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बारिश का कहर: केरल में अब तक 60 लोगों और कर्नाटक में 31 लोगों की मौत

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि बाढ़ को देखते हुए अगले दो दिन के लिए वे केरल दौरे पर जाएंगे. वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर्नाटक में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे.

Mysore: Locals stranded as a part of the road collapsed after water from Kabini reservoir in HD Kote was released following heavy monsoon rainfall, in Mysore, Thursday, Aug 8, 2019. (PTI Photo) (PTI8_8_2019_000214B)

(फोटो: पीटीआई)

तिरुवनंतपुरम: केरल में मूसलाधार बारिश का कहर अब भी जारी है और बाढ़, भूस्खलन तथा बारिश संबंधी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कोझिकोड और अलप्पुझा जिले से रविवार सुबह एक-एक शव बरामद किए गए, यहां पिछले सप्ताह से मूसलाधार बारिश जारी है.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार सुबह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और बाढ़ की स्थिति का आकलन किया.

मलप्पुरम जिले के कवलप्परा और वायनाड जिले के पुथुमाला इलाके में जारी तलाश अभियान पर भी उन्होंने चर्चा की. यहां दो भीषण भूस्खलन आने के कारण कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है.

दक्षिणी राज्य के 14 जिलों में कई भूस्खलन और बाढ़ आने की वजह से 1,318 राहत शिविरों में 1.65 लाख से अधिक लोगों ने पनाह ली है.

राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश से थोड़ी राहत की खबरें हैं लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने वायनाड, कन्नूर और कासरगोड़ में रविवार के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है.

वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी रविवार दोपहर को दो दिन के केरल दौरे पर आएंगे. वह अपने ससंदीय क्षेत्र वायनाड का दौरा करेंगे, जो सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है.

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि वे निलाम्बुर में कोट्टाक्कल, मामबाड, एडवान्नापारा राहत शिविरों का दौरा कर सकते हैं. वह मलप्पुरम कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक में भी शामिल हो सकते हैं. गांधी वायनाड में प्रभावित इलाकों का दौरा सोमवार को करेंगे.

पिछले दो दिन से बंद कोच्चि स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज दोपहर से विमानों का परिचालन फिर शुरू होगा.

दक्षिणी रेलवे ने रविवार को मंगलुरू- तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस, मावेली एक्सप्रेस, मालाबार एक्सप्रेस, कन्नूर-एर्नाकुलम इंटरसिटी एक्सप्रेस, एर्नाकुलम-बेंगलुरू इंटरसिटी एक्सप्रेस सहित 10 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया.

उसने बताया कि सात ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है और दो ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है. सेना, नौसेना, तटरक्षक बल, एनडीआरएफ, पुलिस बल, स्वयंसेवकों और मछुआरों समेत विभिन्न एजेंसियां बचाव कार्य में लगी हैं.

केरल में पिछले साल भी भूस्खलन और बाढ़ से भारी तबाही मची थी. इसमें 400 से अधिक लोगों की जान गई थी और लाखों लोग बेघर हुए थे.

कर्नाटक में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 31 हुई, शाह करेंगे हवाई सर्वेक्षण

कर्नाटक में बारिश से संबंधित घटनाओं में चार और लोगों की जान चली गई है. इसके साथ ही मृतकों की संख्या 31 पर पहुंच गई है और राज्य में बाढ़ की स्थिति रविवार को भी गंभीर बनी हुई है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बेलगावी जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा उनके साथ रहेंगे.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि बीती रात चार और लोगों के मरने के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है जबकि 14 लोग लापता हैं.

इसमें बताया गया है कि 3.14 लाख लोगों को दूसरे स्थानों में ले जाया गया है और उनमें से 2.18 लाख लोग 924 राहत शिविरों में रह रहे हैं.

येदियुरप्पा ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘मैं बेलगाम (बेलगावी) जा रहा हूं. हमारे (भाजपा के) राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह वहां आ रहे हैं. हम एक साथ बेलगाम, बागलकोट और अन्य इलाकों में हवाई सर्वेक्षण करेंगे. जब वह दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे उसके बाद मैं लौट आऊंगा.’

राज्य सरकार ने शनिवार को 17 जिलों में 80 तालुकों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया और कहा कि इन स्थानों पर राहत एवं बचाव अभियान पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

ज्यादातर तालुक बेलगावी जिले के हैं जिस पर बाढ़ का प्रकोप सबसे अधिक है. सरकार ने आकलन किया है कि भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में 21,431 मकानों और 4.16 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलों को नुकसान पहुंचा है.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को सबसे ज्यादा प्रभावित बेलगावी और बागलकोट जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भूस्खलन की घटनाओं के मद्देनजर बेंगलुरू और मंगलुरू को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग कम से कम सोमवार तक बंद रहेगा.

उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी में जल स्तर में मामूली कमी आई है.

बंटवाल के समीप भी जलस्तर में कमी आई है. बंटवाल में उफान पर चल रही नदियों के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए जिससे कई लोग प्रभावित हुए. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जनार्दन पुजारी का परिवार भी शामिल है.

यहां मिली रिपोर्टों के अनुसार, बेल्लारी में तुंगभद्रा नदी के उफान पर होने के कारण हम्पी किले के समीप एक पुल डूब गया जिससे कम्प्ली और गंगावती शहरों के बीच सड़क यातायात बाधित हुआ.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)