Arvind Subramanian

New Delhi: Chief Economic Advisor Arvind Subramanian addresses a press conference, in New Delhi, on Wednesday, June 20, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2018_000134B)

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने जीडीपी पर अरविंद सुब्रमण्यम के दावे को ख़ारिज किया

देश के पूर्व मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा था कि साल 2011-12 से 2016-17 के दौरान देश के जीडीपी आंकड़े को काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया. इस दौरान जीडीपी सात फीसदी नहीं, बल्कि 4.5 फीसदी बढ़ी है.

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम (फोटो: पीटीआई)

2011-12 से 2016-17 के बीच में जीडीपी 7 फीसदी नहीं, बल्कि 4.5 फीसदी दर से बढ़ी: अरविंद सुब्रमण्यम

देश के पूर्व मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम का कहना है कि साल 2011-12 से 2016-17 के दौरान देश के जीडीपी आंकड़े को काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया. इस दौरान जीडीपी सात फीसदी नहीं, बल्कि 4.5 फीसदी की दर से बढ़ी है.

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नोटबंदी से हुआ था जीडीपी वृद्धि दर को नुकसान: रिपोर्ट

अमेरिका के राष्ट्रीय आर्थिक शोध ब्यूरो द्वारा जारी एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि नोटबंदी के बाद 2016 में नवंबर-दिसंबर महीने के दौरान रोजगार सृजन में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी.

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कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी बोले, नोटबंदी की योजना बेहतर तरीके से बनाई जाती, तो नतीजा और होता

नोटबंदी के दो साल बाद प्रमुख बैंकर उदय कोटक ने 2000 रुपये का नोट लाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आप 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर रहे हैं, तो उससे बड़ा नोट लाने की क्या ज़रूरत थी?

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम (फोटो: पीटीआई)

नोटबंदी-जीएसटी से अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी, मंदी झेलने को तैयार रहें: पूर्व आर्थिक सलाहकार

केंद्र की मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था इस समय संकट में है. उसे मंदी झेलने को तैयार रहना चाहिए.

FILE PHOTO: A security personnel member stands guard at the entrance of the Reserve Bank of India (RBI) headquarters in Mumbai, India, August 2, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

रिज़र्व बैंक की प्रतिष्ठा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा सही हो: अरविंद सुब्रमण्यम

अपनी आने वाली किताब ‘ऑफ काउंसल: द चैलेंजेस ऑफ द मोदी-जेटली इकोनॉमी’ में पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि आईएलएंडएफएस की ताजा विफलता से न केवल वाणिज्यिक बल्कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां भी प्रभावित हुईं. इन विफलताओं के लिए रिज़र्व बैंक को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम (फोटो: पीटीआई)

पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार बोले, अर्थव्यवस्था के लिए झटका थी नोटबंदी

नोटबंदी के समय देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यम ने बताया कि नोटबंदी से पहले दर्ज हुई 8% की आर्थिक वृद्धि इस फैसले के बाद 6.8 % पर पहुंच गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था की रफ़्तार धीमी हुई.

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (फोटो: पीटीआई)

बढ़ते एनपीए पर जानकारी के लिए संसदीय समिति ने रघुराम राजन को बुलाया

भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कई मौको पर नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की है. राजन ने कहा था कि नोटबंदी पर सोच-समझकर फैसला नहीं लिया गया.

भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी. (फोटो: पीटीआई)

जोशी की अगुवाई वाली समिति ने एनपीए पर अरविंद सुब्रमण्यम और हसमुख अधिया को भेजा समन

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अगुवाई वाली लोकसभा की प्राक्कलन समिति भारत में बैड लोन की मात्रा और जान-बूझकर दिवालिया होने के मामले की जांच कर सकती है.

New Delhi: Chief Economic Advisor Arvind Subramanian addresses a press conference, in New Delhi, on Wednesday, June 20, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2018_000134B)

अरविंद सुब्रमण्यम को भारतीय मूल्यों की समझ नहीं, किसानों की अनदेखी की: स्वदेशी जागरण मंच

आरएसएस से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच ने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम द्वारा अपना पद छोड़ने के फैसले पर कहा कि इस पद पर अगला व्यक्ति वो हो जिसे भारत के किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों पर विश्वास हो.

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम (फोटो: पीटीआई)

मुख्य आर्थिक सलाहकार अ​रविंद सुब्रमण्यम का इस्तीफ़ा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फेसबुक पर दी जानकारी, बताया- मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम पारिवारिक वजहों से अमेरिका लौट रहे हैं.

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क्या मोदी सरकार का ‘इंडिया शाइनिंग’ पल आ चुका है?

1999 में एनडीए-1 ने 8% जीडीपी वृद्धि दर के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी, लेकिन बाद के तीन वित्तीय वर्षों के बीच जीडीपी वृद्धि दर में तेज़ गिरावट देखी गई. यही कहानी एनडीए-2 में भी दोहराई जा रही है.

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केंद्र सरकार के पास रोज़गार को लेकर सटीक आंकड़ा नहीं है

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय ने कहा कि हमारे पास रोज़गार को लेकर ठोस आंकड़ा नहीं है.