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बिहार-असम में बाढ़ से 166 और उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से 34 लोगों की मौत

राजस्थान में आकाशीय बिजली गिरने से चार और केरल में बारिश से चार व्यक्तियों की मौत. बिहार में बाढ़ से 12 जिलों के 72.78 लाख लोग प्रभावित हैं जबकि असम के 33 जिलों में से 18 में रहने वाले 38.37 लाख लोग प्रभावित हैं.

Sitamarhi: A man carries a child in a basket as he wades through a flooded street following incessant rainfall, in Sitamarhi, Friday, July 19, 2019. (PTI Photo)(PTI7_19_2019_000066B)

बिहार के सीतामढ़ी में बाढ़ से बचने के लिए अपने बच्चे को टोकरी में ले जाता एक व्यक्ति. (फोटो: पीटीआई)

पटना/गुवाहाटी/लखनऊ/जयपुर/नई दिल्ली: बिहार और असम में बाढ़ की स्थिति अब भी भयावह बनी हुई है. दोनों राज्यों में बाढ़ से करीब 1.11 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और मरने वालों की संख्या रविवार तक बढ़कर 166 हो गई.

असम में मरने वालों का आंकड़ा 64 पहुंच गया जबकि बिहार में यह आंकड़ा 102 रहा. बीते शनिवार से दोनों राज्यों में पांच और लोगों के मरने की सूचना मिली थी.

बिहार में बाढ़ से 12 जिलों के 72.78 लाख लोग प्रभावित हैं जबकि असम के 33 जिलों में से 18 में रहने वाले 38.37 लाख लोग प्रभावित हैं.

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बीते रविवार को बिहार के मधुबनी जिले से पांच और लोगों के मरने की सूचना मिली है. इसके साथ ही जिले में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 23 पहुंच गया है.

सीतामढ़ी 27 लोगों की मौतों के साथ अब भी बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है.

आपदा प्रबंधन विभाग से बुधवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार के 12 जिले शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया एवं कटिहार में अबतक 78 लोगों की मौत के साथ कुल 102 लोगों की मौत हुई है जबकि लगभग 72 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

बिहार में बाढ से मरने वाले 102 लोगों में सीतामढी में 27, मधुबनी में 23, अररिया में 12, शिवहर एवं दरभंगा में 10-10, पूर्णिया में 9, किशनगंज में 5, सुपौल में 3, पूर्वी चंपारण में 2 और सहरसा के एक व्यक्ति शामिल हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी और दरभंगा जिलों में राहत शिविरों का दौरा किया.

बिहार के बाढ़ प्रभावित इन 12 जिलों में कुल 133 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं जहां 114921 लोग शरण लिए हुए हैं. उनके भोजन की व्यवस्था के लिए 776 सामुदायिक रसोई चलाए जा रहे हैं.

बाढ प्रभावित इलाके में राहत एवं बचाव कार्य के लिये एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 26 टीम, 796 कर्मियों को लगाया गया है तथा 125 मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है.

केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बिहार की कई नदियां बूढ़ी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान, कोसी, महानंदा और परमान नदी विभिन्न स्थानों पर रविवार सुबह खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी.

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार की सभी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में शुक्रवार की सुबह तक हल्की बारिश की संभावना जतायी गई है.

असम में 64 लोगों की मौत

असम में पांच और लोगों के मरने की सूचना के बाद बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है. राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम हो रहा है.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार असम में मोरीगांव से दो लोगों और धेमाजी, ग्वालपाड़ा और कामरूप से एक-एक व्यक्ति के मरने की सूचना है.

Hajo: Local people construct an embankment with bamboo and sand bags which was breached by the swollen Brahmaputra River, at Monakuchi village in Hajo district of Assam, Thursday, July 18, 2019. (PTI Photo) (PTI7_18_2019_000151B)

असम के हाजो जिले के मोनाकुची गांव में ब्रह्मपुत्र नदी में आई बाढ़ से जमीन का एक हिस्सा बह गया. बांस और बालू की बोरियों से रास्ता बनाते लोग. (फोटो: पीटीआई)

प्राधिकरण के बुलेटिन में कहा गया है कि 2,669 गांव, 1.35 लाख हेक्टेयर फसल भूमि और गोलाघाट जिले में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा जलमग्न है.

इसमें कहा गया है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में भी 141 जानवरों की बाढ़ के कारण मौत हो चुकी है. ब्रह्मपुत्र नदी जोरहाट जिले के नेमाटीघाट और धुबरी जिले में खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है.

जिला प्रशासनों द्वारा बनाए गए 829 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में 1,15,389 से अधिक विस्थापित लोग हैं.

उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से 34 लोगों की मौत

उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न हिस्‍सों में पिछले 24 घंटे के दौरान खराब मौसम के बीच आकाशीय बिजली गिरने और सांप के काटने से 35 लोगों की मौत हो गई.

मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि तत्काल देने का निर्देश दिया है.

बीते रविवार को प्रदेश के राहत आयुक्‍त कार्यालय से प्राप्‍त रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान आकाशीय बिजली और सर्पदंश की घटनाओं में 34 लोग मारे गए हैं. सबसे ज्‍यादा सात-सात मौतें कानपुर नगर और फतेहपुर में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुई हैं. इसके अलावा झांसी में पांच और जालौन में चार लोगों की वज्रपात से मौत हो गई.

रिपोर्ट के अनुसार, हमीरपुर में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में तीन, गाजीपुर में दो-दो, चित्रकूट, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, जौनपुर, बलिया और देवरिया में एक-एक व्‍यक्ति की मौत हो गई. वहीं, सर्पदंश से आम्‍बेडकर नगर में एक व्‍यक्ति की मौत हुई.

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जनपदों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने इस आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त की.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्राकृतिक आपदाओं में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि तत्काल वितरित करने के निर्देश दिए हैं.’

उन्होंने इन घटनाओं में घायल लोगों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिये हैं और यह भी कहा है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरदाश्‍त नहीं होगी.

उन्होंने कहा, ‘संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ितों के साथ है और उनकी हर सम्भव मदद के लिए तत्पर है.’

केरल में बारिश से चार व्यक्तियों की मौत, तीन लापता, कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’

तिरुवनंतपुरम: केरल में बारिश का दौर जारी रहने के बीच चार लोगों की मौत हो गई और तमिलनाडु के दो मछुआरों समेत तीन लोग लापता हैं.

केरल के कासरगोड, इडुक्की, कोझीकोड और कन्नूर जिलों में 23 जुलाई तक ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है.

Kochi: Submerged area near Cochin International Airport after monsoon rainfall, in Kochi on Wednesday, Aug 15, 2018. The Cochin International Airport at Nedumbassery reportedly suspended operations till Saturday due to rains and floods. (PTI Photo) (PTI8_15_2018_000304B)

(फोटो: पीटीआई)

तटीय पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु के लापता मछुआरों में से एक सहायराजू (55) का शव कोल्लम जिले में मिला. दो अन्य मछुआरें तैरकर सुरक्षित बच गए.

एक तटीय पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘लापता दो अन्य मछुआरों की तलाश की जा रही है. एक तटरक्षक जहाज और समुद्री प्रवर्तन की दो नावें उन्हें खोज रही हैं.’

कोट्टायम जिले की मीनाचिल नदी में लापता हुए मनेश सेबस्टियन का शव नौसेना ने बरामद कर लिया है.

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 21 जुलाई को कसारगोड और इडुक्की जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया, कोझीकोड, वायनाड और कन्नूर जिलों में 22 जुलाई के लिए अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिणी राज्य के कन्नूर और कसारगोड जिलों में 23 जुलाई को भारी बारिश का भी अनुमान जताया गया है.

विभाग ने कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम के लिए 25 जुलाई तक ‘ओरेंज अलर्ट’ भी जारी किया है.

केरल सरकार ने पर्यटकों को खतरे का हवाला देते हुए राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में ‘शंकमुगम बीच’ से दूर रहने को कहा है.

मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की भी सलाह दी है.

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के तटीय इलाकों से सैकड़ों मकानों को खाली करा लिया है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पहाड़ी इडुक्की जिले में कोन्नाथाडी गांव में शनिवार की सुबह हुई भूस्खलन की एक मामूली घटना में फसल को नुकसान हुआ. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है.

केरल राज्य आपदा प्रबंधन के सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को कोशी वर्गीज (53) थिरुवल्ला में मणिमाला नदी में मछली पकड़ने के दौरान डूब गए और नारियल के एक पेड़ गिरने से कोल्लम के दिलीप कुमार (54) की मौत हो गई.

फोर्ट कोच्चि समुद्र तट पर स्नान करने गया एक व्यक्ति भी लापता है.

निचले इलाकों में रहने वाले और वे लोग जिनके घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, उनके लिए 12 राहत शिविर खोले गए हैं.

प्राधिकरण के अनुसार राज्य में अब तक 13 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए है और 71 मकान आंशिक रूप से.

केन्द्रीय जल आयोग की वेबसाइट में कहा गया है कि पेरियार, पाम्बा और चलियार नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है.

राजस्थान में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की मौत

राजस्थान के झालावाड़ जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई और 26 मनरेगा मजदूर घायल हो गए.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, झालावाड़ा जिले के उन्हैल और सुनेल क्षेत्र में रविवार दाेपहर बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई.

सुनेल कस्बे में सुमनबाई धाकड़ (50) खेत में काम कर रही थीं, उसी समय आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई. राजपुरा गांव में दुर्गालाल (45), उन्हैल के बिलखेड़ी गांव में पूरसिंह (40) व पुत्र गोविंद सिंह (20) की मौत हो गई.

उधर, पाली जिले के खिंवाड़ा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से 26 लोग घायल हो गए. इसमें आठ महिलाओं का उपचार प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर हो रहा है.

देसूरी के उपखंड अधिकारी रवि विजय ने बताया कि पनोता गांव में खुदाई के काम में लगे मनरेगा मजदूर बारिश से बचने के लिए एक झोपड़ी में जमा हो गए थे. इसी दौरान झोपड़ी के पास एक पेड़ पर आकाशीय बिजली के गिरने से 26 मजदूर घायल हो गए.

घायलों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया, जहां 18 मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया जबकि आठ महिलाओं का उपचार जारी है.

उन्होंने बताया कि सभी घायल महिलाओं की स्थिति ठीक है और उन्हें प्राथमिक केंद्र में निगरानी के लिए रखा गया है.

पंजाब में कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात, तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मौत

चंडीगढ़: पंजाब के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश की वजह से बाढ़ जैसी स्थित बन गई है. घग्गर नदी का पानी हजारों एकड़ में फैले खेतों में घुस गया है जिससे खड़ी फसल प्रभावित हुई है.

Madhubani: People cross a flooded street following incessant monsoon rainfall, at Madhubani district, Monday, July 15, 2019. The death toll in the Bihar floods mounted to 24, with 2.6 million people reeling from the deluge in 12 districts of the state. (PTI Photo) (PTI7_16_2019_000131B)

(फोटो: पीटीआई)

पंजाब के जल संसाधन मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने बीते रविवार को भारी बारिश से प्रभावित पटियाला और संगरूर जिलों में राहत कार्यों का जायज़ा लिया.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी हल तलाशेगी. घग्गर नदी के हर साल उफान पर चले जाने से यह स्थिति उत्पन्न होती है.

सरकारिया ने संगरूर जिले में फुलद और खानौरी गांव और पटियाला जिले में बादशाहपुर और सिर्काप्रा गांवों का दौरा किया और राहत कार्यों का जायज़ा लिया.

वहीं राज्य के फतेहगढ़ साहिब जिले के खोजेमाजरा गांव में रविवार की शाम रेत के ढेर पर खेल रहे तीन बच्चे फिसलकर बारिश के पानी से भरे गड्ढे में गिर गए जिससे तीनों की मौत हो गयी. तीनों बच्चे भाई-बहन थे.

पुलिस ने बताया कि तीनों की पहचान जशन, जसप्रीत और जोबनप्रीत के तौर पर हुई है. उनकी उम्र सात से 12 साल के बीच थी.

हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा में भूस्खलन में बच्ची की मौत, पांच पर्यटक घायल

शिमला: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में हुए भूस्खलन में आठ माह की बच्ची की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए.

पुलिस ने बीते रविवार को बताया कि भागसू नाग मंदिर से धर्मशाला से करीब 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भागसू नाग झरने की तरफ पैदल जा रहे पर्यटकों पर पहाड़ियों से चट्टानें गिरने लगीं.

मृत बच्ची की पहचान उना जिले के हरोली के लवदीप के तौर पर हुई है.

घायलों में जगपाल (30), अच्चर सिंह (30), सुनीता (23), प्रीत (8) और अरनब (2) शामिल हैं. ये सभी हरोली के निवासी हैं. घायलों को शुरुआत में धर्मशाला सिविल अस्पताल ले जाया गया और बाद में उन्हें कांगड़ा के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)