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ओडिशा: नवीन पटनायक ने लगातार पांचवीं बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ उनके  11 विधायकों को कैबिनेट मंत्री एवं नौ को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई. पटनायक ने ओडिशा में लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है.

Bhubaneswar: Biju Janata Dal (BJD) President Naveen Patnaik takes oath as the Chief Minister of Odisha for a fifth consecutive term at the Idco Exhibition Ground, in Bhubaneswar, Wednesday, May 29, 2019. (PTI Photo) (PTI5_29_2019_000031B)

बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक ने भुवनेश्वर में बुधवार को पांचवीं बार ओडिशा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. (फोटो: पीटीआई)

भुवनेश्वर: बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बुधवार को लगातार पांचवे कार्यकाल के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. पटनायक ने ओडिशा में लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है.

पटनायक को ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने राजधानी भुवनेश्वर के इडको प्रदर्शनी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

इसके साथ ही राज्यपाल गणेशी लाल ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के 11 विधायकों को कैबिनेट मंत्री एवं नौ को राज्य मंत्री नियुक्ति किया और उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

हाल ही में लोकसभा चुनाव के साथ ही ओडिशा में संपन्न विधानसभा चुनाव में बीजू जनता दल ने 147 सदस्यीय विधानसभा में 112 सीटें जीती हैं. बीजद साल 2000 से ओडिशा में सत्ता में है.

पहली बार नवीन पटनायक ने एक खुले सार्वजनिक मैदान में शपथ ली. वर्ष 2000, 2004, 2009 और 2014 में उन्होंने राजभवन में शपथ ली थी.

शपथ ग्रहण समारोह में नवीन पटनायक के बड़े भाई एवं उद्योगपति प्रेम पटनायक, बहन एवं जानी मानी लेखिका गीता मेहता एवं उद्योग जगत से लेकर विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियां मौजूद थीं. बीजद के समर्थकों एवं जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी समारोह में हिस्सा लिया.

पटनायक के नये मंत्रिमंडल में परमानंद नायक, टुकुनी साहू, समीर दास, नवकिशोर दास, पद्मिनी दियान, रघुनंनदन दास, दिव्यशंकर मिश्र, जगन्नाथ सड़ाका, ज्योतिप्रकाश पाणिग्रही और तुसारकांती बेहरा के रूप में दस नए चेहरे होंगे.

रणेंद्र प्रताप स्वैन, विक्रम केशरी अरुखा, प्रफुल्ल मलिक, निरंजन पुजारी, पद्मनाभ बेहरा, प्रताप जेना, अरूण कुमार साहू, सुदाम मरांडी, सुशांत सिंह, नविकिशोर दास और टुकनी साहू को कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया गया है.

वहीं अशोक चंद्र पांडा, समीर रंजन दास, ज्योति प्रकाश पाणिग्रही, दिव्यशंकर मिश्र, प्रेमानन्द नायक, रघुनंदन दास, पद्मिनी दियान, तुसारकांती बेहरा और जगन्नाथ सड़ाका राज्य मंत्री होंगे.

सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री एस एन पात्रो को ओडिशा विधानसभा का नया अध्यक्ष नियुक्त किये जाने की संभावना है. वहीं प्रमिला मलिक को सरकार की मुख्य सचेतक नियुक्त किया जा सकता है.

शपथ ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों से कहा, ‘जब तक आप लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देंगे तब तक राजनीति में कोई मुश्किल नहीं होगी.’

उन्होंने कहा,  ‘लोग मुझसे अक्सर पूछते हैं कि बीजेडी की निरंतर सफलता का रहस्य क्या है और मैं हमेशा इन दो बिंदुओं को को ध्यान में रखता हूं कि लोगों को ध्यान में रखें और लोगों के लिए काम करें.’ पटनायक ने कहा, ‘हमेशा एक साधारण जीवन जीएं. जब आप सरल होते हैं तो लोग आपके करीब होते हैं.’

ओडिशा विधानसभा के 67 विधायकों पर चल रहे हैं आपराधिक मामले: रिपोर्ट

एक रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों में से लगभग आधे के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो 2014 की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है.

ओडिशा इलेक्शन वॉच (ओईडब्ल्यू) और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले चुनाव में कुल विधानसभा सदस्यों में से 52 (35 प्रतिशत) विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने का पता चला था.

ओडिशा इलेक्शन वॉच के प्रदेश संयोजक रंजन कुमार मोहंती ने कहा कि विधायकों द्वारा दिये गये हलफनामों के मुताबिक, नए सदन में 67 विधायक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें से 49 के खिलाफ अपहरण, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.

उन्होंने कहा, ‘2014 के चुनावों में कुल विधायकों में से 52 विधायक (35 प्रतिशत) पर आपराधिक मामले दर्ज थे. इस बार यह संख्या 67 (46 प्रतिशत) है.’

रिपोर्ट में कहा गया है कि नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजद में आपराधिक मामलों वाले नव निर्वाचित विधायकों की संख्या अधिक है.

बीजद के 112 विधायकों में से कम से कम 46 विधायकों ने चुनावी हलफनामों में आपराधिक मामलों का उल्लेख किया है, जिनमें से 33 पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं.

भाजपा के चुने गए 33 विधायकों में से 14 पर आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें से 10 के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज हैं.

इसी तरह, नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों के हलफनामों से पता चलता है कि विधानसभा के लिए चुने गए उनके नौ में से छह विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)