Jharkhand Government

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पत्थलगड़ी आंदोलन से भाजपा सरकारें क्यों डरी हुई हैं?

पत्थलगड़ी आंदोलन के रूप में जनता द्वारा अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल ने कई ऐसे सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देना सरकारों के लिए मुश्किल हो गया है.

New Delhi: Tribal community people raise slogans during a protest over their various demands in New Delhi on Sunday. PTI Photo by Ravi Choudhary   (PTI4_1_2018_000047B)

झारखंड: भाजपा पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों की स्वशासन प्रणाली को ध्वस्त कर रही है

पेसा क़ानून पारित होने के दो दशक बाद भी झारखंड में यह एक सपना मात्र है. राज्य के 24 में से 13 ज़िले पूर्ण रूप से और तीन ज़िलों का कुछ भाग अनुसूचित क्षेत्र है, लेकिन अभी तक राज्य में पेसा की नियमावली तक नहीं बनाई गई है.

Khunti: Tribals hold bows and arrows near a Patthalgarhi spot at Maoist-affected village Siladon under Khunti district of Jharkhand on Tuesday. The Patthalgarhi movement says that the “gram sabha” has more weight than either the Lok Sabha or the Vidhan Sabha in scheduled areas. PTI Photo (PTI5_1_2018_000146B)

पत्थलगड़ी आंदोलन का उभार राजभवनों की निष्क्रियता का परिणाम है

कुछेक अपवाद छोड़ दिए जाएं तो संविधान लागू होने के बाद से आज तक किसी भी राज्य के राज्यपाल ने पांचवीं अनुसूची के तहत मिले अपने अधिकारों और दायित्वों का निर्वहन आदिवासियों के पक्ष में करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है.

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झारखंड: परमवीर अल्बर्ट एक्का का स्मारक बनाने के प्रति सरकार उदासीन क्यों है?

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड में परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का के समाधि-स्मारक निर्माण की आधारशिला रखे जाने के 27 महीने बाद वहां एक ईंट भी नहीं जोड़ी जा सकी है. अब सामाजिक स्तर पर जन समर्थन और आर्थिक सहायता जुटाकर इसके निर्माण का अभियान शुरू किया जा रहा है.

हांसदा सोवेंद्र शेखर और किताब ‘द आदिवासी विल नॉट डांस’ का कवर (फोटो साभार: फेसबुक)

ट्रोल करने वाले और मेरे पुतले जलाने वाले मुझे और लिखने के लिए प्रेरित करते हैं: हांसदा सोवेंद्र

लेखक हांसदा सोवेंद्र शेखर की किताब ‘द आदिवासी विल नॉट डांस’ पर संथाल आदिवासी समुदाय की महिलाओं का ग़लत चित्रण करने का आरोप लगा था.

वेतन न मिलने के विरोध में झारखंड मदरसा टीचर्स एसोसिएशन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है. (फोटो: नितिन​ सिन्हा)

झारखंड में मदरसा शिक्षकों को पिछले 10 माह से नहीं मिला वेतन

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड के 186 अराजकीय मदरसा शिक्षकों को दस महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. शिक्षकों का आरोप है कि मदरसों के सत्यापन के नाम पर वेतन रोका गया है.

हंसदा सोवेन्द्र शेखर 'द आदिवासी विल नॉट डांस' (फोटो: फेसबुक/स्पीकिंग टाइगर)

झारखंड: हांसदा सोवेंद्र शेखर की किताब ‘द आदिवासी विल नॉट डांस’ में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं

झारखंड सरकार जल्द हटाएगी प्रतिबंध, किताब को अश्लील बताते हुए चार महीने पहले लगा दिया था बैन.

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झारखंड सरकार गांधी की छवि और जनता का पैसा ईसाईयों के ख़िलाफ़ नफरत फैलाने में इस्तेमाल कर रही है

11 अगस्त को झारखंड के अधिकतर हिंदी अख़बारों में छपे एक सरकारी विज्ञापन में गांधी के नाम से धर्मांतरण के संबंध में वो बातें लिखी गईं, जो उन्होंने कभी कही ही नहीं थीं.