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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की कथित बायोपिक का ट्रेलर वेबसाइट्स से हटाने को कहा

चुनाव आयोग के उपायुक्त ने कहा कि आयोग के पूर्व में दिए फैसलों को देखते हुए बायोपिक या ऐसे किसी और ट्रेलर को मंज़ूरी नहीं दी जा सकती. फिल्म निर्देशक ने कहा कि ममता बनर्जी की बायोपिक नहीं है, उनकी जीवन यात्रा से प्रेरित.

(फोटो: यूट्यूब ग्रैब)

(फोटो: यूट्यूब ग्रैब)

नई दिल्लीः चुनाव आयोग ने तीन अलग-अलग वेबसाइट्स से ‘बाघिनी: बंगाल टाइग्रेस’ के ट्रेलर को हटाने का निर्देश दिया है. इस फिल्म को कथित तौर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बायोपिक बताया जा रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के उपायुक्त सुदीप जैन ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि यह ट्रेलर ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हो.

यह बायोपिक तीन मई को रिलीज होनी है. सुदीप जैन ने कहा कि बायोपिक को अभी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी नहीं मिली है.

फिल्म के निर्देशक नेहल दत्ता ने इस फिल्म के ममता बनर्जी की बायोपिक होने से इनकार किया है. उन्होंने पिछले सप्ताह कहा था कि हालांकि यह फिल्म ममता बनर्जी की जीवन यात्रा से प्रेरित है.

मालूम हो कि लोकसभा चुनाव के तहत चुनाव आयोग ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक पर भी आचार संहिता लागू रहने तक रोक लगा दी थी.

सुदीप जैन ने कहा कि पूर्व के फैसलों को देखते हुए बायोपिक या ऐसे किसी और ट्रेलर को मंजूरी नहीं दी जा सकती. इससे पहले बंगाल भाजपा ने ममता बनर्जी की कथित बायोपिक पर रोक लगाने के लिए चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा था.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था कि वह प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर बनी बायोपिक फिल्म को देखकर फैसला करें कि क्या इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए या नहीं.

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से अपना जवाब 22 अप्रैल तक एक सीलबंद लिफाफे में अदालत में जमा कराने को कहा था. चुनाव आयोग द्वारा फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के फैसले के ख़िलाफ़ फिल्म के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी की बायोपिक पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी.