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महाराष्ट्र: हॉस्टल में दो नाबालिग आदिवासी छात्राओं से बलात्कार, अधीक्षक और उप-अधीक्षक गिरफ़्तार

महाराष्ट्र के चंद्रपुर ज़िले का मामला. हॉस्टल के अधीक्षक को निलंबित किया गया. पुलिस ने बताया कि गिरफ़्तार अधीक्षक के दफ़्तर से आपत्तिजनक वस्तुएं जब्त की गई हैं.

Chandrapur Maharashtra

मुंबई: महाराष्ट्र के चंद्रपुर ज़िले के राजुरा स्थित इन्फैंट जीसस इंग्लिश स्कूल के हॉस्टल में बलात्कार का मामला सामने आया है. छात्रावास की दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों से बलात्कार होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हॉस्टल के अधीक्षक और उप-अधीक्षक को गिरफ्तार कर लिया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक राजुरा पुलिस ने 9 और 11 साल की आदिवासी बच्चियों से बलात्कार की पुष्टि होने बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

लड़कियों को नशीली दवाओं के ओवरडोज की वजह से 6 अप्रैल को चंद्रपुर के जीएमसीएच में भर्ती किया गया था.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पुलिस ने हॉस्टल में अधीक्षक छबन पचारे के कार्यालय से बड़ी मात्रा में कॉन्डम और वियाग्रा पिल्स बरामद किया गया. जिसके बाद उन्हें शनिवार को गिरफ्तार किया गया. उप-अधीक्षक नरेंद्र विरुत्कर को रविवार को गिरफ्तार किया गया.

आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की  धारा 376(ए), (बी) और धारा 4 के अलावा पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. इसके अलावा उन पर एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत भी केस दर्ज हुआ है.

वित्त राज्य मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने घटना की जांच का आदेश दिया है.

एसपी महेश्वर रेड्डी ने बताया, ‘हमने छात्रावास के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही उसके दफ्तर से आपत्तिजनक वस्तुएं जब्त की गई हैं.’ उन्होंने बताया कि छात्रावास की एक और लड़की को ड्रग देने का मामला सामने आया है. बेहोशी की शिकायत करने के बाद उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है.

सामाजिक कार्यकर्ता और मनसे नेता राजू कुकड़े एक प्रतिनिधि मंडल के साथ एसपी से मिलने के बाद बताया कि छात्रावास में 6 अप्रैल को 13 लड़कियां बेहोश हो गई थीं. उन्हें राजुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनमें से दो की स्थिति गंभीर होने की वजह से उन्हें चंद्रपुर जीएमसीएच भेज दिया गया. शुरुआती जांच में डॉक्टर को दोनों के प्राइवेट पार्ट्स में सूजन का पता चला जिसके चलते बलात्कार की आशंका जताई गई.

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों लड़कियां एक सप्ताह तक मेडिकल जांच से इनकार करती रहीं. बाद में उनके अभिभावकों के सहमति से दोनों का मेडिकल जांच किया गया जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई.

एसपी रेड्डी ने बताया कि बाकी जिन लड़कियों की बेहोश होने की सूचना मिली थी, उनके घर भी पुलिस भेजकर उनका बयान रिकार्ड किया जा रहा है.

छात्रावास प्रशासन ने गिरफ्तार अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

रिपोर्ट के अनुसार, छात्रावास कांग्रेस के पूर्व विधायक सुभाष धोटे का है, जिसे एक निजी संस्था द्वारा चलाया जा रहा है. इस घटना के बाद राजुरा से विधायक संजय धोटे ने छात्रावास की रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की है.

विधायक धोटे ने मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाने की भी बात कही. साथ ही आदिवासी छात्रावास का रजिस्ट्रेशन रद्द करके बच्चियों को दूसरे छात्रावास में भेजने की मांग की.