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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. ​​(फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका: ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी और अन्य वर्क वीज़ा पर प्रतिबंध 31 मार्च तक बढ़ाया

अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कार्यकाल के केवल 20 दिन बाकी रहने के दौरान प्रतिबंधों का जारी रखना अमेरिका में प्रवासियों के प्रवेश को रोकने का हालिया प्रयास है. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्रंप की प्रवासी नीति को क्रूर बताते हुए एच-1 बी वीज़ा पर लगे प्रतिबंधों को हटाने का वादा किया है.

New Delhi: Activist Shehla Rashid during opposition parties' protest, demanding the release of leaders detained in J&K, at Jantar Mantar in New Delhi, Thursday, Aug 22, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI8_22_2019_000035B)

शहला राशिद के ख़िलाफ़ अपमानजनक और निजी सामग्री प्रकाशित करने से उनके पिता और मीडिया पर रोक

शहला राशिद, उनकी मां ज़ुबेदा अख़्तर और बहन अस्मा राशिद ने यह कहते हुए मुक़दमा दायर किया था कि उनके पिता अब्दुल राशिद शोरा झूठे और तुच्छ आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को कम करने का काम कर रहे हैं, जिसमें उन्हें राष्ट्रविरोधी कहना तक शामिल है. प्रतिवादियों में अब्दुल, कुछ मीडिया आउटलेट्स, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और गूगल शामिल हैं.

(फोटो: द वायर)

भारत टेक्नोलॉजी और डेटा कंपनियों के एकाधिकार के ख़तरे को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ नहीं कर सकेगा

अमेरिका में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए एंटी-ट्रस्ट क़ानूनों में बड़े बदलाव किए गए हैं, लेकिन भारत में कॉम्पिटीशन कमीशन ने डेटा और डिजिटल कारोबार क्षेत्र में वर्चस्व के दुरुपयोग की बस संभावना जताई है. डिजिटल एकाधिकार के लिए कोई तय नियम न होने से ऐसी कोई घटना होने के बाद कार्रवाई करना कठिन हो सकता है.

(फोटो: रॉयटर्स)

गूगल प्लेस्टोर से हटाए जाने के कुछ घंटों के भीतर ही पेटीएम की वापसी

गूगल ने देश के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विस ऐप पेटीएम को प्लेस्टोर से हटा दिया था. गूगल का कहना था कि उन्होंने यह फैसला पेटीएम द्वारा लगातार कंपनी की नीतियों के उल्लंघन की वजह से लिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ट्रंप ने एच-1बी और अन्य वीज़ा पर साल के अंत तक रोक लगाई, भारतीय आईटी पेशेवर होंगे प्रभावित

एच-1बी वीज़ा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कामगारों को नियुक्त करने की अनुमति देता है. अमेरिका में होने वाले चुनाव के मद्देनज़र अमेरिकी कामगारों के लिए नौकरियां सुरक्षित रखने के मक़सद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह क़दम उठाया गया है. गूगल के सीआईओ सुंदर पिचाई ने इस फैसले पर निराशा जताई है.

शालिनी गेरा, डिग्री प्रसाद चौहान, पार्था सरोथी राय और निहाल सिंह राठौड़.

भीमा-कोरेगांव मामले से जुड़े नौ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को स्पाइवेयर से निशाना बनाया गया: रिपोर्ट

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भीमा गोरेगांव मामले में गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए काम करने वाले नौ लोगों को स्पाइवेयर का निशाना बनाया गया था. उन्होंने मांग की है कि इसकी स्वतंत्र जांच हो और पता लगाया जाए कि क्या इन स्पाइवेयर अभियानों और किसी ख़ास सरकारी एजेंसी के बीच कोई संबंध है.

New Delhi: Students stage a protest at main Gate of JNU over Sunday's violence,  in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus of the University in New Delhi, Sunday evening.(PTI Photo/Atul Yadav)(PTI1_6_2020_000147B)

जेएनयू हिंसा फुटेज सुरक्षित रखने की याचिका पर हाईकोर्ट का वॉट्सऐप, गूगल, एप्पल, पुलिस को नोटिस

पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि हिंसा का सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने के उसके अनुरोध पर जेएनयू प्रशासन की ओर से अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है. वहीं, उसने व्हाट्सऐप को भी लिखित अनुरोध भेजकर उन दो ग्रुप का डेटा सुरक्षित रखने को कहा है जिन पर जेएनयू में हिंसा की साज़िश रची गई थी.

(फोटोः रॉयटर्स)

एक्सक्लूसिव: वॉट्सऐप ही नहीं, ईमेल के ज़रिये भी हुई पत्रकार और वकीलों की जासूसी

एमनेस्टी इंटरनेशनल की डिजिटल टीम द्वारा किए गए अध्ययन में सामने आया है कि कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों, जिनमें से अधिकतर भीमा कोरेगांव मामले से जुड़े हैं, को संदिग्ध ईमेल के ज़रिये एक ऐसा मैलवेयर भेजा गया था, जिससे उनके कम्प्यूटर को नियंत्रण में लिया जा सके.

(फोटो: रॉयटर्स)

जुलाई से सितंबर के बीच गूगल ने भारतीयों को दी थी सरकार समर्थित साइबर हमले की चेतावनी

यह मामला वॉट्सऐप के उस खुलासे के बाद सामने आया है, जिसमें एक इज़राइली स्पाइवेयर पेगासस से कम से कम 121 भारतीय पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की बात सामने आई थी. खास बात यह थी कि इज़राइली कंपनी अपना स्पाइवेयर सिर्फ सरकारी एजेंसियों को बेचती है.

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आरफ़ा का इंडिया: क्या आधार से लिंक होगा सोशल मीडिया अकाउंट?

फेसबुक ने सोशल मीडिया प्रोफाइल आधार से जोड़ने की मांग का विरोध किया है, वहीं सुप्रीम कोर्ट भी फेसबुक की उस याचिका पर सुनवाई पर सहमत हो गया है जिसमें यूजर के सोशल मीडिया अकाउंट को आधार से जोड़ने की मांग के मामलों को सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरित करने की बात कही गई है. इस मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सोशल मीडिया प्रोफाइल को आधार से जोड़ने की मांग का मामला

सुप्रीम कोर्ट फेसबुक की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है जिसमें यूजर के सोशल मीडिया अकाउंट को आधार नंबर से जोड़ने की मांग करने वाले मामलों को सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की गई है. तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि सोशल मीडिया अकाउंट को उसके यूजर के आधार नंबर से जोड़ने की आवश्यकता है.

Kanyakumari: Workers place a huge portrait of Prime Minister Narendra Modi along a road ahead of his rally, in Kanyakumari, Thursday, Feb. 28, 2019. (PTI Photo)(PTI2_28_2019_000137B)

फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापनों पर ख़र्च 10 करोड़ रुपये के पार, ख़र्च करने में भाजपा सबसे आगे

‘फेसबुक एंड लाइब्रेरी’ रिपोर्ट के अनुसार, इस साल फरवरी से 30 मार्च के बीच 51,810 राजनीतिक विज्ञापनों पर 10.32 करोड़ रुपये से ज़्यादा ख़र्च किए गए, जिसमें भाजपा और उसके समर्थक विज्ञापनों पर बड़ा हिस्सा ख़र्च कर रहे हैं.

गूूगल के सीईओ सुंदर पिचई. (फोटो: रॉयटर्स)

गूगल ने बताया, यौन उत्पीड़न के आरोप में पिछले दो साल में 48 लोगों को नौकरी से निकाला

गूगल की ओर से यह बयान एक ख़बर के जवाब में आया है जिसमें कहा गया था कि गूगल के वरिष्ठ कर्मचारी और एंड्रॉयड का निर्माण करने वाले एंडी रुबिन पर आरोप लगने के बाद उन्हें नौ करोड़ डॉलर का एग्ज़िट पैकेज देकर कंपनी से हटाया गया.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी. (फोटो: पीटीआई)

गूगल नारद की तरह जानकारी का स्रोत है: विजय रूपाणी

अहमदाबाद में आरएसएस द्वारा आयोजित देवर्षि नारद जयंती में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि मानवता की भलाई के लिए जानकारियां जुटाते थे नारद. इससे पहले रूपाणी राम के तीरों को इसरो के रॉकेट जैसा बता चुके हैं.

E Commerce Companies Reuters

ई-कॉमर्स एकाधिकार और उपनिवेशवाद का ख़तरनाक ज़रिया है

डब्ल्यूटीओ की आगामी मंत्री वार्ता में ई-कॉमर्स को विषय के रूप में शामिल करने की ख़तरनाक कवायद इसलिए है ताकि सूचना तकनीक कंपनियों के एकाधिकार को मान्यता दिलाई जा सके.