राजनीति

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, अगला एजेंडा पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के दौरान सबसे बड़ी उपलब्धि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना है.

Jammu: Minister of State for PMO Jitendra Singh addresses a press conference in Jammu,Tuesday, Sept. 10, 2019. (PTI Photo)(PTI9_10_2019_000089B)

जितेंद्र सिंह. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के दौरान सबसे बड़ी उपलब्धि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार का अगला एजेंडा ये है कि कैसे जम्मू कश्मीर के उन हिस्सों को वापस पाया जाए, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है.

जितेंद्र सिंह ने पीओके के मुद्दे पर कहा, ‘यह सिर्फ मैं नहीं कह रहा या मेरा संगठन नहीं कह रहा, राजनीतिक दल नहीं कह रहा, बल्कि 1994 में पीवी नरसिम्हा राव की अध्यक्षता में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा संसद में सर्वसम्मति से पारित कराया गया संकल्प है. जिसमें कहा गया था कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान के साथ एकमात्र मुद्दा जिसका हल नहीं हुआ है वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) था. यह एक स्वीकृत स्थिति है.’

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने पर पाकिस्तान की ओर से शुरू किए गए दुष्प्रचार पर जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया का रुख भारत के अनुकूल है.

उन्होंने कहा, ‘कुछ देश जो भारत के रुख से सहमत नहीं थे, अब वे हमारे रुख से सहमत हैं. कश्मीर में आम आदमी भारत सरकार से मिलने वाले लाभों को लेकर खुश है.’

सिंह ने कहा कि भारत के साथ जम्मू कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने में अनुच्छेद 370 को निरस्त करना सबसे बड़ा कदम था. उन्होंने कहा कि किसी भी अन्य पहचान से पहले भारत आता है.

उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों की सबसे बड़ी उपलब्धि अनुच्छेद 370 को हटना है. इसके लिए इच्छाशक्ति और दृढ़ता की जरूरत है.’

जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘हमारा अगला एजेंडा पीओके को दोबारा हासिल करना और इसे भारत का अभिन्न अंग बनाना है.’

सिंह ने कहा, ‘अगर आज जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिंदा होते तो वे दुनिया को बताते कि मोदी और अमित शाह ने अनुच्छेद 370 हटा दिया है.’

उन्होंने कहा, ‘जहां तक आतंकवाद का संबंध है, पाकिस्तान जम्मू कश्मीर में भारत की जमीन से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और प्रायोजित कर रहा है. पाकिस्तान में कुछ नेताओं द्वारा जो कहा जा रहा है, उस पर विदेश मंत्रालय करीब से नजर रखे हुए है. उनके बयानों में कोई दम नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘अब समय आ गया है कि इतिहास यह निर्णय करेगा कि नेहरू सही थे या मुखर्जी. फैसला लेने का समय आ गया है.’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कश्मीर न तो बंद है और न ही कर्फ्यू के साए में है, बल्कि वहां सिर्फ कुछ पाबंदियां लगी हुई हैं. सिंह ने देश विरोधी ताकतों को चेतावनी दी कि उन्हें जल्द उस मानसिकता को बदलना होगा कि वे कुछ भी करने के बाद बच निकलेंगे.

सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘हमें ऐसे बयानों (कश्मीर कर्फ्यू के साए में है और पूरी तरह से बंद है) की निंदा करने की जरूरत है. कश्मीर बंद नहीं है. वहां कर्फ्यू नहीं है. अगर कर्फ्यू होता तो लोगों को ‘कर्फ्यू पास’ के साथ बाहर निकलना होता.’

उन्होंने कहा कि कश्मीर में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं. इंटरनेट सेवा बंद रखने के बारे में उन्होंने कहा, ‘हम इसे जल्द से जल्द बहाल करना चाहते हैं. एक कोशिश की गई थी लेकिन सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो डाले जाने लगा और फैसले की दोबारा समीक्षा करनी पड़ी.’

सिंह ने कहा कि सरकार इन पाबंदियों को खत्म करने और इंटरनेट पर रोक हटाने को इच्छुक है.

आतंकियों द्वारा आम लोगों की हत्या के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें पाकिस्तान का हाथ है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘यह मानसिकता है कि आप कुछ भी करके बच निकलेंगे. अब आप बच कर निकल नहीं पाएंगे, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए आपको कीमत चुकानी होगी.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)