दुनिया

ट्रंप ने जी-20 सम्मेलन से पहले कहा, भारत की ओर से लगाया गया उच्च शुल्क ‘अस्वीकार्य’

ट्रंप का ये बयान ऐसे समय पर आया है जब एक दिन पहले ही अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि भारत अमेरिका एक महत्वपूर्ण साझेदार है और अमेरिकी-भारत साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचने लगी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी उत्पादों पर भारत द्वारा लगाए जाने वाला उच्च शुल्क ‘अस्वीकार्य’ है और उसे वापस लिया जाना चाहिए. जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक से पहले उन्होंने यह बात कही.

राष्ट्रपति ट्रंप ने बृहस्पतिवार की सुबह ट्वीट किया, ‘मैं प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी से इस संबंध में बात करना चाहता हूं कि भारत ने वर्षों से अमेरिका के खिलाफ ऊंचा शुल्क लगा रखा है और हाल के दिनों में उसे और बढ़ा दिया है. यह अस्वीकार्य है और शुल्क को निश्चित रूप से वापस लिया जाना चाहिए.’

ट्रंप जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. आम चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद मोदी के साथ उनकी यह पहली बैठक होगी.

ट्रंप और मोदी की यह बैठक ऐसे समय में काफी अहम मानी जा रही है जब व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों देशों के संबद्धों में एक तरह की कड़वाहट देखने को मिल रही है.

अमेरिका द्वारा भारत को तरजीही व्यवस्था से बाहर किए जाने के जवाब में हाल में भारत ने अमेरिका से आयातित 29 वस्तुओं पर शुल्क बढ़ा दिए थे.

अमेरिका द्वारा पिछले साल स्टील और एल्युमीनियम आयात पर लगाए गए उच्च शुल्क के जवाब में भारत ने ये शुल्क बढ़ाया है. ऐसा करने की योजना 2018 से ही बन रही थी, लेकिन चूंकि भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार पैकेज पर बातचीत की थी इसलिए इसमें कम से कम आठ बार देरी हुई.

जब बीते 23 मई को अमेरिका ने औपचारिक रूप से सामान्यीकृत प्रणाली वरीयताएं (जीएसपी) लाभ से भारत को बाहर कर दिया तो भारत ने जवाबी कार्रवाई के रूप में टैरिफ बढ़ा दिया.

इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की. उन्होंने व्यापार और अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, रक्षा, आतंकवाद के मुकाबले और लोगों का लोगों से संपर्क में द्विपक्षीय संबंधों की पूरी संभावनाओं को हासिल करने की मजबूत प्रतिबद्धता जताई.

पोम्पिओ मंगलवार को भारत पहुंचे थे.. उन्होंने बुधवार सुबह के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.

ट्रंप का ये बयान ऐसे समय पर आया है जब एक दिन पहले ही पोम्पिओ ने कहा कि भारत अमेरिका एक महत्वपूर्ण साझेदार है और अमेरिकी-भारत साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचने लगी है.

उन्होंने कहा कि जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के 1.7 अरब लोग एक साथ आते हैं तो हम बड़े काम कर सकते हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)