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मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द कर भारत के हवाले किया जा सकता है: एंटीगुआ के प्रधानमंत्री

भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक में 13,400 करोड़ रुपये के घोटाले में आरोपी हैं. इस साल जनवरी में चोकसी ने भारत छोड़ दिया था.

मेहुल चोकसी (फोटो साभार: गीतांजलि ज्वेल्स)

मेहुल चोकसी (फोटो साभार: गीतांजलि ज्वेल्स)

एंटीगुआ/नई दिल्ली: करैबियाई देश एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउनी ने कहा है कि भारतीय बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में फरार मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द की जा सकती है. इसके बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि उसे भारतीय अधिकारियों के हवाले किया जा सकता है.

चोकसी (60) ने नवंबर, 2017 में निवेश के जरिये नागरिकता कार्यक्रम (सीआईपी) का इस्तेमाल करते हुए एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता हासिल की थी. उसने पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 13,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत किये जाने से कुछ दिन पहले पिछले साल जनवरी में भारत छोड़ दिया था.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एवं सीबीआई को चोकसी (60) और उसके भांजे नीरव मोदी की भारत की सबसे बड़ी बैंकिंग धोखाधड़ी को कथित तौर पर अंजाम देने के लिए पूछताछ की जरूरत है. नीरव इस समय लंदन की जेल में है.

प्रधानमंत्री ब्राउनी ने कहा कि अरबपति हीरा कारोबारी की नागरिकता उसके द्वारा सारे वैधानिक विकल्पों के इस्तेमाल के बाद रद्द कर दी जाएगी.

‘एंटीगुआ ऑब्जर्वर’ की खबर में प्रधानमंत्री ब्राउनी के हवाले से कहा गया है, ‘उसकी नागरिकता के आवेदन की जांच की गई थी; उसे नागरिकता मिल गयी है लेकिन उसे रद्द किया जाएगा एवं उसे वापस भारत भेजा जाएगा; (पर) इसका एक रास्ता है. ऐसा नहीं है कि हम वित्तीय अपराधों में लिप्त अपराधियों को पनाहगाह उपलब्ध करा रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हमें तय प्रक्रिया का पालन करना होगा. उनके खिलाफ अदालत में मामला चल रहा है और हमने भारत सरकार को कहा है कि अपराधियों के भी मौलिक अधिकार होते हैं और चोकसी को अदालत का दरवाजा खटखटाने एवं अपना पक्ष रखने का अधिकार है. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जब वह अपने पक्ष में सभी वैधानिक विकल्पों का इस्तेमाल कर चुका होगा तो उसे प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा.’

सीआईपी (सिटिजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम) के तहत कोई व्यक्ति देश में एनडीएफ निवेश कोष में 1,00,000 डॉलर के न्यूनतम निवेश के जरिये एंटीगुआ-बारबुडा का पासपोर्ट हासिल कर सकता है.

नई दिल्ली में सूत्रों ने मंगलवार को बताया, ‘हम चोकसी के प्रत्यर्पण के मुद्दे को लेकर एंटीगुआ और बरबुडा के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं.’

प्रवर्तन निदेशालय ने बॉम्बे उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि वह चोकसी को भारत लाने के लिए एक एयर एम्बुलेंस (रोगी की सुविधा के इंतजाम वाले विशेष विमान की सेवाएं) उपलब्ध कराने को तैयार है.

वहीं एंटीगुआ में चोकसी ने उच्च न्यायालय से कहा कि उसने मुकदमे से बचने के लिए नहीं बल्कि चिकित्सकीय उपचार के लिए भारत छोड़ा था. उसने कहा कि वह शारीरिक रूप से यात्रा के लिए ठीक होने पर भारत लौटेगा.

मालूम हो कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपी भगोड़ा हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी ने इस साल जनवरी में भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी. चोकसी ने कैरिबियाई देश एंटीगुआ में अपने भारतीय पासपोर्ट को सरेंडर कर दिया था.

बीते साल 13 दिसंबर को इंटरपोल ने भगोड़े अरबपति मेहुल चोकसी के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. रेड कॉर्नर नोटिस एक प्रकार का अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट है. इसमें इंटरपोल अपने सदस्य देशों से अन्य सदस्य देश में वांछित भगोड़े अपराधी को पकड़ने, हिरासत में लेने को कहता है.

मालूम हो कि जनवरी, 2018 में अपने भांजे और पीएनबी घोटाले में आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी के साथ देश छोड़कर भागने वाले गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेहुल चोकसी, उसकी पत्नी अमी मोदी और भाई निशाल मोदी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी.

सीबीआई ने पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और चोकसी दोनों के ख़िलाफ़ अलग-अलग आरोप पत्र दाख़िल किए हैं.

अपने आरोप पत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया है कि पीएनबी के 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले में से चोकसी ने 7.080.86 करोड़ रुपये की और नीरव मोदी ने 6,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है. पीएनबी फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई एवं ईडी कर रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)