गौतम नवलखा

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

तेलतुम्बड़े, नवलखा के सरेंडर को लेकर सीजेआई को पत्र लिख कार्यकर्ताओं ने कहा- ये बेहद अमानवीय

सीजेआई एसए बोबडे को लिखे पत्र में इतिहासकार रोमिला थापर और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमें इस बात की पीड़ा है कि हमारी अदालतों ने उन लोगों को निरंतर कारावास की सज़ा दी है, जिन्होंने बे-आवाज़ और हाशिये के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की हिम्मत की है.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: गौतम नवलखा और आनंद तेल्तुम्बड़े को एक हफ्ते में समर्पण करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट में नागरिक अधिकारी कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा और आनंद तेलतुम्बड़े के वकील की ओर से कहा गया है कि दोनों पुरानी बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें समर्पण करने के लिए अधिक समय की ज़रूरत है.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: गौतम नवलखा और आनंद तेलतुम्बड़े की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में सप्रीम कोर्ट की पीठ ने नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा और आनंद तेल्तुम्बड़े को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा है. दोनों को अपने पासपोर्ट तत्काल जमा कराने का भी निर्देश दिया गया है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे. (फोटो: पीटीआई)

भीमा-कोरेगांव: कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की जांच केंद्र को देने के बाद बोले उद्धव- नहीं सौंपेंगे हिंसा मामला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि एल्गार और भीमा-कोरेगांव दो अलग विषय हैं. मेरे दलित भाइयों से जुड़ा मुद्दा भीमा-कोरेगांव का है और इसे मैं केंद्र को नहीं सौंपूंगा. मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि दलित भाइयों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा, आनंद तेलतुंबडे की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गार परिषद के कथित माओवादी संपर्क मामले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की अवधि चार सप्ताह के लिए बढ़ा दी ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें.

माओवादियों से संबंध और प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर धावले, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन महेश राउत और रोना विल्सन (बाएं से दाएं)

भीमा कोरेगांव: एनआईए ने एफआईआर से राजद्रोह के आरोप हटाए, यूएपीए के तहत 11 पर मामला दर्ज

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में इस मामले में गिरफ़्तार नौ सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा और प्रोफेसर आनंद तेलतुम्बड़े को भी आरोपी बनाया गया है.

भीमा-कोरेगांव में बना विजय स्तंभ. भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में पेशवा बाजीराव द्वितीय पर ईस्ट इंडिया कंपनी ने जीत दर्ज की थी. इसकी याद में कंपनी ने विजय स्तंभ का निर्माण कराया था, जो दलितों का प्रतीक बन गया. कुछ विचारक और चिंतक इस लड़ाई को पिछड़ी जातियों के उस समय की उच्च जातियों पर जीत के रूप में देखते हैं. हर साल 1 जनवरी को हजारों दलित लोग श्रद्धाजंलि देने यहां आते हैं. (फोटो साभार: विकीपीडिया)

एल्गार परिषद मामले के दस्तावेजों के लिए एनआईए ने विशेष यूएपीए अदालत में की अपील

एनआईए अधिकारियों के एक दल ने सोमवार को पुणे सिटी पुलिस को आधिकारिक रूप से सूचित किया था कि एजेंसी एल्गार परिषद मामले की जांच करेगी, जिसमें पुणे पुलिस ने अब तक 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनके प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी से कथित संबंधों के लिए नौ लोगों को गिरफ्तार किया है.

भीमा-कोरेगांव में बना विजय स्तंभ. भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में पेशवा बाजीराव द्वितीय पर ईस्ट इंडिया कंपनी ने जीत दर्ज की थी. इसकी याद में कंपनी ने विजय स्तंभ का निर्माण कराया था, जो दलितों का प्रतीक बन गया. कुछ विचारक और चिंतक इस लड़ाई को पिछड़ी जातियों के उस समय की उच्च जातियों पर जीत के रूप में देखते हैं. हर साल 1 जनवरी को हजारों दलित लोग श्रद्धाजंलि देने यहां आते हैं. (फोटो साभार: विकीपीडिया)

केंद्र ने एनआईए को सौंपा भीमा-कोरेगांव मामला, महाराष्ट्र सरकार ने जताई आपत्ति

महाराष्ट्र की शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार द्वारा भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र की समीक्षा के लिए की गई बैठक के एक दिन बाद शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी.

Mumbai: Nationalist Congress Party President Sharad Pawar addresses a press conference, in Mumbai, Wednesday, Sept. 25, 2019. The Enforcement Directorate (ED) has filed a money laundering case against  Sharad Pawar, his nephew Ajit Pawar and others in connection
with the Maharashtra State Cooperative Bank (MSCB) scam case. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI9_25_2019_000122B)

एल्गार परिषद में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी गलत, पुलिस कार्रवाई की एसआईटी से जांच हो: पवार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘राजद्रोह के आरोप में कार्यकर्ताओं को जेल भेजना गलत है. लोकतंत्र में अपनी असहमति का सख्ती से विरोध दर्ज कराने की इजाजत है. यह पुलिस आयुक्त और कुछ अधिकारियों द्वारा शक्ति का दुरुपयोग है.’

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फोटो: पीटीआई)

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगेः उद्धव ठाकरे

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक प्रकाश गजभिये ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर भीमा कोरेगांव मामले में कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग की थी.

Mumbai: Dalit groups protesting at Thane railway station during the Maharashtra Bandh on Wednesday following clashes between two groups in Bhima Koregaon near Pune, in Mumbai. PTI Photo(PTI1_3_2018_000115B)

भीमा-कोरेगांव: एनसीपी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाने की मांग की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लिखे पत्र में एनसीपी नेता और विधायक धनंजय मुंडे ने दावा किया कि राज्य की पिछली देवेंद्र फड़णवीस सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत भीमा-कोरेगांव घटनाक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ ‘झूठे’ मामले दर्ज किए थे.

सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा. (फोटो: पीटीआई)

भीमा कोरेगांव मामला: मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की गिरफ्तारी पर दो दिसंबर तक रोक

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत की मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तारीख निर्धारित की है. नवलखा की याचिका के साथ ही मामले में सह आरोपी आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर भी सुनवाई होगी.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

भीमा कोरेगांव मामला: अदालत ने मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की जमानत याचिका खारिज की

पुणे की विशेष अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया नवलखा के खिलाफ ऐसे सबूत हैं जो साबित करते हैं कि वे प्रतिबंधित संगठन के एक सदस्य ही नहीं बल्कि सक्रिय नेता हैं. इसलिए उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है. भीमा कोरेगांव हिंसा मामला में गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी से संरक्षण मिला हुआ था.

माओवादियों से संबंध और प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर धावले, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन महेश राउत और रोना विल्सन (बाएं से दाएं)

भीमा कोरेगांव मामला: छह सामाजिक कार्यकर्ताओं की ज़मानत याचिका ख़ारिज

माओवादियों से कथित संबंध के आरोप में गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस दलील के साथ याचिकाएं दायर की थीं कि पुलिस उनके ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाई है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

भीमा कोरेगांव: सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा की गिरफ्तारी से संरक्षण की अवधि चार सप्ताह बढ़ाई

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में महाराष्ट्र सरकार के वकील ने जब मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को और अंतरिम संरक्षण दिए जाने का विरोध किया तो सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक उनसे पूछताछ क्यों नहीं की.