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लालू, चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम और पीटर मुखर्जी से जुड़े ठिकानों पर छापे

लालू और चिदंबरम दोनों का आरोप, विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है.

lalu chidambaram
सीबीआई ने 2007 में आईएनएक्स मीडिया कंपनी को विदेशी निवेश मंजूरी दिलाने के लिए कंपनी की तरफ़दारी करने के आरोप में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से जुडे़ अनेक स्थानों पर मंगलवार को छापे मारे. दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ये छापे मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और और गुरूग्राम में मारे गए.

दूसरी तरफ़, आयकर विभाग ने दिल्ली और आपपास के इलाक़ों में कम से कम 22 स्थानों पर छापेमारी की और सर्वे किया. ये कार्रवाई राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव तथा अन्य से संबंधित 1,000 करोड़ रुपये के कथित बेनामी सौदों के मामले में की गई.

मीडिया कंपनी को फ़ायदा पहुंचाने का आरोप

2007 में आईएनएक्स मीडिया नाम की कंपनी को विदेशी निवेश क्लीयरेंस में फ़ायदा पहुंचाने के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़े मामले में सीबीआई ने पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी के यहां मुंबई में भी छापेमारी की.

चेन्नई में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चेन्नई में पी चिदंबरम के नुंगमबक्कम आवास पर भी छापे मारे जा रहे हैं.
अपुष्ट रिपोर्ट के अनुसार चिदंबरम के पैतृक शहर कराईकुड़ी में भी छापे मारे जा रहे हैं.

सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया के ख़िलाफ़ सोमवार को मामला दर्ज किया. इसके निदेशक इंद्राणी मुखर्जी, और पीटर मुखर्जी के मार्फ़त यह मामला दर्ज किया गया है. एजेंसी का आरोप है कि कंपनी की तरफ़दारी तब की की गई थी जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे.

सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया के अलावा निदेशक कार्ति के मार्फ़त उनकी कंपनी चेस मैनेजमेंट सर्विसेज और निदेशक पद्मा विश्वनाथन के मार्फ़त एडवांटेज कंसल्टिंग लिमिटेड के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

इनके ख़िलाफ़ आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी तथा भ्रष्ट अथवा अवैध तरीक़े से परितुष्टि तथा आपराधिक कदाचार के आरोप लगाए गए हैं.

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कार्ति चिदंबरम ने वित्त मंत्रालय में अपनी पहुंच का इस्तेमाल किया. आईएनएक्स मीडिया ने तीन प्रवासी उपक्रमों- डेनअर्न, एनएसआर पीई और न्यू वेरोन प्राइवेट इक्विटी लिमिटेड को कम से कम 14.98 प्रतिशत इक्वटी शेयरों के तरजीही आवंटन जारी करने की अनुमति के लिए 13 मार्च 2007 को एफआईबीपी मंज़ूरी की मांग की थी.

कंपनी ने यह मंज़ूरी टीवी चैनलों के समूह का व्यापार शुरू करने, संचालन प्रबंधन तथा प्रसारण के लिए मांगी थी. एफआईपीबी इकाई ने बोर्ड को 18 मई 2007 को होने वाली बैठक में पेश किए जाने वाले संक्षिप्त प्रस्ताव में स्पष्ट किया था कि 4.62 करोड़ रुपए के प्रस्तावित इशुओं में अंकित मूल्य पर एफडीआई को मंज़ूर किया जा सकता है और आईएनएक्स न्यूज में निवेश के लिए एफआईपीबी की अलग से मंज़ूरी लेनी होगी.

बोर्ड ने आईएनएक्स मीडिया के प्रस्ताव की अनुशंसा करते हुए उसे वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया था लेकिन आईएनएक्स न्यूज़ के लिए कोई अनुशंसा नहीं की थी. एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन वित्त मंत्री ने अनुशंसाओं को मंज़ूर कर लिया था.

चिदंबरम बोले, निशाना बना रही सरकार

पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने आरोप लगाया कि सरकार उनके बेटे को निशाना बनाने के लिए सीबीआई तथा अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि सैंकड़ों मामलों में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दी गई थी.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने चेन्नई में एक बयान जारी करके कहा, सरकार सीबीआई तथा अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल कर मेरे बेटे और उसके दोस्तों को निशाना बना रही है. सरकार का मक़सद मेरी आवाज़ को बंद कराना और मुझे आगे लिखने से रोकना है जैसा कि उसने विपक्षी दलों के नेताओं, पत्रकारों, स्तंभकारों, एनजीओ और नागरिक समाज संगठनों के साथ किया है. मैं बस इतना ही कहूंगा, मैं बोलना और लिखना जारी रखूंगा.

चिदंबरम ने कहा कि एफआईपीबी को बनाने वाले पांच सचिवालय, एफआईपीबी सचिवालय के अधिकारियों तथा प्रत्येक मामलों में सक्षम प्राधिकारी जन अधिकारी हैं और उनमें से किसी के भी ख़िलाफ़ कोई आरोप नहीं थे.

उन्होंने कहा, प्रत्येक मामले में क़ानून के हिसाब से कार्रवाई की गई और भारत सरकार के पांच मंत्रालयों से मिल कर बने एफआईबीपी की अनुशंसा के अनुरूप ही मंज़ूरी दी गई अथवा मामले को नामंज़ूर किया गया. एफआईपीबी मंज़ूरी सैंकड़ों मामलों में दी गई थी. क़ानून के अनुसार हर मामले को देखा गया और एफआईपीबी की सिफ़ारिशों के अनुसार मंज़ूरी प्रदान की गई या नामंज़ूरी दी गई.

पीटर मुखर्जी के यहां भी छापा

2007 में आईएनएक्स मीडिया नाम की कंपनी को विदेशी निवेश क्लीयरेंस में फ़ायदा पहुंचाने के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़े मामले में सीबीआई ने पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी के यहां स्थित घर पर छापेमारी की.

सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि यह छापे पूर्व वित्त मंत्री और उनके बेटे के घरों समेत देश भर में विभिन्न जगहों पर की गयी छापेमारी का हिस्सा था. एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि सीबीआई की एक टीम यहां दक्षिण मुंबई के पॉश वर्ली इलाके में स्थित पीटर मुखर्जी के बंगले पर छापेमारी कर रही है.

आईएनएक्स मीडिया के संस्थापक पीटर और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी सनसनीख़ेज शीना बोरा हत्याकांड में आरोपी हैं और यहां जेल में बंद हैं.

सीबीआई द्वारा ये छापे 2007 में एक कंपनी आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंजूरी दिए जाने को लेकर किए गए कथित पक्षपात को लेकर मारे जा रहे हैं .

जांच एजेंसी ने आईएनएसक्स मीडिया को दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की 2007 में दी गई मंज़ूरी में कथित अनियमितता के संबंध में मामला दर्ज किया था. इस मीडिया कंपनी को इसके निदेशकों इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी द्वारा चलाया जा रहा था. और उस समय पी चिदम्बरम वित्त मंत्री थे.

कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया. आईएनएक्स मीडिया मामले में उनके ख़िलाफ़ सीबीआई की छापेमारी के पीछे राजनीतिक साज़िश है.

कार्ति ने यहां उनके पिता और उनसे जुड़े कई स्थानों पर सीबीआई की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, उन्होंने कोई दस्तावेज़ ज़ब्त नहीं किया और मेरे ख़िलाफ़ कोई आरोप साबित नहीं कर पाए. मैंने कुछ ग़लत नहीं किया. उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार राजनीतिक साज़िश कर रही है.

राजनीतिक साज़िश से इनकार करते हुए केंद्रीय जहाज़रानी राज्यमंत्री पोन राधाकृष्णन ने मदुरै में कहा कि सीबीआई द्वारा की जा रही छापेमारी आईएनएक्स मीडिया मामले में जांच का हिस्सा है.

दूसरी ओर, द्रमुक के कार्यकारी प्रमुख एम के स्टालिन ने केंद्र पर सीबीआई जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा उनके बेटे क़ानूनी रूप से इस मामले का सामना करेंगे.

लालू यादव से जुड़े 22 स्थानों पर छापेमारी

इधर, आयकर विभाग ने दिल्ली और ईदगिर्द के इलाक़ों में कम से कम 22 स्थानों पर छापेमारी की और सर्वे किया. ये कार्रवाई राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव तथा अन्य से संबंधित 1,000 करोड़ रूपये के कथित बेनामी सौदों के मामले में की गई.

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार तड़के विभाग ने दिल्ली, गुड़गांव, रेवाड़ी में कुछ जानेमाने कारोबारियों तथा रियल एस्टेट एजेंटों तथा अन्य के परिसरों पर छापेमारी शुरू की. राजद के सांसद पीसी गुप्ता और कुछ अन्य कारोबारियों के परिसरों पर भी तलाशी ली गई.

उन्होंने बताया कि छापेमारी एक दर्जन स्थानों पर की गई जबकि आयकर विभाग ने 10 अन्य आधिकारिक परिसरों का सर्वे भी किया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े एक भूमि सौदे में शामिल लोगों और कारोबारियों के यहां तलाशी ली गई. लगभग 1,000 करोड़ रुपये के बेनामी सौदों और उसके बाद कर चोरी के मामले हैं. उन्होंने बताया कि कर विभाग और पुलिस विभाग के लगभग 100 अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं.

पिछले हफ्ते भाजपा ने लालू प्रसाद, उनकी सांसद बेटी मीसा भारती और उनके दोनों बेटों पर लगभग 1,000 करोड़ रुपये के भ्रष्ट भूमि सौंदों में शामिल होने का आरोप लगाया था और केंद्र सरकार से दिल्ली में हुए ऐसे ही एक सौदे की जांच की मांग की थी.

रविशंकर की नीतीश को चुनौती

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि ये लेनदेन फ़ायदा पहुंचाने के एवज में किए गए हैं और यह उस समय के हैं जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. प्रसाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लालू के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की चुनौती दी.

लालू का राजद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले बिहार के सत्तारूढ़ गठबंधन का घटक दल है और लालू के दोनों बेटे तेजस्वी यादव तथा तेज प्रताप यादव राज्य सरकार में मंत्री हैं.

रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि कंपनी के मालिकों का पता वही है जो लालू के आधिकारिक आवास का पता है. यह कंपनी कथित तौर पर लालू के परिवार के सदस्यों ने शुरू की है.

उन्होंने कहा कि बिहार में कई संदिग्ध भूमि सौदे हुए. उन्होंने पूछा कि क्या नीतीश अपनी सरकार के उस विशेष क़ानून का इस मामले में इस्तेमाल करेंगे जिसमें ग़ैरक़ानूनी धन से प्राप्त संपत्तियों को ज़ब्त करने का प्रावधान है.

उन्होंने कहा, लालू प्रसाद की राजनीति लूट की राजनीति बन गई है. करोड़ों रुपये की भूमि कौड़ी के मोल ले ली गई. उनके मुताबिक लालू प्रसाद और उनके परिजनों से संबंधित ऐसा ही एक भूमि सौदा दिल्ली के बिजवासन में किया गया. रवि शंकर प्रसाद ने कहा, हम केंद्र सरकार से उचित कार्रवाई की उम्मीद करते हैं.

प्रसाद ने दावा किया कि इन सौदों को अंजाम देने के लिए लालू प्रसाद के परिजनों द्वारा गठित और उनके मालिकाना हक़ वाली इन कंपनियों में कोई कर्मचारी नहीं है, इन कंपनियों की कोई कारोबारी गतिविधियां नहीं हैं और इनका कोई टर्नओवर भी नहीं है.

यहां एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे ही संदिग्ध लेनदेन के हिस्से के रूप में बिहार के पटना में राज्य का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल शुरू होने जा रहा है जो लगभग 7.5 लाख वर्गफुट इलाक़े में फैला है.

‘फासीवादी ताक़तों के ख़िलाफ़ लड़ता रहूंगा’

लालू प्रसाद के दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में 22 स्थानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बीच लालू ने ट्वीट कर कहा कि वह झुकने और डरने वाले नहीं हैं तथा आख़िरी सांस तक फासीवादी ताक़तों के ख़िलाफ़ लड़ते रहेंगे. लालू ने अपने ट्वीट में कहा, बीजेपी को नए एलायंस मुबारक हों. लालू प्रसाद झुकने और डरने वाला नहीं है. जब तक आख़िरी सांस है फासीवादी ताक़तों के ख़िलाफ़ लड़ता रहूंगा.

उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा है, बीजेपी में हिम्मत नहीं कि लालू की आवाज़ को दबा सके. लालू की आवाज़ दबाएंगे तो देशभर में करोड़ों लालू खड़े हो जाएंगे. मैं गीदड़ भभकी से डरने वाला नहीं हूं.

लालू ने अपने ठिकानों पर आयकर की छापेमारी की ख़बरें मीडिया में आने पर कहा, पढे़ लिखे अनपढ़ों यह तो बताओ कि कौन से 22 ठिकानों पर छापेमारी हुई. बीजेपी समर्थित मीडिया और उसके सहयोगी घटकों (सरकारी तोतों) से लालू नहीं डरता.

उन्होंने अपने ट्वीट में आगे कहा, ज़्यादा लार मत टपकाओ. गटबंधन अटूट है. अभी तो समान विचारधारा के और दलों को जोड़ना है. मैं बीजेपी के सरकारी तंत्र और सरकारी सहयोगियों से नहीं डरता.

लालू ने कहा, आरएसएस और भाजपा को लालू के नाम से कंपकंपी छूटती है. इनको पता है कि लालू इनके झूठ, लूट और जुमले के कारोबार को ध्वस्त कर रहा है तो दबाव बनाओ… अहंकारी और फासीवादी भाजपा नेताओं से सावधान. लालू को धमकी देने से पहले आईने में अपना चेहरा देखें. बिहार में लाखों लालू हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)