर्माना

चंडीगढ़ के एक व्यक्ति ने कैरी बैग के लिए पैसे लेने पर उपभोक्ता फोरम में बाटा इंडिया लिमिटेड के ख़िलाफ़ शिकायत की थी.

(फोटो साभार: फेसबुक/बाटा)

(फोटो साभार: फेसबुक/बाटा)

चंडीगढ़: जूते-चप्पल बनाने वाली कंपनी बाटा इंडिया लिमिटेड पर उपभोक्ता फोरम ने नौ हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है. चंडीगढ़ में बाटा के एक स्टोर पर ग्राहक से कैरी बैग लेने के लिए तीन रुपये अलग से देने को कहा था. इसे लेकर उपभोक्ता फोरम ने बाटा को फटकार भी लगाई है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ के निवासी दिनेश प्रसाद रतुड़ी ने उपभोक्ता फोरम से शिकायत की थी कि सेक्टर 22डी में स्थित बाटा के एक स्टोर से उन्होंने बीते पांच फरवरी को जूते लिए थे.

शिकायत के अनुसार, इस बाटा स्टोर ने इसके लिए 402 रुपये का बिल बनाया था, जिसमें कैरी बैग का दाम भी शामिल था. दिनेश ने फोरम को बताया कि बैग का पैसा अलग से लेने के अलावा बाटा उस बैग पर अपने ब्रांड का प्रचार भी करता है, जो कि सही नहीं है.

शिकायतकर्ता दिनेश ने कैरी बैग के लिए चुकाए गए तीन रुपये वापस करने और सेवा में कमी की वजह से मुआवज़ा देने की मांग की थी. रिपोर्ट के अनुसार, बाटा इंडिया ने सेवा में कमी के आरोपों को ख़ारिज किया था.

हालांकि उपभोक्ता फोरम की ओर से कहा गया कि एक पेपर बैग के लिए ग्राहक को पैसे देने के लिए बाध्य करना स्पष्ट तौर पर सेवा में कमी का उदाहरण है. जैसा कि यह स्टोर की ज़िम्मेदारी होती है कि जब भी कोई ग्राहक उनके यहां से कोई सामान ख़रीदे तो वह उन्हें नि:शुल्क कैरी बैग उपलब्ध कराए.

रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता फोरम ने बाटा इंडिया से अपने ग्राहकों को नि:शुल्क कैरी बैग उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है.

अपने निर्णय में उपभोक्ता फोरम ने बाटा इंडिया लिमिटेड को कैरी बैग का मूल्य (तीन रुपये) लौटाने के अलावा मुक़दमे में ख़र्च हुई राशि (एक हज़ार रुपये) भी देने को कहा है.

इसके अलावा बाटा से सेवा में कमी की वजह से ग्राहक को पहुंचे मानसिक दुख के लिए तीन हज़ार रुपये का अतिरिक्त मुआवज़ा देने को भी कहा गया है. साथ ही राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एससीडीआरसी) में पांच हज़ार रुपये जमा करने का भी निर्देश दिया है.