Ministry of Social Justice and Empowerment

Dharamsala : Prime Minister Narendra Modi waves at crowd during BJP Parivartan Rally at Rait near Dharamsala on Saturday. PTI Photo (PTI11_4_2017_000099B)

आज़ादी के इतने साल बाद भी घुमंतू जनजातियां विकास से कोसों दूर क्यों हैं?

केंद्र की मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया गया. जबकि 20 करोड़ विमुक्त और घुमंतू जनजातियों की कोई फ़िक्र किसी भी राजनीतिक दल और सरकार को नहीं है.

(फोटो: जाह्नवी सेन/द वायर)

क्या सरकार मैला ढोने वालों की संख्या जानबूझकर कम बता रही है?

केंद्र के अधीन काम करने वाली संस्था नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने बताया कि 163 ज़िलों में कराए गए सर्वे में 20,000 लोगों की पहचान मैला ढोने वालों के तौर पर हुई है. हालांकि संस्था ने ये आंकड़ा नहीं बताया कि कितने लोगों ने दावा किया था कि वे मैला ढोने के काम में लगे हुए हैं.

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मोदी सरकार ने चार साल में मैला ढोने वालों के पुनर्वास के लिए एक रुपया भी जारी नहीं किया

विशेष रिपोर्ट: आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान मैला ढोने वालों के पुनर्वास के लिए कोई राशि जारी नहीं की गई है. इससे पहले आखिरी बार 2013-14 यानी यूपीए कार्यकाल में जारी 55 करोड़ रुपये में से 24 करोड़ रुपये अभी तक खर्च नहीं हुए हैं.

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भारत में दलितों की परवाह किसे है?

अनेक ‘शुभचिंतक’ दलों के बावजूद भेदभावों के ख़िलाफ़ दलितों की लड़ाई अभी लंबी ही है. ये ‘शुभचिंतक’ दल दलितों के वोट तो पाना चाहते हैं लेकिन उन पर हो रहे अत्याचारों के लिए जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

मीडिया ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल न करे, निर्देश जारी करने पर विचार करे सरकार: बॉम्बे हाईकोर्ट

याचिकाकर्ता ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी उस परिपत्र का हवाला दिया था जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

‘दलित’ शब्दावली का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि संविधान में इसका उल्लेख नहीं: सरकार

केंद्र ने राज्य और केंद्र सरकार के विभागों से सरकारी कामकाज और दस्तावेजों में अनुसूचित जाति से जुड़े सभी लोगों के लिए ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल करने से बचने का निर्देश दिया है.