Chief Justice J K Maheshwari

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश: मुख्यमंत्री के परिवार की कंपनी को मिला सरकारी ख़रीद के ऑर्डर का बड़ा हिस्सा

भारती सीमेंट कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी के परिवार की 49 फीसदी हिस्सेदारी है और उनकी पत्नी कंपनी की निदेशक हैं. अप्रैल 2020 से 18 जनवरी 2021 तक राज्य द्वारा सीमेंट की ख़रीद के लिए दिए गए कुल ऑर्डर में से 14 फीसदी इस कंपनी को मिले हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

आंध्र प्रदेश में संवैधानिक संकट की पड़ताल के हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट आंध्र प्रदेश सरकार की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा राज्य में संवैधानिक संकट होने या नहीं होने की जांच करने का आदेश दिए जाने को चुनौती दी गई है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

अमरावती ज़मीन घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्टिंग पर लगी पाबंदी हटाई

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में बीते 15 सितंबर को किसी तरह की मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगा दी थी. साथ ही किसी तरह की जांच और किसी आरोपी के ख़िलाफ़ कार्रवाई न करने का भी आदेश दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा जांच पर लगाई गई रोक के आदेश में कोई हस्तक्षेप नहीं किया.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट और आंध्र हाईकोर्ट के जजों पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने एक शिकायत में कहा था कि राज्य में अहम पदों पर बैठे कुछ महत्वपूर्ण लोगों ने जानबूझकर सुप्रीम और हाईकोर्ट के कुछ जजों पर आदेश सुनाने में जाति व भ्रष्टाचार संबंधी आरोप लगाए. हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच राज्य सीआईडी से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई है.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी, सुप्रीम कोर्ट. जस्टिस यूयू ललित. (फोटो: रॉयटर्स, फेसबुक)

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ याचिकाओं की सुनवाई से जस्टिस यूयू ललित ने ख़ुद को अलग किया

सुप्रीम कोर्ट में दर्ज तीन याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने न केवल न्यायपालिका के ख़िलाफ़ आरोप लगाते हुए सीजेआई को पत्र लिखा, बल्कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में झूठे बयान भी दिए.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल. (फोटो: पीटीआई)

अटॉर्नी जनरल ने नहीं दी जगन रेड्डी के ख़िलाफ़ अवमानना कार्यवाही की इजाज़त, कहा- पत्र अवज्ञाकारी

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि पत्र की टाइमिंग और प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिये इसे सार्वजनिक करना बिल्कुल संदिग्ध कहा जा सकता है. पर ये पत्र सीजेआई बोबडे को लिखा गया था और वे इन आरोपों से वाक़िफ हैं, इसलिए अटॉर्नी जनरल द्वारा अवमानना कार्यवाही की इजाज़त देना उचित नहीं होगा.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश: भाजपा नेता ने कहा- मुख्यमंत्री पर अवमानना कार्यवाही शुरू करें अटॉर्नी जनरल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने पिछले दिनों देश के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ जस्टिस एनवी रमन्ना उनकी सरकार गिराने की साज़िश कर रहे हैं और राज्य के हाईकोर्ट की पीठों को प्रभावित कर रहे हैं.

जस्टिस एनवी रमन्ना. (फोटो: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश सीएम के आरोपों के बाद जस्टिस रमन्ना ने कहा, जजों में दबाव झेलने की खूबी होनी चाहिए

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज एनवी रमन्ना उनकी सरकार को गिराने की साज़िश कर रहे हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक)

आंध्र प्रदेश: वाईएसआर कांग्रेस नेताओं की जजों पर टिप्पणी पर कोर्ट ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर न्यायपालिका पर की गईं टिप्पणियों की सीबीआई जांच का आदेश देते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अप्रैल से ही उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा जजों के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं. यह दर्शाता है कि न्यायपालिका के ख़िलाफ़ जंग छेड़ दी गई है.

जगन रेड्डी, जस्टिस एनवी रमन्ना और एन. चंद्रबाबू नायडू. (फोटो: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश: मुख्यमंत्री ने सीजेआई को लिखा- सरकार गिराने की साज़िश कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट जज

मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने सीजेआई एसए बोबड़े को लिखे पत्र में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमन्ना पर भ्रष्टाचार और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू की ओर से उनकी सरकार गिराने की साज़िश रचने के आरोप लगाए हैं. जगन का यह भी आरोप है कि जस्टिस रमन्ना राज्य की न्यायपालिका को प्रभावित कर रहे हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक)

अमरावती ज़मीन घोटाला मामले में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्टिंग पर पाबंदी लगाई

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का यह आदेश भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो द्वारा एक पूर्व क़ानून अधिकारी और अन्य आरोपियों पर दर्ज एफआईआर के संदर्भ में है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ब्यूरो उनके ख़िलाफ़ ग़लत इरादे से काम कर रहा है और पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने के साथ मीडिया ट्रायल में बदला जा रहा है.